महिला कांग्रेस ने पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को लिखा पत्र

पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को लिखित पत्र मैं महिला कांग्रेस ने कहा कि पहले प्रशासन सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक करें उसके बाद शहर की जनता पर कोई फैसला थोपे

दीपा दुबे ने प्रशासक से अपील की पर्यावरण दिवस पर शहर में चल रही सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक किया जाए वह सबसे बड़ा पर्यावरण दिवस पर शहर के लिए उपहार होगा और इससे ग्रीन सिटी प्रदूषण मुक्त होगी

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह) : चंडीगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्षा दीपा दुबे ने पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित को पत्र लिखते हुए कहा कि शहर में चल रही सरकारी गाड़ियों को पहले इलेक्ट्रिक किया जाए उसके बाद शहर की जनता पर कोई नया फैसला लागू किया जाए।
महिला कांग्रेस की प्रधान ने पर्यावरण दिवस के मौके पर शहर में पर्यावरण को बचाने के लिए प्रशासन और नगर निगम के वाहनों को पहले इलेक्ट्रिक होना चाहिए हाल ही में नगर निगम ने नए वाहन खरीदने हैं जोकि डीजल या पेट्रोल से चलते हैं दीपा ने कहा कि क्या सरकार एक तरफ तो स्मार्ट सिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों का संदेश चंडीगढ़ शहर में दे रहे हैं पेट्रोल में डीजल से चलने वाले उपकरण की रजिस्ट्रेशन भी आरएलए बंद करने जा रहा है। लेकिन नगर निगम और प्रशासन क्यों नहीं इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहा शहर में जगह जगह इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने के पॉइंट बनाए गए हैं लेकिन प्रशासन और नगर निगम खुद तो वाहन खरीद नहीं रहा लेकिन आम जनता पर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का दबाव दिन प्रतिदिन बना रहा है ।
महिला कांग्रेस की प्रधान दीपा दुबे ने पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को कहां है की घरों से कचरा कलेक्शन के लिए जो वाहन इस्तेमाल हो रहे हैं भविष्य में उन्हें नगर निगम बैटरी से चलने वाले वाहनों में बदल दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि पहली गलती तो नगर निगम और प्रशासन की यह रही कि 390 के पार वाहन डीजल से चलते हैं जो कि शहर की सड़कों पर चलकर ट्रैफिक ब‌ढा रहे हैं। और इससे पर्यावरण पर भी बहुत असर पढ़ रहा है। उनका तर्क है कि जब शहर में इलेक्ट्रिक बस से लेकर शहर में ई-रिक्शा चलाई जा रही है तो यह 390 वाहन और जो कुछ समय पहले ही नगर निगम ने डॉग कैचर और काऊ कैचर के रूप में गाड़ियां डीजल की खरीदी हैं तब प्रशासन वह नगर निगम के ऑडिट डिपार्टमेंट ने रोक क्यों नहीं लगाई।दीपा ने अपील करते हुए कहा कि कहने से ही चंडीगढ़ शहर स्मार्ट सिटी नहीं बन जाएगा पहले पिता तुल्य प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित शहर में यह लागू करें पर्यावरण दिवस के शुभ दिन पर की सरकारी अधिकारियों की गाड़ी इलेक्ट्रिक होगी उनमें प्रशासक के सलाहकार, शहर के डीसी, शहर की सांसद, नगर निगम की कमिश्नर, शहर के मेयर, और शहर में अन्य उच्च सरकारी अधिकारी की गाड़ियों को इलेक्ट्रिक किया जाए उसके बाद ही शहर की जनता पर कोई फरमान जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की हरियाणा के मुख्यमंत्री को साफ इंकार; ‘‘पंजाब यूनिवर्सिटी में नहीं मिलेगी कोई हिस्सेदारी’’

यूनिवर्सिटी का दर्जा बदलने की कोशिशों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी

अकाली दल को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं क्योंकि उनके मुख्यमंत्री ने पी. यू. को केंद्रीय यूनिवर्सिटी में तबदील करने के लिए दी थी एन. ओ. सी.

इस मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने के लिए कांग्रेस की आलोचना

यूनिवर्सिटी के सुचारू कामकाज के लिए फंडों की कोई कमी नहीं

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगरह (राकेश शाह) : पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के राज्य की भावनात्मक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और समृद्ध विरासत का हिस्सा होने का दावा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को स्पष्ट तौर पर कहा कि उनको क्षेत्र की इस शीर्ष शैक्षिक संस्था यूनिवर्सिटी में हरियाणा के हिस्से की ज़रूरत नहीं है।

यहां पंजाब भवन में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हरियाणा के किसी भी कालेज को यूनिवर्सिटी से मान्यता नहीं दी जायेगी और न ही यूनिवर्सिटी की सैनेट में पिछले दरवाज़े से दाखि़ले के लिये हरियाणा के किसी यत्न को कामयाब होने दिया जायेगा।“

मुख्यमंत्री ने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुये कहा कि यूनिवर्सिटी के दर्जे को बदलने के लगातार यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हितों के मद्देनज़र सरकार ऐसा बिल्कुल नहीं होने देगी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य के 175 कालेज इस यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त हैं, जिस कारण पंजाब की कई पीढ़ियां इससे भावनात्मक तौर पर जुड़ी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी पंजाब और इसकी राजधानी चंडीगढ़ के विद्यार्थियों को शिक्षा देती है। यूनिवर्सिटी के इतिहास, मूल, सामाजिक-सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों और पंजाब के इस यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और अध्यापकों का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी का कानूनी और प्रशासकीय दर्जा पहले की तरह ही रहना चाहिए। उन्होंने याद करवाया कि साल 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के समय इस यूनिवर्सिटी को पंजाब पुनर्गठन एक्ट की धारा 72 (1) के अंतर्गत ’इंटर स्टेट बॉडी कॉर्पोरेट’ घोषित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी अपनी स्थापना से लेकर अब तक पंजाब में निरंतर काम कर रही है। भगवंत मान ने कहा कि विभाजन के बाद इसको पंजाब की तत्कालीन राजधानी लाहौर तबदील किया गया, उसके बाद होशियारपुर और फिर पंजाब की मौजूदा राजधानी चंडीगढ़ में तबदील कर दिया गया था। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का पूरा अधिकार-क्षेत्र मुख्य तौर पर पंजाब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुनर्गठन एक्ट, 1966 की धारा 72 की उप धारा (4) के अनुसार, यूनिवर्सिटी को रख-रखाव घाटे की ग्रांटें को सम्बन्धित राज्यों भाव पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के यू. टी. प्रशासन में क्रमवार 20ः 20ः 20ः 40 के अनुपात में सांझा और अदा किया जाना था। उन्होंने कहा कि 1970 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसी लाल ने अपनी मर्ज़ी से यूनिवर्सिटी में से अपने राज्य का हिस्सा वापस ले लिया था और 1973 में भी हरियाणा ने अपने सैनेट के सदस्यों को यूनिवर्सिटी से वापस बुला लिया था। भगवंत मान ने कहा कि तब से पंजाब और चंडीगढ़ प्रशासन ने यूनिवर्सिटी को क्रमवार 40ः 60 के अनुपात में रख-रखाव घाटे की ग्रांटों का भुगतान करने की वित्तीय ज़िम्मेदारी उठाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के पीछे हटने और राज्य में नयी यूनिवर्सिटियों के निर्माण के कारण बढ़े वित्तीय बोझ के बावजूद पंजाब ने यूनिवर्सिटी के साथ राज्य निवासियों की ऐतिहासिक और भावनात्मक सांझ यकीनी बनाये रखने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी को समर्थन देना जारी रखा। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूनिवर्सिटी को होस्टलों के निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपए दिए हैं, जबकि इसकी कोई माँग भी नहीं की गई थी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार यूनिवर्सिटी के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अंतरराज्यीय दर्जे को बरकरार रखने के लिए हर कदम उठाया जायेगा और किसी को भी इसमें कोई तबदीली नहीं करने दी जायेगी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि राज्य के हित बिकाऊ नहीं हैं, जिसको कोई भी पैसो देकर खरीद लेगा। भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा सरकार की तरफ से यूनिवर्सिटी को ग्रांटों का हिस्सा देने का प्रस्ताव पूरी तरह अस्वीकार्य और अनुचित है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों के उप कुलपतियों को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने एक पत्र के द्वारा यूनिवर्सिटियों को फंड देने से असमर्थता अभिव्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस पत्र में यूनिवर्सिटियों को अपने स्तर पर संसाधन जुटाने के लिए कहा गया जबकि दूसरी तरफ़ हरियाणा पंजाब यूनिवर्सिटी में हिस्सा डालने के लिए उत्सुक है जो इस राज्य के नापाक इरादों को दर्शाता है। भगवंत मान ने कहा कि कोई राज्य जो अपनी यूनिवर्सिटियों का प्रबंध करने के समर्थ नहीं है, वह पंजाब यूनिवर्सिटी जैसी बड़े रुतबे वाली यूनिवर्सिटी को अपनी तरह से कब तक कैसे फंड दे सकता है, जब तक कोई बड़ी एजेंसी उसके लिए गुप्त तरीके से फंडों की व्यवस्था नहीं करती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पद संभालने के बाद केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान को दो पत्र लिख कर कहा था कि यूनिवर्सिटी राज्य की विरासत है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वरूप में किसी भी तरह की तबदीली को रोकने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराते हुये उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य और यहाँ के लोगों के हकों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाब की विरासत का प्रतीक है और राज्य के नाम का पर्यायी है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के मूल स्वरूप को बरकरार रखने के लिए 30 जून, 2022 को पंजाब विधान सभा में एक प्रस्ताव भी पास किया गया था तो यूनिवर्सिटी की सैनेट में किसी भी किस्म की घुसपैठ को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा के लोगों के किसी तरह खि़लाफ़ नहीं है और यह तथ्य भी रिकार्ड पर हैं कि यूनिवर्सिटी में 35 प्रतिशत विद्यार्थी हरियाणा के हैं। भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा अपनी यूनिवर्सिटी को कहीं भी बनाने के लिए आज़ाद है परन्तु उनको पंजाब यूनिवर्सिटी का हिस्सा नहीं बनने दिया जायेगा।

अकाली और कांग्रेसी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुये मुख्यमंत्री ने राज्य और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपने के लिए इनकी सख़्त निंदा की। उन्होंने कहा कि राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल ने 26 अगस्त, 2008 को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा देने की माँग की थी। भगवंत मान ने कहा कि इससे भी आगे जाकर अकाली दल की सरकार ने इस प्रमुख संस्था को केंद्रीय यूनिवर्सिटी में तबदील करने के लिए केंद्र सरकार को कोई ऐतराज़ न होने का पत्र भी जारी किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता किस आधार पर अपनी छाती ठोक रहे हैं जबकि हर कोई जानता है कि उन्होंने पंजाब और इसके लोगों के हितों के विरुद्ध काम किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय यूनिवर्सिटी के लिए एन. ओ. सी. देना देश द्रोह वाला कदम है जिसका उद्देश्य यूनिवर्सिटी पर राज्य के दावे को कमज़ोर करना था। भगवंत मान ने कहा कि अकाली दल को इस मुद्दे पर एक भी शब्द कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं और पार्टियों ने हमेशा राज्य के हितों को खतरे में डाल कर अपने हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुद्दे पर कांग्रेस और अकाली दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने मिसाल देते हुए कहा कि हरियाणा की एक महिला कांग्रेसी विधायक ने अगस्त, 2022 में राज्य के कालेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी की मान्यता देने के लिए अपने राज्य की विधान सभा में प्रस्ताव पेश किया था। भगवंत मान ने कहा कि यह दोनों पार्टियाँ पाखंड करती हैं, जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए राज्य के हितों की हमेशा अनदेखी की है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर और हरजोत बैंस, मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. वेनूप्रसाद, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव रवि भगत और अतिरिक्त विशेष प्रमुख सचिव हिमांशु जैन और अन्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक लोक लहर शुरु करने का न्योता

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समागम की अध्यक्षता की

पर्यावरण और लोगों से सम्बन्धित मसलों को अनदेखा करने के लिए पिछली राज्य सरकारों को घेरा

नॉलेज सिटी में नयी बनी पी. बी. टी. आई. बिल्डिंग लोगों को की समर्पित

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह) : राज्य में आने वाली नस्लों को चिरस्थायी और स्वच्छ पर्यावरण मुहैया करवाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को राज्य में जल और पर्यावरण की संरक्षण के लिए लोक लहर शुरु करने का न्योता दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समागम की अध्यक्षता करते हुये राज्य में भूजल के घट रहे स्तर और दूषित हो रहे पर्यावरण पर गहरी चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ जल जैसे अनमोल और दुर्लभ कुदरती स्त्रोत को बचाने के लिए तत्काल और उचित कदम उठाना पंजाब की प्राथमिकता है। भगवंत मान ने कहा कि यह कार्य केवल सरकार के यत्नों से संभव नहीं हो सकता, बल्कि लोगों को इसके बारे जागरूक करने के लिए एक सशक्त जन जागरूकता मुहिम चला कर लोगों की भागीदारी भी अनिर्वाय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब महान गुरूओं और संतों की पवित्र धरती है, जिन्होंने पर्यावरण के संरक्षण के लिए हमारा मार्गदर्शन किया है। उन्होंने गुरबानी का हवाला देते हुए कहा कि ‘पवन गुरू, पानी पिता, माता धरती महतु’ की तुक बताती है कि कैसे हमारे महान गुरूओं ने हवा ( पवन) को गुरू के साथ, जल को पिता के साथ और धरती को माता के साथ उदाहरण दी है। उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमने महान गुरूओं की वाणी का सम्मान नहीं किया क्योंकि हमने इन तीनों अनमोल बख्शीशों को दूषित कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें राज्य की शान बहाल करने के लिए गुरबानी की शिक्षाओं को यथावत अपनाना चाहिए। पर्यावरण के मसलों को अनदेखा करने के लिए विरोधी पार्टियों की निंदा करते हुये उन्होंने कहा कि जल, वायु और धरती की कोई वोट नहीं है, इसलिए इन नेताओं ने इनको नजरअन्दाज किया है। भगवंत मान ने कहा कि इस कारण इन कुदरती स्त्रोतों का बड़े स्तर पर प्रदूषण हो रहा है, जिससे समाज को अपूर्णीय क्षति हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में ‘ आप’ की सरकार बनने के बाद पर्यावरण को बचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

तेज़ी से घटते जा रहे जल के स्तर के बाद जल की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ तक भूजल का सम्बन्ध है, राज्य के लगभग सभी ब्लाक डार्क जोन में हैं। भगवंत मान ने कहा कि ऐसी स्थिति तभी पैदा हुई क्योंकि हमने भूजल को खेतों में सिंचाई के लिए बड़े ग़ैर-जिम्मेदारान ढंग से इस्तेमाल किया है। भगवंत मान ने कहा कि लापरवाही के इस रुझान को तुरंत रोकने की ज़रूरत है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को जल के लिए जूझना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भूजल को बचाने के लिए नहरी जल के अधिकतम और सुयोग्य प्रयोग के लिए बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस समय पर पंजाब अपने नहरी जल का सिर्फ़ 33-34 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और विस्तार किया जायेगा। भगवंत मान ने आशा अभिव्यक्त की कि यदि पंजाब पहले पड़ाव में नहरी जल के प्रयोग को 60 फीसद तक बढ़ा लेता है तो कुल 14 लाख ट्यूबवैलों में से लगभग चार लाख ट्यूबवैल बंद हो सकते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में जल की बचत करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए तेलंगाना की उदाहरण देते हुये कहा कि यह एक क्रांतिकारी माडल है जिसका मंतव्य भूजल को संपूर्ण रूप में रिचार्ज़ करना है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने राज्य भर में भूजल के उचित संरक्षण के लिए गाँवों में छोटे-छोटे डैम बनाऐ हैं। भगवंत मान ने कहा कि इसके नतीजे के तौर पर गाँवों में भूजल का स्तर चार मीटर तक बढ़ गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नॉलेज सिटी में पंजाब बायोटैक्नालोजी इनक्यूबेटर (पी. बी. टी. आई.) को विश्व स्तरीय उपकरणों वाली नयी बनी अत्याधुनिक इमारत लोगों को समर्पित की। उन्होंने बताया कि इस विलक्षण सुविधा का प्रयोग भोजन, खेती, जल, पर्यावरण और सेहत क्षेत्रों में कीटनाशकों के अवशेष, भारी धातुओं, खाद्य पदार्थों/ मिलावट आदि की जांच के लिए की जायेगी। इसके साथ ही भगवंत मान ने मिशन तंदुरुस्त पंजाब के अंतर्गत पी. बी. टी. आई. द्वारा तैयार किये भोजन और जल के नमूनों की जांच करने वाली मोबाइल वैन को हरी झंडी देकर रवाना भी किया।

इसके इलावा, मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण के अलग-अलग कामों के लिए 50 करोड़ रुपए की राशि भी अलॉट की गई है जिसके अंतर्गत स्थानीय निकाय विभाग (45.45 करोड़ रुपए), ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग (3. 92 करोड़ रुपए) और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड विभाग ( 63 लाख रुपए) को यह राशि दी गई है। उन्होंने पुष्पा गुजराल साईंस सिटी, कपूरथला में इलेक्ट्रानिक गैलरी और पंजाब स्टेट कौंसिल फार साईंस एंड टैक्नोलोजी (पीएससीएसटी) की तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ तैयार किये धान की पराली आधारित पैलेटाईज़ेशन यूनिट (पटियाला) का भी उद्घाटन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आज शहीद भगत सिंह पंजाब राज्य सालाना पर्यावरण पुरुस्कार के पहले ऐडीशन में चार संस्थाओं को सम्मानित किया, जिसके अंतर्गत “ग्राम पंचायत“ की श्रेणी में ग्राम पंचायत, गाँव बल्लो, ज़िला बठिंडा, “संस्था“ की श्रेणी में गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, “उद्योग“ की श्रेणी में आई. टी. सी. लिमटिड (फूड डिवीज़न), कपूरथला और “एन. जी. ओ. / सामाजिक संगठन“ की श्रेणी में खेत विरासत मिशन, जैतो, ज़िला फरीदकोट शामिल हैं।

इस पुरस्कार में हर विजेता संस्था को एक लाख रुपए का नकद इनाम, प्रशंसा पत्र और सिलवर प्लेट मोमैंटो दिया गया है। भगवंत मान ने कम लागत वाली स्वदेशी तकनीकें और प्रक्रियाओं के विकास में शामिल छह ज़मीनी स्तर के इनोवेटरों को भी उनकी रचनात्मक सोच और तकनीकी जानकारी के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने पीबीटीआइ की इंटरनशिप स्कीम के अंतर्गत नवीनतम उच्च तकनीकों और उपकरण सहूलतों में लाईफ़ साईंस स्ट्रीम के विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने के लिए और पीबीटीआइ की इनक्यूबेशन स्कीम के अंतर्गत लाईफ़ साईंस, बायोटैक्नोलोजी और सहायक क्षेत्रों में स्टारटअप ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अलाटमैंट पत्र भी बाँटे जिससे उनके विचारों को व्यापारिक तौर पर व्यावहारिक हलों में तबदील किया जा सके।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर, राज्य सभा मैंबर बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और अन्य भी उपस्थित थे।

विदेशों में बेहतर ज़िंदगी की दौड़ में पंजाब की महिलाओं के हो रहे शोषण को रोकने सम्बन्धी पालिसी बनाने के लिए पीड़ितों के साथ होगी 11 जून को जालंधर में विचार चर्चा : डॉ. बलजीत कौर

ऐसी महिलाएं जिनको विदेश का झाँसा देकर शोषण किया गया हो उनको इस विचार-चर्चा में शामिल होने के लिए खुला न्योता

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह) : पंजाब की महिलाओं को विदेशों में भेज कर उनके साथ हो रहे शोषण को राज्य सरकार की तरफ से गंभीरता से लिया जा रहा है। इस सम्बन्धी महिलाओं के हो रहे शोषण को रोकने के लिए राज्य सरकार की तरफ से राज्य स्तरीय पॉलिसी बनाने के लिए पीड़ितों के साथ जालंधर में 11 जून को सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री डॉ. बलजीत कौर की अध्यक्षता अधीन विचार-चर्चा की जा रही है।

और ज्यादा जानकारी देते हुये सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब की महिलाओं, जो विदेशों में जाने की इच्छुक्क हैं, वहां बसी हुई हैं या वापस आ चुकीं हैं, के हकों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कुछ एजेंटों की तरफ से राज्य की महिलाओं को विदेशों में ग़ैर कानूनी ढंग से भेजने के मंतव्य के साथ नौकरी का झाँसा देने और गलत बयान बाज़ी करके उनके साथ कई तरह का शोषण किया जाता है। इस स्थिति पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से एक राज्य स्तरीय पालिसी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी में हर तरह का शोषण भुगत चुकी महिलाओं के दुखांत को सुनने और उनके सुझावों को पॉलिसी में शामिल करने के लिए 11 जून को डिप्टी कमिशनर, जालंधर के दफ़्तर में 11.00 से 1.00 बजे तक विचार-चर्चा का आयोजन किया जा रहा है।

मंत्री ने व्याख्या की कि महिलाओं के शोषण सम्बन्धी घटनाएँ ख़ास तौर पर अमरीका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैड, मध्य पूर्वी देश जैसे कुवैत, दुबई ओमान आदि में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की रिपोर्ट प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बुरे व्यवहार को राज्य सरकार की तरफ से गंभीरता से लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि एन. आर. आई व्यक्तियों/एजेंटों रिश्तेदारों के झाँसे में आकर धोखा खा चुकी महिलाओं को इस विचार-चर्चा में शामिल होने के लिए खुला न्योता दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के अलग-अलग डिप्टी कमीशनरों की तरफ से अपने जिलों से ऐसी महिलाओं, जो विदेशों में शोषण का शिकार हुई हैं, को इस विचार चर्चा में शामिल होने के लिए पत्र भी लिखा गया है। और ज्यादा जानकारी के लिए फ़ोन नंः 0181- 2253285, 70092-39158 और सखी वन स्टाप सैंटर, जालंधर 90231-31010 पर संपर्क किया जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान ने खरड़ शहर के अलग-अलग वार्डों के विकास कामों का लिया जायज़ा

लोगों की सुनी मुश्किलें, ज्यादातर समस्याओं का मौके पर किया निपटारा

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह) : पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामले, श्रम, निवेश प्रोत्साहन और आतिथ्य मंत्री अनमोल गगन मान ने सोमवार को खरड़ शहर के अलग-अलग वार्डों के विकास कामों का जायज़ा लिया। इस मौके पर खरड़ के निवासियों ने अपनी अलग-अलग मुश्किलों के बारे मंत्री को अवगत करवाया। मंत्री ने लोगों की मुश्किलों को गंभीरता के साथ लेते हुए ज्यादातर समस्याओं को मौके पर ही हल कर दिया। इसके इलावा रहती मुश्किलों का हल करने के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को ज़रुरी दिशा-निर्देश जारी करते हुए जल्द कार्यवाही करने के लिए कहा।  

इस सम्बन्धी और ज्यादा जानकारी देते हुये मंत्री ने कहा कि खरड़ हलके का विकास करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से तेज़ी से यत्न किये जा रहे हैं। खरड़ शहर के विकास कामों का जिक्र करते हुये मंत्री ने कहा कि खरड़ शहर के बरसाती पानी के निकास के लिए उचित प्रबंध किये गए हैं जिससे बरसात के मौसम में लोगों के घरों में पानी नहीं जायेगा।

मंत्री ने खरड़ शहर में पानी की किल्लत सम्बन्धी बोलते हुये कहा कि खरड़ शहर को नहरी पानी देने के प्रोजैक्ट का काम तेज़ी से चल रहा है जिसको बहुत जल्दी पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा खरड़ शहर के जोन ए को पानी की सप्लाई जल्द शुरू हो जायेगी। उन्होंने बताया कि खरड़ शहर में 5 सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरड़ शहर में 6 ट्यूबवैल जोकि पिछले तीन सालों से जनरेटर से चल रहे हैं, इन ट्यूबवैलों के लिए बिजली का कूनैकशन जारी कर दिया गया है। इसके इलावा और 6 नये ट्यूबवैल लगाने के लिए भी टैंडर प्रकाशित हो चुके हैं जिसकी कार्यवाही जल्दी मुकम्मल कर ली जायेगी।

उन्होंने कहा खरड़ शहर को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की तरफ से जल्दी ही 20, 000 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खरड़ के विकास में फंडों की कमी नहीं आने दी जायेगी।

मंत्री ने खरड़ के विकास में लोगों को बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग भी सरकार की तरफ से करवाए जा रहे विकास कामों पर नज़र रखें जिससे सभी विकास कार्य निर्धारित मापदण्डों अनुसार हो सकें। उन्होंने कहा कि विकास कामों में किसी तरह का भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भ्रष्टाचार सम्बन्धी मामला सामने आता है तो उसके विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जायेगी।

इस मौके पर एसडीएम खरड़ रविन्द्र सिंह, खरड़ के कार्यकारी अफ़सर गुरदीप सिंह, चेयरमैन मार्केट कमेटी हाकम सिंह के इलावा लेबर कोआर्डीनेटर रघबीर सिंह, अवतार सिंह, दलजीत सिंह झुंगिआं और अन्य आदरणिय विशेष तौर पर उपस्थित थे।

पंजाब के गाँवों में ठोस अवशेष प्रबंधन और तरल अवशेष प्रबंधन के लिए 166 करोड़ रुपए जारी : जिम्पा

2950 गाँवों में तरल अवशेष प्रबंधन के लिए 135 करोड़ रुपए जारी किये गए

4374 गाँवों में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के लिए 31 करोड़ रुपए जारी किये गए

मंत्री के नेतृत्व अधीन जल सप्लाई और सेनिटेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए शपथ ली


डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह) : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पंजाब के जल सप्लाई और सेनिटेशन मंत्री श्री ब्रम शंकर जिम्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है और अब तक पंजाब सरकार द्वारा राज्य के गाँवों में तरल अवशेष प्रबंधन और ठोस अवशेष प्रबंधन के लिए 166 करोड़ रुपए जारी किये जा चुके हैं।

आज यहाँ पंजाब भवन में विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हुए श्री ब्रम शंकर जिम्पा ने कहा कि जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग राज्य के गाँवों में अलग-अलग पहलकदमियां करके ठोस और तरल प्रदूषकों को रोकने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के 2950 गाँवों में तरल अवशेष प्रबंधन के लिए अब तक 13496.33 लाख रुपए जारी किये जा चुके हैं और 4374 गाँवों में ठोस अवशेष प्रबंधन के लिए 3116.89 लाख रुपए जारी किये गए हैं।

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कूड़ा प्रबंधन की महत्ता पर ज़ोर देते हुये श्री जिम्पा ने कहा कि आजकल पैदा होने वाले अवशेष में ग़ैर-बायोडीग्रेडेबल और अजैविक तत्व शामिल हैं और यदि इस कूड़े को ज़मीन में दबाया जाता है तो इसके नष्ट होने में काफ़ी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कूड़ा प्रबंधन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कूड़े में मौजूद इन तत्वों के ज़हरीले प्रभावों से पर्यावरण को बचाता है और ऐसा न करने पर पानी, मिट्टी और हवा दूषित हो जाते हैं।

इसके उपरांत श्री ब्रम शंकर जिम्पा ने जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम का नेतृत्व करते हुये पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी रोजाना की आदतों में हर संभव तबदीली लाने के साथ-साथ दूसरों को पर्यावरण अनुकूल अभ्यासों की पालना करने के लिए प्रेरित करने का प्रण लिया। उन्होंने कहा कि विश्व और मानवता के सामने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग मुख्य चुनौतियां हैं और इससे हरेक के योगदान के साथ ही निपटा से जा सकता है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग पर्यावरण प्रदूषण के कारणों से भली-भाँति अवगत हैं, इसलिए हरेक को रोज़मर्रा के कामों और आदतों में बदलाव लाकर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए योगदान डालना चाहिए। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों से अपील की कि वे पानी की बचत, पानी के लीकेज की समय पर मुरम्मत को यकीनी बनाएं, कूड़ा कर्कट प्रबंधन, एक बार इस्तेमाल किये जाने वाले प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करें और सेहतमंद जीवन शैली अपना कर अपने आसपास के लोगों के लिए एक मिसाल कायम करें।

इस अवसर पर अन्यों के इलावा विभाग के प्रमुख सचिव श्री डी. के. तिवारी और विशेष सचिव जनाब मुहम्मद इशफाक भी उपस्थित थे।

समूह शहरी स्थानीय इकाईयों में लगाऐ जाएंगे 2.25 लाख पौधे, गिनती और प्रगति का ऑनलाइन रखा जायेगा रिकॉर्ड : बलकार सिंह

स्थानीय निकाय मंत्री ने पौधे लगा कर मुहिम की शुरुआत की, ‘‘हरा-पंजाब और रंगला पंजाब’’ मोबाइल एप की जारी

मंत्री ने पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए राज्य के नागरिकों को जागरूक होने का दिया न्योता


डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ (राकेश शाह)) : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के लोगों को साफ़-सुथरा और हरा- भरा पर्यावरण मुहैया करवाने के लिए लगातार यत्न कर रही है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए स्थानीय निकाय विभाग ने इस वर्ष राज्य भर में करीब 2.25 लाख देसी पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस मुहिम की शुरुआत जहां आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर विभाग के मंत्री स. बलकार सिंह ने म्युनिसिपल भवन सैक्टर 35 चंडीगढ़ में पौधे लगा कर की, वहीं “ हरा-पंजाब, रंगला-पंजाब“ मोबाइल एप और शहरी हरियाली और पौधे लगाने के दिशा-निर्देश भी जारी किये गए।

स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग ने पंजाब के शहरी क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ाने के लिए राज्य की सभी शहरी स्थानीय इकाईयों में करीब 2.25 लाख देसी पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से शहर में हरियाली और वृक्ष लगाने की तैयार की रणनीति राज्य निवासियों को सक्रियता से हिस्सा लेने की अपील भी की।

उन्होंने बताया कि पौधे लगाने के बाद उसकी संभाल बहुत ज़रूरी है। इसलिए “हरा-पंजाब, रंगला-पंजाब“ मोबाइल एप के द्वारा राज्य भर में लगाऐ पौधों की संख्या और प्रगति का आनलाइन रिकार्ड रखा जायेगा।

शहरों को और ज्यादा टिकाऊ, जलवायु अनुकूल शहरीकरण और विकास अनुकूल पहुँच के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराते हुये स. बलकार सिंह ने कहा कि यह मोबाइल एप्लीकेशन लगाऐ गए पौधों की वास्तविक स्थिति और प्रगति की निगरानी की सुविधा देगी और नागरिकों को इस पहलकदमी में सक्रियता से हिस्सा लेने के लिए उत्साहित करेगी।

उन्होंने बताया कि विभाग के अलग-अलग विंगों के तालमेल से इस मुहिम को सम्पूर्ण किया जायेगा। विभाग ने शहरी स्थानीय इकाईयों के लिए हरियाली कार्य सम्बन्धी ज़रुरी दिशा-निर्देश तैयार कर लिए हैं।

इस मौके पर विभाग के सचिव श्री अजोए शर्मा और पी. एम. आई. डी. सी के सी.ई.ओ श्रीमती ईशा कालिया और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

महाबीर सैनी शनिदेव सेवा समिति, बड़वाली ढाणी के प्रधान बने

हिसार/पवन सैनी

 पुरानी सब्जी मंडी चौक के निकट स्थित ढाणी बड़वाली के शनिदेव मंदिर में श्रीशनिदेव सेवा समिति की बैठक कोषाध्यक्ष राज वर्मा की अध्यक्षता में हुई जिसमें समिति का चुनाव कराया गया। समिति सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से महावीर सैनी को प्रधान, रामबीर सैनी को पुन: महासचिव, सुभाष सैनी को उपप्रधान, कैलाश गर्ग को संगठन सचिव व कृष्ण खंडेलवाल को प्रेस प्रवक्ता मनोनीत किया गया। नये पदाधिकारियों ने पूरी कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया व तन, मन, धन और कर्तव्यनिष्ठा  से अपनी सेवा देने का वचन दिया। बैठक में नये पदाधिकारियों के अलावा संरक्षक सतबीर वर्मा, पूर्व प्रधान विजेंद्र बेरीवाल, रामप्रताप वर्मा, कृष्ण सैनी, सुमित वर्मा, रिकू सैनी, संजय सैनी, ओमप्रकाश, राजकुमार सैनी, तेजस शर्मा व श्रीश्याम सेवा परिवार (रजि.) के प्रधान सुरेंद्र बागड़ी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

 सीलिंग प्लान के तहत 8344 वाहनों को किया चैक 1337 लापरवाह वाहन चालकों के किए चालान

हिसार/पवन सैनी
  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव के निर्देशन में पूरे हिसार मंडल में पुलिस ने सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनों व संदिग्ध लोगों की चेकिंग की। सीलिंग प्लान आज सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक संपूर्ण हिसार मंडल में लगा कर सभी प्वाइंटों पर पुलिस ने मुस्तैदी से संदिग्ध वाहनों को चैक किया।  एडीजीपी श्रीकांत जाधव के नेतृत्व में चलाए गए सीलिंग प्लान के तहत कार्रवाई करते हुए मंडल पुलिस ने चार घंटों के दौरान अपने अपने प्वाईटो व नाकों पर आने-जाने वाले 8344 वाहनों को चैक किया। सीलिंग प्लान के दौरान सड़कों पर लापरवाही कर सड़क नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए मंडल के पांचों जिलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 1337 चालान भी किए। सीलिंग प्लान अभियान के दौरान जिला पुलिस हिसार द्वारा 185 चालान, पुलिस जिला हांसी द्वारा 86 चालान, जिला पुलिस जींद द्वारा 169 चालान, जिला पुलिस सिरसा द्वारा 376 चालान व जिला पुलिस फतेहाबाद द्वारा 521 चालान किए गए है।

सेना भर्ती रैली के सफल आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित प्रबंध करने के दिए निर्देश

हिसार/पवन सैनी
उपायुक्त उत्तम सिंह ने 3 जुलाई से 12 जुलाई 2023 तक आयोजित होने वाली भारतीय सेना भर्ती रैली के सफल आयोजन हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित प्रबंध करने के लिए निर्देश दिए हैं।
वे सोमवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में अग्रिपथ योजना के तहत सेना भर्ती रैली के आयोजन को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि भर्ती रैली के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित करें।
भर्ती निदेशक कर्नल मोहित सिंह ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत 3 जुलाई से जनरल ड्यूटी, क्लर्क/स्टोर कीपर/टेक्निकल तथा ट्रेड्समैन पद हेतू हिसार सैन्य स्टेशन में भारतीय सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की सहायता से   वेबसाइट पर लॉग इन कर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।