नगर पालिका सूरतगढ़ द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा

करणीदान सिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फॉन्ट  –  सूरतगढ़ 19 सितंबर  : 

             नगर पालिका प्रशासन की ओर से आज सुबह मुख्य बाजार में सुभाष चौक से महाराणा प्रताप चौक रेलवे रोड के एवं करनाणी धर्मशाला के और सामने के अतिक्रमण हटाए गए।

             नालों पर स्थाई अतिक्रमण को जेसीबी से तोड़ दिया गया।  आज करीब 50 के लगभग अतिक्रमण हटाए गए। दुकानदार दुकानें खोलने आए उससे पहले जेसीबी चल चुकी थी। 

             इन अतिक्रमणों को हटाने से नाले दिखाई देने लगे हैं। अब नालों की समुचित सफाई हो सकेगी। नालों के अतिक्रमण हटाने की मांग बहुत बार उठी।

             नालों पर अतिक्रमण के हटाए जाने से कुछ दुकानदार क्रोधित भी हुए और स्वच्छता निरीक्षक से वाद विवाद भी किया। दुकानदार आक्रोशित थे मगर स्वच्छता निरीक्षक ने समुचित बातचीत की और अपने आप को संयत रखा। 

            नगर पालिका प्रशासन की ओर से घोषणा की गई है कि दुकानों के आगे नालों पर स्थाई या अस्थाई अतिक्रमण है उसे हटा लिया जाए। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर पालिका प्रशासन अतिक्रमण हटाने का अभियान निरंतर जारी रखेगा और जो सामग्री सामान अतिक्रमण पर पाया जाएगा उसे जब्त कर लिया जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी दुकानदार की होगी तथा हर्जाना दुकानदार से वसूल किया जाएगा।

              नगर पालिका प्रशासन ने आज अतिक्रमण सुबह जल्दी की घटाएं दुकानदार पहुंचे उससे पहले नालों के अतिक्रमण हटाए जा चुके थे।नगर पालिका की ओर से अनेक बार  अतिक्रमण हटाने की सूचनाएं दी गई मगर दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तब नगर पालिका ने आज से यह अभियान शुरू किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि नगरपालिका द्वारा सवा दो साल पहले नालों के अतिक्रमण 17 मार्च 2020 से हटाने का अभियान शुरू करना था। दुकानदारों ने एक दिन पहले 16 मार्च 2020 को नगरपालिका प्रशासन से बात की और कहा कि 22 मार्च 2020 तक वे खुद अतिक्रमण हटा लेंगे। दुकानदारों ने इसके बाद अपने आप अतिक्रमण नहीं हटाए। नगरपालिका की ओर से लाऊडस्पीकर पर अनेक बार अतिक्रमण हटा लेने की सूचना दी गई लेकिन दुकानदारों ने परवाह नहीं की। नालों पर अतिक्रमण बढते रहे।

 

            दुकानदारों का आरोप था कि उनको पहले सूचना नहीं दी गई। दुकानदारों ने जो भरोसा दिया था कि अतिक्रमण खुद हटा लेंगे, वह भरोसा खुद ने भुला दिया। दुकानदार बताएंगे कि सवा दो साल तक उन्होंने खुद ने अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए?

 

            एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि नगरपालिका तो अपने नालों पर से अतिक्रमण हटा रही है। दुकानों को तो स्पर्श भी नहीं कर रही। फिर अपने नालों के अतिक्रमण हटाने की सूचना किसी को भी क्यों दे?

दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो नगरपालिका हटाएगी यह चेतावनी दी गई है जिसका मतलब एकदम साफ है कि अतिक्रमण हटाए जाने का अभियान जारी रहेगा। दुकानदार खुद अतिक्रमण नहीं हटाएंगे तो नगरपालिका हटा देगी।

बीजेपी पर आआपा 11 विधायकों को खरीदने की कोश‍िश का आरोप

                        आम आदमी पार्टी (आआपा) के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उसकी सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाए जाने के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास मत हासिल करने के लिए 22 सितंबर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। पंजाब में आआपा के 11 विधायकों को 25-25 करोड़ का ऑफर… हरपाल चीमा ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप। राज्य में आम आदमी पार्टी   की सरकार ने पहले दावा किया था कि भाजपा ने उसके कुछ विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी।  जर्मनी में मौजूद भगवंत मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आपने यह सुना होगा कि कैसे उन्होंने भारी जनादेश के साथ निर्वाचित सरकार को सत्ता से बाहर करने के प्रयास के तहत हमारे विधायकों से संपर्क करने और उन्हें पैसे तथा अन्य प्रलोभन देने की कोशिश की।’’

BJP ने पंजाब में आप के 11 विधायकों को खरीदने का किया प्रयास, जान से मारने की धमकी भी दी, चीमा का बड़ा आरोप
हरपाल चीमा
  • बीजेपी पर आप विधायकों को खरीदने की कोश‍िश का आरोप
  • भाजपा ने पंजाब सरकार गिराने के लिए हमारे विधायकों को 20-25 करोड़ रुपये की पेशकश की : आआपा
  • पंजाब में ‘ऑपरेशन लोटस’, आआपा के 11 विधायकों को 25-25 करोड़ का ऑफर… हरपाल चीमा ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
  • 11 विधायकों में दिनेश चड्डा, रमन अरोड़ा, बुद्ध राम, कुलवंत पांडोरी, नरिंद्र कौर भराज, रजनीश दहिया, रुपिंद्र सिंह हैप्पी, शीतल अंगुरल, मनजीत सिंह बिलासपुर, लभ सिंह उगोके और बलजिंद्र सिंह शामिल थे
  •  भारत पर तब ऐसी क्‍या मुसीबत पड़ी थी कि इंदिरा गांधी ने दान कर दिए थे पूरे जेवर, बच्‍चे तक पैसे डोनेट करने पहुंचे थे
  • भाजपा द्वारा आआपा विधायकों को खरीदने पार्टी के आरोपों की शिअद ने सीबीआई जांच की मांग की

डेमोक्रेटिक फ्रंट (ब्यूरो) नयी दिल्ली – 19 सितंबर  : 

            पंजाब की आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार 22 सितंबर को प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत हासिल करेगी। पंजाब आप द्वारा भाजपा पर सूबे की आप सरकार गिराने की कोशिशों का आरोप लगाने के कुछ दिन बाद सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 22 सितंबर को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का एलान किया। इस सत्र में सरकार विश्वास प्रस्ताव लाएगी।

            मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोगों ने हमारी सरकार को जबरदस्त बहुमत दिया है लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों का नुकसान पहुंचाने वाली कुछ ताकतें हमारे विधायकों को धन-दौलत के सहारे लुभाने की कोशिश कर रही हैं। इस कारण हमने इस विशेष सत्र में राज्य के लोगों का भरोसा हासिल करने का फैसला लिया है।” पंजाब आआपा ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि उसके कम से कम 10 विधायकों को भाजपा ने छह महीने पुरानी सरकार को गिराने के लिए 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश करते हुए संपर्क किया है। 

            मुख्यमंत्री ने कहा कि आआपा के विधायकों को धन-दौलत के तराजू में तोला नहीं जा सकता क्योंकि वह पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित और वचनबद्ध हैं। पंजाब में सरकार को अस्थिर करने के नापाक मंसूबे बुरी तरह नाकाम साबित हुए हैं क्योंकि हमारी पार्टी के विधायक राज्य के लोगों के प्रति वफादार हैं। 

            उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिशों का पर्दाफाश किया जाएगा। विधानसभा मतदान के दौरान भी सभी पार्टियों ने वोटरों को पैसे का लालच देने की कोशिश की थी लेकिन पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी और इसके चुने हुए विधायकों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। 

            प्रदेश की 117 सदस्यीय विधानसभा में 92 विधायकों के साथ आम आदमी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है। वहीं, कांग्रेस के पास 18 विधायक हैं और वह मुख्य विपक्षी दल है। शिअद के 3, भाजपा के 2 और बसपा के 1 विधायक हैं, जबकि विधानसभा में एक निर्दलीय सदस्य भी है।


            पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते सप्ताह आरोप लगाया था कि भाजपा अपने ऑपरेशन लोटस के तहत राज्य के कुछ आप विधायकों को तोड़ने के लिए 25-25 करोड़ रुपये देने का लालच दे रही है। भाजपा का ऑपरेशन लोटस विभिन्न राज्यों में लोकतांत्रिक तरीके की चुनी गई सरकारों को गिराने के लिए है। इसी के तहत दिल्ली में भी भाजपा ने सरकार को गिराने की कोशिश की और अब पंजाब में आआपा सरकार गिराने की साजिश रची है।


            हरपाल चीमा द्वारा डीजीपी गौरव यादव को आआपा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश संबंधी दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने 14 सितंबर को एक एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच का काम विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया है। इस जांच में साइबर सेल के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

            दिल्ली विधानसभा ने 1 सितंबर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पेश किया गया विश्वास प्रस्ताव पारित किया गया था। विश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद केजरीवाल ने कहा था कि वह इसे देश के सामने यह साबित करने के लिए लाए हैं कि भाजपा उनके विधायकों को नहीं खरीद सकती और भगवा पार्टी का ऑपरेशन लोटस दिल्ली में विफल हो गया।



दोफाङ नजर आ रहा है वाल्मीकि समाज????

विनोद कुमार तुषावर, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ – 19 सितम्बर

            आने वालीं 09 अक्तूबर को वाल्मिकी जयंती की तैयारियों को लेकर भारत का सबसे बङा समाज वाल्मीकि समाज अब खुलेआम दोफाङ नजर आ रहा है,पिछले कुछ दिनों पहले डोर टू डोर गारबेज कलेकशन सोसायटी की ओर से वाल्मीकि शौभा यात्रा के चेयरमैन रोहताश पप्पी को नियुक्त किया गया है,जिसे लेकर अब पूरी तरह से वाल्मीकि समुदाय दोफाङ नजर आ रहा है,पिछले कई दिनों से पूरे शहर में वाल्मिकी शौभा यात्रा को लेकर जगह जगह मंदिर के प्रधान बनाने की प्रकिया चल रही है जो लगभग पूरी होने वालीं है।

                अब भारतीय वाल्मिकी धर्म समाज भावाधस भी अपनी अलग से शौभा यात्रा निकालने का ऐलान कर चुकी है,सफाई कर्मचारी युनियन के पूर्व प्रधान श्याम लाल घावरी को भावाधस ने अपनी शोभायात्रा का चेयरमैन घोषित किया जा चुका है,इन सबके बीच दरअसल वाल्मीकि समुदाय असमंजस की स्थिति में नजर आ रहा है??? वे समझ ही नहीं पा रहें कि किसके साथ जाएँ किसके साथ ना जाएँ,असल में यह लङाई समाज में अपनी पैठ बनाना है,समाज के दो धङे आमने सामने नजर आ रहें हैं???? एक ऐसा तबका भी है जो राजनीति से ऊपर उठकर भगवान् वालमिकी शौभा यात्रा को सफल बनाकर दिल्ली हाईकमान तक अपनी जय जयकार करवाना चाहतें है ।

                  इनके सबके बीच सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआइ एक्टीविस्ट विनोद कुमार तुषावर ने इन दोनों धङो को कटघङे में खङा करतें हुए उनसे यह सवाल किया है कि वाल्मीकि समुदाय प्रत्येक वर्ष भगवान् वालमिकी जयंती का आयोजन करता है, जो कोई भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचता है वह लाखों रुपये चंदा देकर जाता है आज तक 30 वर्षो में भगवान् वालमिकी मंदिर की चारदिवारी भी नहीं करवाई जा सकी है ,उनके इस सवाल खङा करनें को लेकर दोनों धङो ने चुप्पी साध ली है,खैर अब तो यह जगजाहिर हो ही चुका है कि भगवान् वालमिकी शौभा यात्रा इस बार भी राजनीतिक पार्टी का शिकार होंने जा रही है???

कैप्टन अमरिंदर पूर्व सांसदों, विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल


राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नई दिल्ली : 

            पंजाब के दो बार के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कई राजनीतिक और सैन्य लड़ाइयों के दिग्गज, आज केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर, किरेन रिजिजू और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। उपस्थित लोगों में वरिष्ठ नेता अश्विनी शर्मा, सुनील जाखड़ और अन्य गणमान्य शामिल थे।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह


            कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा आज भाजपा में शामिल होने वालों में पूर्व डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी, पूर्व सांसद अमरीक सिंह अलीवाल, केवल सिंह, पूर्व विधायक प्रेम मित्तल, हरचंद कौर, हरजिंदर थेकेदार, पंजाब महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष बलबीर रानी सोढ़ी, रणिंदर सिंह, बीबा जया इंदर कौर, निर्वाण सिंह, कमलजीत सैनो और फरजाना आलम, जिनका प्रतिनिधित्व उनकी बेटी ने किया, क्योंकि वह विदेश में भाजपा मुख्यालय गईँ हैं।


              भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले  कैप्टन अमरिंदर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह और अन्य का पार्टी में स्वागत करते हुए श्री तोमर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमेशा राष्ट्रीय हितों को दलगत हितों से ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि उनके पार्टी में शामिल होने से पंजाब में भाजपा और मजबूत होगी।


              कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उन पर भरोसा जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह पंजाब में पार्टी को मजबूत करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।


              कई राजनीतिक और सैन्य लड़ाइयों के दिग्गज कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले साल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्होंने अपना खुद का राजनीतिक संगठन, पंजाब लोक कांग्रेस की स्थापना की, जिसने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में फरवरी 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा।


  कैप्टन अमरिंदर, देश के सबसे लोकप्रिय और करिश्माई राजनीतिक नेताओं में से एक हैं, जो करिश्मा रखते हैं और सभी विभाजनों को काटते हुए पंजाब में बहुत सम्मान और प्रभाव प्राप्त करते हैं। कांग्रेस को 2022 की हार और हार के बाद अपने महत्व का एहसास हुआ, जब वह 82 सीटों से घटकर मात्र 18 रह गई।


              कैप्टन अमरिंदर सिंह को इसका श्रेय जाता है कि उनके कारण ही कांग्रेस पंजाब में 2002 और 2017 में दो बार सरकार बना सकी। ऑपरेशन ब्लूस्टार और 1984 में दिल्ली में सिख विरोधी दंगों के बाद कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस 2007 और 2012 में हारने के बाद भी एक मजबूत राजनीतिक ताकत में रही। हार के बावजूद उसका मतदान प्रतिशत लगभग विजयी अकाली-भाजपा गठबंधन के बराबर था।


              कैप्टन अमरिंदर सिंह समान रूप से मजबूत राष्ट्रवादी साख के साथ मजबूत पंथिक साख को जोड़ते हैं। उन्होंने ऑपरेशन ब्लूस्टार के विरोध में 1984 में संसद और कांग्रेस पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया था। उस समय इंदिरा गांधी जैसी प्रतिभा की अवहेलना करना कोई सामान्य निर्णय नहीं था। कैप्टन अमरिंदर उस समय महज 42 साल के थे और अपने राजनीतिक करियर को खतरे में डाल रहे थे। दो साल बाद दरबार साहिब में पुलिस के घुसने पर उन्होंने फिर से बरनाला सरकार से इस्तीफा दे दिया था।


              2004 में, कैप्टन अमरिंदर ने पंजाब के पानी को बचाने के लिए पंजाब विधानसभा में पिछले सभी जल बंटवारे समझौतों को रद्द करते हुए अपना मुख्यमंत्री पद दांव पर लगा दिया था। उन्होंने उस समय पंजाब के पानी को बचाने के लिए अपनी पार्टी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी तक का विरोध किया, जो राजनीतिक हालात में बेहद कठिन निर्णय था।  


              कैप्टन अमरिन्दर के पास समान रूप से मजबूत राष्ट्रवादी साख है। विभिन्न मुद्दों पर उनके राष्ट्रवादी रुख के अलावा, बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि कैप्टन अमरिंदर 1964 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए फिर से सेना में शामिल हुए थे। पश्चिमी मोर्चे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह के साथ युद्ध में देश प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने पारिवारिक व्यस्तताओं के कारण समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी। लेकिन बाद में युद्ध छिड़ने के बाद, वह सेना में फिर से शामिल हो गए थे। इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उनसे हर किसी को अपेक्षा है। गौर हो कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जब भाजपा में नहीं थे तब भी वह भाजपा समर्थकों में सबसे अधिक प्रशंसित नेता रहे हैं।


              कैप्टन अमरिंदर सिंह की साख और करिश्मे के साथ-साथ भाजपा ने जो बड़ी उम्मीदें जगाई हैं, वे निश्चित रूप से 2024 के आम चुनावों से पहले पंजाब में राजनीतिक संतुलन और समीकरणों को बदल देंगे।

पंजाब सरकार ने 22 सितम्बर को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया

  • पंजाब में चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की साजिशों का पर्दाफाश करेगा सत्र –  मुख्यमंत्री

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ 19 सितंबर : 

              पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए 22 सितम्बर ( गुरूवार) को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने का फ़ैसला किया है। 

              मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब के लोगों ने हमारी सरकार को ज़बरदस्त बहुमत दिया था परन्तु लोकतांत्रिक मूल्यों का नुकसान पहुंचाने वाली कुछ ताकतें हमारे विधायकों को धन-दौलत के सहारे लुभाने की कोशिश कर रही हैं। इस कारण हम इस विशेष सत्र में राज्य के लोगों का भरोसा हासिल करने का फ़ैसला लिया है।’’

              मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप के विधायकों को धन-दौलत की तकड़ी में तोला नहीं जा सकता क्योंकि वह पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित और वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार को अस्थिर करने के नापाक मंसूबे बुरी तरह नाकाम साबित हुए हैं क्योंकि हमारी पार्टी के विधायक राज्य के लोगों प्रति वफ़ादार हैं। भगवंत मान ने कहा कि इस विशेष सत्र में पंजाब में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिशों का पर्दाफाश किया जायेगा। 

              मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में विधायकों को लोभ-लालच के साथ बहलाने की घटिया चालें नहीं चलीं क्योंकि विधायकों ने ही उनकी सरकार को पटड़ी से उतारने के मंसूबे नाकाम कर दिए। भगवंत मान ने कहा कि विधान सभा मतदान के दौरान भी सभी पार्टियों ने वोटरों को पैसे का लालच देने की कोशिश की थी परन्तु पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी और इसके चुने हुए विधायकों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। उन्होंने कहा कि अब यह विधायक पंजाब की तरक्की और लोगों की ख़ुशहाली में योगदान डालेंगे। 

              मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधायक पार्टी, पंजाब और पंजाब निवासियों के प्रति समर्पित और वफ़ादार हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह विधायक पैसों की ख़ातिर कभी भी अपना ज़मिर नहीं बेचेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब विरोधी ताकतों को राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने संबंधी सपने लेने बंद कर देने चाहिएं क्योंकि पंजाबी इस गुनाह के लिए ऐसे लोगों को कभी भी माफ नहीं करेंगे। भगवंत मान ने कहा कि आप के सभी विधायक राज्य की पुरातन शान को बहाल करने के लिए समर्पण होकर प्रयास करेंगे। 

प्रतियोगिता में नियमित रूप से हिस्सा लेने से नेतृत्व गुण का होता है विकास : प्रिंसीपल डॉ हरीश कुमारी


राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट , चंडीगढ़ 19 सितंबर :

             खालसा कॉलेज(अमृतसर) ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस स्टडीज, फेस 3 ए में टैलेंट हंट-2022 प्रतियोगिता का आयोजन कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ हरीश कुमारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर उत्साहपूर्ण तरीके से भाग लिया और अपनी कला को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत कर अपने अध्यापकों से प्रशंसा बटोरी।

            कॉलेज परिसर में आयोजित टैलेंट हंट-2022 के अंतर्गत कॉलेज विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रकार की रोचक व मनोरंजक प्रतियोगिताएं करवाई गई। इन प्रतियोगिताओं में मेंहदी, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, गायन, वेस्टन डांस, क्वीज कॉन्टेस्ट, भाषण प्रतियोगिता, नेचर फोटोग्राफी, स्पीच, कविता जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थी। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रिंसीपल द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में अग्रणीय रहे विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और प्रतियोगिता में उनके योगदान देने के लिए सराहना की।

            इस अवसर पर प्रिंसीपल डॉ हरीश कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि नियमित रूप से प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों में नेतृत्व के गुण का विकास होता है और वे किसी भी मंच पर अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं।  

पंजाब पुलिस ने एक हफ़्ते में 5.56 किलो हेरोइन, 21.52 किलो अफ़ीम, 5 किलो गाँजा,  8.92 लाख रुपए ड्रग मनी समेत 392 नशा तस्कर/ सप्लायर किये काबू

 एनडीपीएस एक्ट के मामलों में भगौड़ों को गिरफ़्तार करने सम्बन्धी मुहिम के अंतर्गत गिरफ़्तार भगौड़ों की संख्या 305 तक पहुँची

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ 19 सितंबर :

           पंजाब पुलिस ने पिछले एक हफ़्ते में नारकोटिक ड्रग्गज़ एंड साईकोट्रोपिक सब्स्टैंस (एन. डी. पी. एस.) एक्ट के अंतर्गत 33 व्यापारिक मामलों समेत 294 एफ. आई. आर. दर्ज करके 392 नशा तस्करों/ सप्लायरों को गिरफ़्तार किया है।

            इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (आईजीपी) हैडक्वाटर सुखचैन सिंह गिल ने आज यहां अपनी साप्ताहिक प्रैस कान्फ्ऱेंस को संबोधन करते हुये बताया कि राज्य भर के संवेदनशील रास्तों पर नाके लगाने के साथ-साथ नशा प्रभावित इलाकों में घेराबन्दी और तलाशी मुहिम चला कर पुलिस ने एक हफ्ते में 5.56 किलो हेरोइन, 21.52 किलो अफ़ीम, 5 किलो गाँजा, 6.26 क्विंटल भुक्की, फार्मा ओपीओडज़ की 93261 लाख गोलियां/ कैपसूल/ टीके/ शीशियों के अलावा    8.92 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उन्होंने कहा कि 5 जुलाई, 2022 को भगौड़ों को गिरफ़्तार करने के लिए शुरू की विशेष मुहिम के अंतर्गत इस हफ़्ते ऐनडीपीऐस मामलों में 25 और भगौड़े गिरफ़्तार किये जाने से गिरफ़्तारियों की कुल संख्या 305 हो गई है।

            बताने योग्य है कि डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी. जी. पी.) पंजाब गौरव यादव ने सभी सीपीज़/ ऐसऐसपीज़ को सख़्त हिदायतें दीं थीं कि वह हर मामले ख़ास तौर पर ड्रग रिकवरी से सम्बन्धित मामलों में अगले-पिछले संबंधों की बारीकी से जांच करें, चाहे यह नशे की मामूली मात्रा की बरामदी ही हो।

जि़क्रयोग्य है कि पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने सम्बन्धी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पंजाब पुलिस की तरफ से सरहदी राज्य पंजाब से नशों की बीमारी पर नकेल डालने के लिए व्यापक नशा विरोधी मुहिमें चलाईं जा रही हैं। डीजीपी की तरफ से सभी सीपीज़/ ऐसऐसपीज़ को सभी नामी नशा तस्करों को काबू करने और अपने अधिकार क्षेत्रों में नशा तस्करी वाले संवेदनशील स्थानों की शिनाखत के सख़्त हुक्म दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस मुखियों को यह भी हिदायत की कि पकड़े गए सभी नशा तस्करों की जायदाद ज़ब्त की जाये जिससे उनसे नाजायज राशि बरामद की जा सके।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले की तेज़ी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय आल वुमैन एस. आई. टी. का गठन

  • एडीजीपी महिला मामले गुरप्रीत कौर दिओ की पूर्ण निगरानी में गठित की गई एस. आई. टी.

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ 19 सितंबर : 

            डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने सोमवार को ए. डी. जी. पी. कम्युनिटी अफेअरज़ डिवीज़न और महिला मामले गुरप्रीत कौर दिओ की निगरानी अधीन तीन सदस्यीय आल वूमैन स्पैशल इन्वेस्टिगेशन टीम ( एस. आई. टी.) का गठन किया है जिससे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले की प्रभावी और तत्काल जांच को यकीनी बनाया जा सके।

            इस विशेष जांच टीम में एस. पी. काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना रुपिन्दर कौर भट्टी बतौर इंचार्ज और दो सदस्यों डी. एस. पी. खरड़-1 रुपिन्दर कौर और डी. एस. पी. ए. जी. टी. एफ. दीपिका सिंह सदस्यों के तौर पर शामिल हैं। यह एस. आई. टी. डीआईजी रूपनगर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एस. एस. पी. एस. ए. एस. नगर विवेक शील सोनी की निगरानी अधीन काम करेगी, और काम की ज़रूरत अनुसार किसी और मैंबर का चयन कर सकती है।

            यह कार्यवाही मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से मामले की उच्च स्तरीय जांच के हुक्म दिए जाने से एक दिन बाद सामने आई है।

            चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में घटी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुये डी. जी. पी. गौरव यादव ने बताया कि इस मामले की जांच पूरी सक्रियता से चल रही है और पुलिस ने रविवार देर शाम उस विद्यार्थी और हिमाचल प्रदेश के दो अन्य व्यक्तियों समेत कुल तीन गिरफ्तारियां की हैं और दोषियों के पास से कुछ इलेक्ट्रानिक यंत्र भी ज़ब्त किये हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस को हर तरह का सहयोग देने के लिए डीजीपी हिमाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश पुलिस का भी धन्यवाद किया।

            उन्होंने भरोसा देते हुये कहा कि एस. आई. टी. इस मामले की तह तक जांच करेगी और जो भी दोषी पाया गया उसे बख़्शा नहीं जायेगा।

            विद्यार्थियों, माता-पिता और समूह भाईचारे को अमन-शान्ति बनाये रखने की अपील करते हुए, डीजीपी ने उनको सभी सम्बन्धित विद्यार्थियों की गोपनीयता और सम्मान की रक्षा करने का भरोसा दिया। उन्होंने लोगों को यह भी अपील की कि वह जानकारी के लिए सिर्फ़ प्रामाणिक चैनलों पर भरोसा करें और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर फैलाई जा रही अफ़वाहों, जोकि कई बार अप्रमाणित होती हैं, से गुरेज़ किया जाये।

पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के ग्रैजुएट युवाओं के लिए स्टैनोग्राफी और कंप्यूटर की ट्रेनिंग के लिए आवेदनों की माँग : डॉ. बलजीत कौर

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक, चंडीगढ़ 19 सितंबर :

            अनुसूचित जातियों के विकास के लिए पंजाब की मुख्यमंत्री भगवंत मान वाली सरकार लगातार यत्न कर रही है। इसी कड़ी के अंतर्गत अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित पंजाब राज्य के निवासी योग्य ग्रैजुएट (बी. ए. पास) युवाओं को पंजाबी और अंग्रेज़ी स्टैनोग्राफी के साथ बेसिक कंप्यूटर कोर्स की एक साल की मुफ़्त ट्रेनिंग देने के लिए सैशन 2022-23 के दाखि़ले के लिये आवेदनों की माँग की है। 

            इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक संबंधी मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति से सम्बन्धित और पंजाब राज्य का निवासी होना चाहिए। दाखि़ले हेतु आवेदक की उम्र 30 सितम्बर, 2022 को 30 साल से अधिक नहीं और अनुसूचित जाति के परिवारों की सालाना आमदन 2.50 लाख रुपए सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। आमदन सम्बन्धी सर्टिफिकेट समर्थ अधिकारी से जारी किया होना चाहिए। अनुसूचित जाति केवल बेरोज़गार उम्मीदवार जिसकी कम से कम शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन होगी, इस स्कीम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 

            कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आवेदक की तरफ से मुकम्मल आवेदन, योग्यताओं से सम्बन्धित सर्टीफिकेटों की तसदीकशुदा कापियों सहित 30 सितम्बर, 2022 तक सम्बन्धित दफ़्तर में पहुँच जाने चाहिए, अधूरे और निश्चित तारीख़ के बाद प्राप्त हुये आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। 

            उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित पंजाब राज्य के निवासी योग्य ग्रैजूऐट जो पंजाबी, अंग्रेज़ी स्टैनोग्राफी और कंप्यूटर कोर्स करने के इच्छुक हैं, अप्लाई कर सकते हैं। उम्मीदवारों की सुविधा अनुसार ज़िला जालंधर के लिए वे अपने आवेदन ज़िला सामाजिक न्याय और अधिकारिता अफ़सर, डॉ. बी. आर. अम्बेदकर भवन, डी. ए. सी कंपलैक्स, टैलिफ़ोन नंबर 0181-2225757 ई-मेल आई. डी   dwojalandhar@gmail.com, ज़िला संगरूर के लिए ज़िला सामाजिक न्याय और अधिकारिता अफ़सर, डॉ. बी. आर. अम्बेदकर भवन, पटियाला गेट, टैलिफ़ोन नंबर 01672- 234379 ई-मेल आई.डी dwosangrur@gmail.com, ज़िला श्री मुक्तसर साहिब के लिए ज़िला सामाजिक न्याय और अधिकारिता अफ़सर, डॉ. बी. आर. अम्बेदकर भवन, बठिंडा रोड, टैलिफ़ोन नंबर 01633- 268847 ई- मेल आई. डी  dwomuktsar@gmail.com और ज़िला एस. ए. एस नगर ( मोहाली) के लिए प्रिंसिपल अम्बेदकर संस्था, सैक्टर- 60, फेज़ 3 बी 2 टैलिफ़ोन नंबर 0172-2228396 ई- मेल आई. डी । Ambedkarinstitute013@gmail.com को निर्धारित समय के अंदर भेज सकते हैं। 

            डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस सम्बन्धी संस्था वार स्टैनोग्राफी ट्रेनिंग संस्था जालंधर, संगरूर, श्री मुक्तसर के लिए 25-25 सीटें ( पंजाबी स्टैनोग्राफी) और स्टैनोग्राफी ट्रेनिंग संस्था मोहाली के लिए 80 सीटें ( 40 पंजाबी और 40 अंग्रेज़ी स्टैनोग्राफी) हैं। इन संस्थाओं में 04 अक्तूबर को प्रातः काल 10 बजे इंटरव्यू रखी गई है। 

उन्होंने बताया कि लिखित टेस्ट/ इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को अलग सूचना नहीं भेजी जायेगी। ट्रेनिंग के लिए उम्मीदवारों का चयन, चयन कमेटी की तरफ से किया जायेगा। अंतिम सूची में चुने गए उम्मीदवारों को रूलों अनुसार 1500/- रुपए प्रति महीना वज़ीफ़ा दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा पुरानी पैंशन स्कीम बहाल करने संबंधी विचार करने का ऐलान

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट चंडीगढ़ 19 सितंबर :

              राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब सरकार पुरानी पैंशन स्कीम बहाल करने पर विचार कर रही है।

                        और ज्यादा जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को इस स्कीम को लागू करने की संभावना तलाशने और कार्यप्रणाली पर गौर करने के लिए कहा जिससे राज्य के मुलाजिमों को बड़ी राहत मिल सके।कर्मचारियों की भलाई की अपनी वचनबद्धता दोहराते हुये भगवंत मान ने कहा कि इस बड़े कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी हैं और उनकी भलाई यकीनी बनाने के लिए हर कोशिश की जायेगी।

                        मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले कुछ महीनों में मुलाज़िम समर्थकी कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ठेके पर काम करते मुलाजिमों को पक्का करने के लिए नीति लाई गई है। भगवंत मान ने कहा कि इसी तरह सरकार ने बड़े स्तर पर भर्ती मुहिम शुरू की है जिससे जहां नौजवानों को नौकरियां मिल सकें, वहीं स्टाफ की कमी दूर होने से विभागों की कारगुज़ारी में भी सुधार हो सके।

                        ज़िक्रयोग्य है कि साल 2004 में पुरानी पैंशन स्कीम बंद कर दी गई थी और तभी से मुलाजिमों को नयी पैंशन स्कीम दी जा रही है। मुलाज़िम लंबे समय से पुरानी पैंशन स्कीम बहाल करने की माँग करते आ रहे हैं।