Thursday, May 7

एमएसपी, एमएसपी की गारंटी, कर्ज, मुआवजा, सब्सिडी समेत कई मसलों पर हुई चर्चा- हुड्डापार्टी के एजेंडा में शामिल करेंगे किसान नेताओं के सुझाव- हुड्डाविपक्ष और सत्तापक्ष…

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उसकी राशि ही काफी होती है। राशि से उस या…

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पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि…

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चण्डीगढ़ : आज सेक्टर 32 में पानी के सार्वजनिक नल का कनेक्शन काट दिए जाने के विरोध में सेक्टर 32 की बूथ…

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चण्डीगढ़, 6 मई: भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करनेवाली संस्था अथर्व फ़ाउंडेशन द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के पूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिकों और…

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दुकानदारों की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कोशिक खानयमुनानगर (प्रतापनगर)हाफिजपुर मोड़ के पास बनी मार्किट में बीती रात अज्ञात…

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हरियाणा कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसानों को जागरूक करने के लिए 5 मोबाइल वैन को फ्लैग ऑफ किया चण्डीगढ़, 6  मई: भारत की अग्रणी कृषि रसायन निर्माताओं के संगठन एग्रो कैम फेडरेशन ऑफ इंडिया ने किसानों को कृषि-इनपुट के सही एवं उचित इस्तेमाल के बारे में जागरुक बनाने के लिए एक अभियान की शुरूआत की है, ताकि किसानों को फसल की उत्पादकता, गुणवत्ता और आय बढ़ाने में मदद की जा सके। शुक्रवार को चण्डीगढ़ के एक होटल में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने हरियाणा के किसानों को शिक्षित एवं सशक्त बनाने के मुख्य उद्देश्य से 5 मोबाइल वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये 5 मोबाइल वैन्स ‘जागो किसान जागो’ के नारे के साथ, ग्रामीण हरियाणा के किसानों को शिक्षित करेंगी। । ये 5 मोबाइल वैन्स पूरे राज्य के किसानों को कृषि में नई तकनीकों, आधुनिक कीटनाशकों के उपयोग, जीएसटी बिल पर कृषि इनपुट की खरीद के लिए जागरुक बनाएंगी, ताकि राज्य में फसल उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाई जा सके। अभियान की लॉन्च समारोह पर प्रेस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे समय में देश् 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यव्स्था बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, भारतीय बाज़ार में कम गुणवत्ता के जाली कृषि इनपुट उत्पादों की व्यापक मौजूदगी देश की प्रगति में बड़ी बाधा बन सकती है और देश में भोजन उत्पादन के लक्ष्यों को नाकाम़ कर सकती है। इस स्थिति पर नियन्त्रण के लिए सभी हितधारकों का सहयोग अपेक्षित है। इसी के मद्देनज़र एसीएफआई ने किसानों को शिक्षित करने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है।’ डॉ कल्याण गोस्वामी, महानिदेशक, एसीएफआई ने कहा, ‘‘जैविक उत्पादों में अनधिकृत एवं अपंजीकृत रसायनों की मौजूदगी और इनकी बिक्री पर लगाम लगाना जल्द से जल्द जरूरी है, क्योंकि इसका असर जहां एक ओर किसानों की आय पर पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर यह देश की खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसानों के लिए ज़रूरी है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता के कृषि इनपुट जैसे उर्वरक एवं कीटनाशक उपलब्ध कराए जाएं और वे इनका इस्तेमाल सही मात्रा में करें। डॉ कल्याण गोस्वामी ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ‘‘किसानों को कीटनाशक खरीदते समय जीएसटी नंबर के साथ बिल लेना चाहिए। इससे हानिकारक कृषि इनपुट की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सकता है। इससे किसानों, उपभोक्ताओं और उद्योग जगत-सभी को लाभ होगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के उपयोग से देश के निर्यात को भी नए स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।’ श्री पवन पायल, राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय किसान प्रगतिशील संगठन ने कहा, ‘‘हम एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे और जीएसटी को 18 फीसदी से कम कर 5 फीसदी लाने के मिशन पर काम करेंगे, ताकि हम सिर्फ बिल के साथ फसल सुरक्षा उत्पादों की खरीद को सुनिश्चित कर सकें। मैं राज्य सरकारों से निवेदन करता हूं कि हमारी मांगों पर ध्यान दें।’

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