Wednesday, May 13

वरुण गांधी ने कंगना पर बरसते हुए कहा कि ऐसे बयान को कंगना का पागलपन कहा जाए या के देशद्रोह । उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कंगना ने भारतीय स्वतंत्रता को भीख में मिली आजादी कह कर महात्मा गांधी , लक्ष्मी बाई, मंगल पांडे जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है, जोकि घोर निंदनीय है ।
उधर विपक्ष कंगना से पद्मश्री वापस लेने की मांग कर रहा है पिछले दिनों एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना ने अपने आप को बहुत बड़ा देश भक्त बताया और कांग्रेस को नरम दल, जो अंग्रेजों कि सदा अंग्रेजों की राह आसान करती रही। इसी कड़ी में उन्होंने यहां तक कह डाला कि वर्ष 1947 में मिली आजादी भीख में मिली आजादी थी जबकि असल आज़ादी वर्ष 2014 में मिली इस पर विपक्ष बवाल कर रहा है।
आपको बता दें ट्विटर एकाउंट पर बैन लगने के बाद कंगना व्यक्तिगत रूप से खुलेआम भाजपा पक्ष में बयान बाजी करती हैं ।बहुत से राजनीतिक विचारक यहां तक कह रहे हैं कंगना देश भक्ति की बातों की आड़ में अन्य पार्टियों पर कीचड़ उछालती है और भाजपा का अजेंडा लेकर चलती हैं। राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा का अजेंडा चलाना सरासर निंदनीय है।

भारतीय लोकतंत्र में अब नेता और अभिनेता घी खिचड़ी की तरह साथ हो लिए हैं पहले भी अभिनेता चुनाव लड़ते थे संसद जाते थे लेकिन अब राजनीतिक दलों के स्पोक्सपर्सन की तरह डिजिटल मीडिया पर छाए हुए हैं और अनर्गल बयानबाजी करने से भी बाज नहीं आते।
कंगना रनोत हों या स्वरा भास्कर अनगर्ल बयानों की वजह से कोई ना कोई विवाद खड़ा कर अपने राजनीतिक नासमझी का परिचय देती रहती है। ऐसे नासमझी वाले बयान जनता को असल मुद्दों से वरगलाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं ।
बदले में अभिनेता दोनों ही अपना अपना लाभ लेते हैं जनता प्राइम टाइम पर इन विवादों पर बहस सुनती है और मीडिया को अपनी अलग से टीआरपी का लाभ मिलता है।