डाइट में डीएलएड कोर्स पुनः शुरू करे राज्य सरकार, शिक्षा का निजीकरण करना गलत : दीपांशु बंसल

एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय कन्वीनर दीपांशु बंसल ने सीएम को ज्ञापन भेजकर की मांग , बिना किसी विलम्ब के शुरू हो डीएलएड/जेबीटी कोर्स– दीपांशु बंसल ने कहा, डाइट में जेबीटी कोर्स का खर्च मात्र 2 से 5 हजार जबकि प्राइवेट में खर्च 60 हजार से 1 लाख तक प्रतिवर्ष– शिक्षा को निजीकरण की ओर बढ़ावा दे रही राज्य सरकार, छात्रों की जेब पर डाका डालना गलत — सरकारी स्कूलों में 6 हजार से ज्यादा जेबीटी के पद खाली 

कालका/पंचकूला:

हरियाणा प्रदेश में पहले जेबीटी कोर्स यानी डीएलएड(डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) करने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डाइट)की ओर से छात्रों को दो वर्षीय कोर्स की सुविधा थी जिसमे छात्रों का प्रतिवर्ष खर्च मात्र 2 से 5 हजार रुपए आता था परन्तु अब राज्य सरकार द्वारा डीएलएड कोर्स को डाइट से बन्द कर दिया गया है। कांग्रेस छात्र इकाई, एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय कन्वीनर दीपांशु बंसल ने सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि बिना किसी विलम्ब के डीएलएड/जेबीटी कोर्स को डाइट के अंतर्गत पुनः शुरू की जाए। 

दरअसल, 2020-21 के जेबीटी प्रवेश कार्यक्रम से डाइट को बाहर कर दिया गया है जिसको लेकर एनएसयूआई ने कड़ा विरोध दर्ज करवाया है और सीएम से इसे पुनः शुरू करने की मांग की है। सरकार ने जेबीटी के लिए काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी करते हुए केवल गैर सरकारी व सेल्फ फाइनेंस संस्थान को ही शामिल किया है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के छात्रों को प्रवेश लेने के लिए मोटी रकम चुकानी होगी जोकि एक छात्रविरोधी निर्णय है। 

— सरकारी में खर्च 5 हजार तक तो प्राइवेट में देनी ही 1 लाख तक की मोटी रकम…. 

एनएसयूआई नेता दीपांशु बंसल का कहना है कि प्राइवेट संस्थानों में एक छात्र को डीएलएड/जेबीटी कोर्स करने के लिए 60 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च करना पड़ता है। यदि अब डाइट से इस कोर्स को बन्द कर दिया गया है तो छात्रों को मजबूरन प्राइवेट शिक्षण संस्थानों का रुख करना पड़ेगा जिससे उन्हें 2 से 5 हजार तक के खर्च में मिलने वाले कोर्स को 60 हजार से 1 लाख रुपए में करना पढ़ेगा। 

— गरीब छात्र डीएलएड कोर्स के लिए रह जाएंगे वंचित… 

दीपांशु बंसल ने कहा कि डाइट जैसे महत्त्वपूर्ण संस्थान हरियाणा में कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण देते है,पुस्तकों का निर्माण करते है,विद्यालयों में चल रही ऑनलाइन अध्यापन कार्यों की मॉनिटरिंग करते है और अब ऐसे संस्थान में डीएलएड/जेबीटी कोर्स को बन्द कर छात्रों को प्राइवेट में करने के लिए मजबूर होना पढ़ेगा जिससे गरीब बच्चे इस कोर्स से वंचित रह जाएंगे। 

— डाइट में अनुभवी तो प्राइवेट में प्रशिक्षित व अनुभवी स्टाफ की कमी… 

दीपांशु बंसल ने कहा कि डाइट में प्रशिक्षित व अनुभवी स्टाफ है जबकि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में स्टाफ की कमी के साथ अनुभवी व प्रशिक्षित नही है ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा का अभाव तो होगा ही वही डीएलएड कोर्स के लिए ज्यादा फीस देनी पड़ेगी। 

— सरकारी स्कूलों में 6 हजार से ज्यादा जेबीटी के पद खाली 

एनएसयूआई नेता दीपांशु बंसल ने बताया कि सरकारी स्कूलों में जेबीटी श्रेणी के 41323 स्वीकृत पदों में से 29109 पदों पर जेबीटी टीचर कार्यरत है जबकि 6000 गेस्ट कार्य कर रहे है ऐसे में स्कूलों में 6214 जेबीटी पद खाली है जिन्हें जल्दी भरा जाना जरूरी है तो वही राज्य सरकार ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में जेबीटी के लिए डीएलएड कोर्स को बन्द कर दिया है।

शैक्षणिक सत्र 2021-22 में नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश नहीं देने के लिए शिक्षा विभाग को उचित दिशानिर्देश जारी करने की जनहित याचिका दायर

याचिका में कहा गया है कि इस तरह का माहौल COVID-19 महामारी के मद्देनजर नर्सरी के बच्चों को प्रदान करना संभव नहीं है, क्योंकि फिजिकल कक्षाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं और ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ सत्र जारी है। ऐसी स्थिति में स्कूलों के लिए उपयुक्त होगा कि वे 3 से 4 वर्ष की आयु के लिए नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश न दें, क्योंकि नर्सरी शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य तब तक पराजित रहता है जब तक ऑनलाइन कक्षाएं नहीं होती हैं

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली राज्य सरकार के शिक्षा विभाग को निर्देश देने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमेंं स्कूलों को नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश नहीं देने के लिए शिक्षा विभाग को उचित दिशानिर्देश जारी करने की मांंग की गई है। इसमें कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2021-2022 के लिए नर्सरी क्लास के उद्देश्य को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पूरा नहीं किया जा सकता।

याचिका का बैकग्राउंड

याचिकाकर्ता रजत वत्स ने इस वर्ष शैक्षणिक सत्र के लिए नर्सरी प्रवेश की छूट पर विचार करने के लिए दिल्ली शिक्षा विभाग को निर्देश देने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, नर्सरी शिक्षा का उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए एक पर्याप्त प्ले स्कूल का माहौल है, जो कि नर्सरी शिक्षा के बाद के समान स्कूली माहौल से परिचित हो सकेंं। याचिका के अनुसार, नर्सरी शिक्षा बच्चों को उनके शारीरिक और भावनात्मक रूप से अच्छी तरह से बड़े होने के साथ-साथ उन्हें उच्च कक्षाओं में प्रमोट करने के लिए तैयार करने के लिए स्कूली व्यवहार विकसित करती है।

यह भी पढ़ें – बीसीआई के एक वर्षीय एलएलएम कोर्स को खत्म करने की अधिसूचना को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती

याचिका में कहा गया है कि इस तरह का माहौल COVID-19 महामारी के मद्देनजर नर्सरी के बच्चों को प्रदान करना संभव नहीं है, क्योंकि फिजिकल कक्षाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं और ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ सत्र जारी है। ऐसी स्थिति में स्कूलों के लिए उपयुक्त होगा कि वे 3 से 4 वर्ष की आयु के लिए नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश न दें, क्योंकि नर्सरी शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य तब तक पराजित रहता है जब तक ऑनलाइन कक्षाएं नहीं होती हैं।

याचिका यह भी कहती है कि ऑनलाइन क्लास कल्चर के माध्यम से छोटे बच्चों को नर्सरी शिक्षा प्रदान करने की दिल्ली सरकार की एनसीटी की ऐसी कार्यवाही से भारत के संविधान के अनुचछेद 14 और 21 के तहत माता-पिता और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होता है।

सीबीएसई बोर्ड की 4 मई से 10 जून तक होंगी वहीं र‍िजल्‍ट 15 जुलाई तक घोष‍ित क‍िए जाएंगे : शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल

CBSE Board Exam 2021 Date: लाखों छात्रों का लंबे समय से बोर्ड परीक्षा की तारीखों का इंतजार अब खत्‍म हो चुका है. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज यानी 31 दिसंबर को CBSE बोर्ड परीक्षाओं का ऐलान कर द‍िया है. सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 4 मई 2021 से शुरू होंगी. शिक्षा मंत्री ‘निशंक’ ने इससे पहले ट्वीट कर कहा था क‍ि मुझे विश्वास है कि सीबीएसई द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में प्रविष्ट होने वाले हमारे विद्यार्थी पूर्ण लगन एवं मेहनत से बेहतर तैयारी कर रहे होंगे. आपके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हम आज इन परीक्षाओं की तिथियां सांय 6:00 बजे घोषित करेंगें.

नयी दिल्ली:

केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी की. उन्होंने कहा कि परीक्षाएं लिखित ही होंगी. इसके अलावा इस बार सीबीएसई ने सिलेबस में भी कटौती की है, जिससे स्टूडेंट्स को लाभ होगा. अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने सरकार द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बारे में बताया साथ ही यह भी बताया कि कैसे टीचर्स और छात्रों के सहयोग की वजह से पढ़ाई को जारी रखा जा सका उन्होने जेईई और नीट परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया.
जल्द जारी होगी डेटशीट

कोरोना काल के बीच सीबीएसई (CBSE) के लाखों छात्रों का इंतजार खत्‍म हो चुका है. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने बोर्ड परीक्षाओं की डेट का ऐलान कर द‍िया है. इसके अनुसार कक्षा 10वीं 12वी की परीक्षाएंं 4 मई से 10 जून तक होंगी. वहीं र‍िजल्‍ट 15 जुलाई तक घोष‍ित क‍िए जाएंगे. केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा की पूरी डेटशीट जल्द ही जारी की जाएगी. निशंक ने सभी स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं दी और कहा कि वह पूरी ताकत व आत्मबल के साथ परीक्षा की तैयारियां करें, उनके पास परीक्षा की तैयारियों के लिए काफी समय है.

बिना संकोच दें परीक्षा
केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने स्टूडेंट्स से अपील की कि वह बिना किसी संकोच के परीक्षा दें, उनके साथ पूरा तंत्र जुटा है और सीबीएसई ने 30 फीसदी सिलेबस भी कम कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि हम आगामी सत्र की तैयारी में जुटे हैं. निशंक ने ऑनलाइन पढाई का जिक्र करते हुए कहा कि ऑनलाइन क्लास और टीवी चैनलों से सभी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के समय छात्रों ने पूरे मनोबल के साथ परीक्षाएं दीं और हम सबने मिलकर साल बर्बाद होने से बचाया. ऐसे चुनौती के समय स्टूडेंट्स और टीचर्स डटे हुए हैं.

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को कहा था कि वह गुरूवार को सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा तारीखों का ऐलान कर सकते हैं.

बता दें सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान नहीं होने से अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के संबंध में अभिभावकों और स्टूडेंट्स से बातचीत की थी जिसके बाद यह तय किया गया था कि 31 दिसंबर को बोर्ड परीक्षा की तिथियों की घोषणा होगी.

हरियाणा प्रान्त के श्याम सिंह राजावत तीसरी बार बने प्रान्त संगठन मंत्री

30-12-2020

श्याम सिंह राजावत को पुनः हरियाणा प्रान्त संगठन मंत्री घोषित किया गया यह निर्णय बीते दिन महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित अभाविप ( अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ) राष्ट्रीय सम्मेलन में लिया गया।उनके अतिरिक्त हरियाणा प्रदेश के पुर्व अध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र धीमान जी को राष्ट्रीय विशेष आमंत्रित सदस्य, प्रो. सुभाष कलसना जी, माधव रावत जी, सुश्री प्रसन्ता चावरिया और सूर्य प्रताप जी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य घोषित किया गया। अभाविप के मीडिया सह सन्योंजक पुरनूर ने यह जानकारी सांझा की।

सम्मेलन में अभाविप की राष्ट्रीय स्तर की समस्त सक्रिय इकाई शामिल रही जिसमे अभाविप राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ छघनभाई पटेल और राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी और उनके अतिरिक्त स्वयं सेवक एम ए सरकार्यवाह और श्री सुरेश भईया जी जोशी मुख्य परिचय में उपस्तिथ रहे।

हर साल यह सम्मेलन अभाविप इकाई द्वारा किया जाता है जिसमे देश भर से अभाविप कार्यकर्ता एक जगह एकगरित होकर परिषद के आगामी कार्यक्रम की योजनाओं पर चर्चा करते हैं और यह सब प्रतिभागी के हज़ारों की संख्या में होते हैं परंतु इस वर्ष घोर माहमारी के चलते इस कार्यक्रम को भव्य स्तर पर आयोजित न करते हुए और सामाजिक दूरी को ध्यानपूर्वक रखते हुए एक छोटे स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित कर हर एक प्रांत में से 2 या 3 प्रांतीय स्तर के कार्यकर्ताओं को अपेक्षित कर उन्हें इस सम्मेलन का प्रतिभागी बनाकर इस कार्यक्रम का उदघाटन व समापन भी किया गया यह कार्यक्रम दो दिवसीय रहा (25 दिसंबर से 26 दिसंबर) जिसमे न केवल आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई परन्तु इस बार यह कार्यक्रम केवल उन्ही कार्यकर्ताओं तक सीमित नही रहा बल्कि जो सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से उन कार्यकर्ताओं तक भी यह पहुंचा । हरियाणा प्रदेश की पूरी अभाविप इकाईयों द्वारा अपने अपने जिलों में दिखाया गया जिसका आंकड़ा कुछ इस प्रकार था की हरियाणा प्रदेश में 49 स्थानो पर49 स्क्रीन के जरिये 20 जिला 49 ईकाई के कुल 1134 सहभागियो ने भाग लिया जिनमे 846 छात्र 147 छात्रा 103 प्राध्यापक तथा 38 अन्य ने भाग लिया।

10वीं और 12वीं की परीक्षा की तारीखों की घोषणा कल

सीबीएसई 2021 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार लंबे समय से परीक्षा की डेटशीट का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब छात्रों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक कल यानी 31 दिसंबर को शाम 6 बजे सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीखों की घोषणा करेंगे। इस बात की जानकारी खुद शिक्षा मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी है। 

हेडलाइन्स:

  • स्‍टूडेंट्स को एग्‍जाम सेंटर बदलने की मिल सकती है इजाजत, सबसे करीब का परीक्षा केंद्र मिल सकता है।
  • एग्‍जाम सेंटर्स में हो सकती है बढ़ोतरी, ज्यादा रिस्क वाले एरिए में केंद्रों पर लग सकती है रोक।
  • सीबीएसई बोर्ड उम्मीदवारों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर सकता है।

नई दिल्ली: 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक कल यानी कि 31 दिसंबर 2020 को सीबीएसई बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exams 2021) की तारीखों की घोषणा करने वाले हैं. इससे पहले शिक्षा मंत्री ने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं. उन्होंने कहा कि पहले जनवरी-फरवरी और मध्य मार्च तक परीक्षा होती थी लेकिन संवाद के बाद निर्णय लिया गया कि 2021 में फरवरी तक परीक्षा नहीं होगी. यह भी स्पष्ट हो गया है कि परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं होंगी.

छात्रों के हित में होगा फैसला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Union Education Minister Ramesh Pokhriyal Nishank) ने बताया कि अभी वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डेटशीट तैयार की गई है. लेकिन अगर ऐसा महसूस होता है कि परिस्थितियां ठीक नहीं हैं तो वे छात्रों के हित में ही फैसला लेंगे. उनके लिए बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. जरूरत पड़ी तो दोबारा संवाद करेंगे.

ऑनलाइन नहीं होगी परीक्षा

निशंक ने साफ किया कि वर्तमान परिस्थितियों में ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) कराना संभव नहीं है. छात्र जैसे पहले एग्जाम देते थे, वैसे ही 2021 में भी देंगे. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 (CBSE Board Exams 2021) में छात्रों क फिजिकल प्रेजेंस अनिवार्य है. उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) को लेकर कहा कि हम बहुत तेजी से 33 करोड़ बच्चों तक ऑनलाइन गए. कोई सोच भी नहीं सकता. वह हमने कर दिखाया. कोरोना काल (Coronavirus) में हमने दुनिया का सबसे बड़ा NEET का Exam आयोजित करवाया.

अगले सत्र को लेकर भी है पूरी तैयारी

चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव में भी नीट परीक्षा के अनुभव का फायदा उठाया. यह बात जरूर है कि ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) से बच्चों को आंखों में दिक्कत हो रही है. उन्हें धीरे-धीरे इसकी आदत लग जाएगी. बच्चे घर बैठे परेशान हो रहे थे इसीलिए हमने ऑनलाइन क्लासेस शुरू की थीं. इसकी वजह से हो रही परेशानी को दूर करने के लिए हमने प्रज्ञाता प्लेटफॉर्म बनाया है.

एग्‍जाम सेंटर बदलने की मिल सकती है इजाजत
कोरोना को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई स्‍टूडेंट्स को एग्‍जाम सेंटर बदलने की इजाजत दे सकता है। इस दौरान स्टूडेंट्स को सेंटर बदलने की स्थिति में अपने स्कूल को जानकारी देनी पड़ सकती है कि वे किस सेंटर पर परीक्षा दे रहे हैं।

बीमार होने पर बोर्ड को पहले ही देनी पड़ सकती है जानकारी
माता-पिता को यह सुनिश्चित करने के लिए भी सलाह दी जा सकती है कि परीक्षा के समय बच्चा बीमार न हो बच्चे के अस्वस्थ होने पर पहले सीबीएसई को इस बारे में सूचना दी जाएं।

सबसे करीब का परीक्षा केंद्र मिल सकता है
सीबीएसई बच्चों को सबसे करीब परीक्षा दे सकता है। ताकि बच्चों को ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए बच्चों के एड्रेस स्कूल से उनके बारे में जानकारी ली जा सकती है।

2 मीटर की दूरी रखना जरूरी
सभी उम्मीदवारों को शारीरिक दूरी के मानदंडों का पालन करते हुए कम से कम 2 मीटर की दूरी रखने के लिए कहा जा सकता है। केंद्रों पर भीड़ न हो इसके लिए भी स्कूलों को निर्देश दिए जा सकते हैं।

एग्‍जाम सेंटर्स में हो सकती है बढ़ोतरी
महामारी के दौर में सीबीएसई एग्‍जाम सेंटर्स की संख्या भी बढ़ोतरी कर सकता है। जुलाई 2020 में हुए एग्जाम में सीबीएसई ने सेंटर्स की संख्या बढ़ाकर 15 हजार कर दी थी। अब इन्हें और बढ़ाया जा सकता है।

ज्यादा रिस्क वाले एरिए में केंद्रों पर लग सकती है रोक
अगर किसी एरिए में कोरोना के अधिक मामले सामने आ रहे हैं तो उस जोन में आने वाले सभी केंद्रों पर एग्जाम नहीं करवाने का फैसला किया जा सकता है।

परीक्षा केंद्रों पर सैनिटाइजर ले जाना जरूरी
कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए परीक्षा केंद्रों पर मास्क पहनना और सैनिटाइजर ले जाना अनिवार्य हो सकता है। सभी उम्मीदवारों के लिए नाक को ढंकना भी जरूरी होगा।

जल्द जारी हो सकती है हेल्पलाइन
सीबीएसई बोर्ड उम्मीदवारों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर सकता है। ताकि किसी छात्र के पास परीक्षा केंद्र के संबंध में कोई प्रश्न है, तो वह बोर्ड से इस बारे में अपना सवाल पूछ सकता है।

घरों से ही कॉपियां जांचने के आदेश
महामारी के बीच बोर्ड बच्चों की कॉपियां जांचने के लिए सीबीएसई सभी टीचर्स को घरों से ही आंसर शीट जांचने का आदेश दे सकता है।

अगले सत्र से Classes शुरू करने को लेकर भी हमने प्लान तैयार किया है. लेकिन यह सब उस समय की परिस्थिति पर निर्भर करेगा. फीस (Fee) को लेकर सभी राज्यों को हमने कहा है कि वे इस मामले पर विचार करें. लेकिन हमें अभिभावकों का भी ध्यान रखना है, शिक्षकों का भी और छात्रों का भी. कोई भी फैसला सभी को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा.

नवोदय विद्यालय में छठी व नौंवी कक्षा में प्रवेश एवं चयन परीक्षा के लिये आवेदन आॅन लाईन उपलब्द्ध

पंचकूला, 21 दिसंबर:

उपायुक्त एवं नवोदय विद्यालय के चेयरमेन मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि  नवोदय विद्यालय में छठी व नौंवी कक्षा में प्रवेश एवं चयन परीक्षा के लिये आवेदन आॅन लाईन आवेदन मांगे जा रहे है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 दिसम्बर कर दी गई है। इसलिए जिला के युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा के लिए आवेदन करने का यह सुनहरा अवसर है।

उन्होंने बताया कि क्लास छटी में दाखिला लेने के लिए आॅनलाईन आवेदन भरने की तिथि 29 दिसम्बर तथा नवमी कक्षा में प्रवेश लेने के लिये  31.12.20 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी विभाग की वेबसाईट navodaya.gov.in   vFkoknavodaya.gov.in/nvs/en/admission-jnvst/jnvt-class  पर आवेदन कर सकते है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिये स्कूल के दूरभाष नंबर 01734-258450 पर संपर्क किया जा सकता है।  

जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रंसीपल संजु जोशी ने बताया कि जिला के मौली गांव में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन यह एक स्वायत्त संगठन हैं। इसमंे अब तक जिला के लगभग 3750 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है।  विद्यालय में अनुभवी व योग्य अध्यापक है। लड़के एवं लड़कियों के लिये अलग अलग छात्रावास की व्यवस्था है। कक्षा दसवीं एवं बाहरवीं का सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आता है। विद्यार्थियों के सर्वांगाीण विकास के लिये खेल कूद, व्यायाम, नेशनल कैडिट काॅट, स्काउट एंड गाईड, योग, जिम एवं सहशैक्षिणक गतिविधियों की सामूहिक व्यवस्था है। नई शिक्षा नीति के तहत त्रिमासीय अध्ययन, इंटनेट एवं बा्रॅडबैंड की सुविधा,  विद्यालय पूरी तरह रेजिडेंसियल है। इसमें भारत सरकार द्वारा बच्चों के लिये शिक्षा, सभी विद्यार्थियों के लिये वर्दियां और किताबें, भोजन, आवास  निशुल्क दी जाती है। विद्यालय में 75 प्रतिशत सीटें गा्रमीण आंचल के विद्यार्थियों के लिये रिजर्व है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग हेतू भारत सरकार के नियमानुसार 13 स्थान आरक्षित है।

कन्या बाल पुरस्कार के लिए आवेदन मांगे- उपायुक्त

पंचकूला  15 दिसम्बर:

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली 18 साल से कम आयु की लड़कियों को राष्ट्रीय कन्या बाल पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए 20 दिसम्बर तक आवेदन मांगे हैं।

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि जिला की ऐसी लड़कियां जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पौधारोपण आदि क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया हो। इसके अलावा मीडिया एवं लिटरेचर के क्षेत्र में भी अग्रणीय कार्य करने वाली लड़कियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली एवं उदाहरण प्रस्तुत करने लड़कियों को राष्ट्रीय कन्या बाल दिवस समारोह पर सम्मानित किया जाएगा। इसलिए इन क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली जिला लड़कियां निर्धारित तिथि तक अपनी उपलब्धियों सहित बायोडाटा न्यू मिनी सचिवालय स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जमा करवा दें।

उपायुक्त ने बताया कि इच्छुक लड़कियां विभागीय मेल popkl.wcd@gmail.com   पर भी अपलोड कर सकती है। निर्धारित तिथि तक आने वाल आवेदनों को जिला स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर हरियाणा सरकार को भेजा जाएगा।

नवोदय विद्यालय में दाखिले की अंतिम तिथि बढाई-उपायुक्त

पंचकूला, 15 दिसंबर:

उपायुक्त एवं नवोदय विद्यालय के चेयरमेन मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि  नवोदय विद्यालय में छठी व नौंवी कक्षा में प्रवेश एवं चयन परीक्षा के लिये आवेदन भरें जा रहे है। जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिये आवेदन आॅन लाईन ही किये जा सकते है। क्लास छटी में दाखिला लेने के लिए आॅन लाईन आवेदन भरने की तिथि 15 दिसम्बर से बढ़ाकर 29 दिसम्बर कर दी गई है। इसके अलावा नवमी कक्षा में प्रवेश लेने के लिये  31.12.20 तक आवेदन कर सकते है आॅन लाईन आवेदन के लिये आवेदन विभाग की वेबसाईट navodaya.gov.in अथवा navodaya.gov.in/nvs/en/admission-jnvst/jnvt-class  पर जाकर भरें जा सकते है। अधिक जानकारी के लिये स्कूल के नंबर 01734-258450 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रवेश संबंधी किसी प्रकार की जानकारी हेतू विभाग की वेबसाईट और जवाहर नवोदय विद्यालय में संपर्क कर सकते है।

जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रंसीपल संजु जोशी ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग एवं भारत सरकार ने जवाहर नवोदय विद्यालयों का आरम्भ गांव के बच्चों की शिक्षा में सुधार को लेकर इनकी शुरूआत की। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग एवं भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन हैं।  

उन्होंने बताय कि जिला के मौली गांव में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग एवं भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन हैं। विद्यालय में अनुभवी व योग्य अध्यापक है। लड़के एवं लड़कियों के लिये अलग अलग छात्रावास की व्यवस्था है। कक्षा दसवीं एवं बाहरवीं का सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आता है। विद्यार्थियों के सर्वांगाीण विकास के लिये खेल कूद, व्यायाम, नेशनल कैडिट काॅट, स्काउट एंड गाईड, योग, जिम एवं सहशैक्षिणक गतिविधियों की सामूहिक व्यवस्था है। नई शिक्षा नीति के तहत त्रिमासीय अध्ययन, इंटनेट एवं बा्रॅडबैंड की सुविधा,  विद्यालय पूरी तरह रेजिडेंसियल है। इसमें भारत सरकार द्वारा बच्चों के लिये शिक्षा, सभी विद्यार्थियों के लिये वर्दियां और किताबें, भोजन, आवास  निशुल्क दी जाती है। विद्यालय में 75 प्रतिशत सीटें गा्रमीण आंचल के विद्यार्थियों के लिये रिजर्व है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग हेतू भारत सरकार के नियमानुसार 13 स्थान आरक्षित है।

*पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित अंकुर स्कूल की एंट्री लेवल नर्सरी की ई डब्ल्यू एस की तीस व 90 जनरल सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन 16 दिसम्बर तक*

चंडीगढ़, 05 दिसंबर

पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित अंकुर स्कूल की एंट्री लेवल   नर्सरी की   ई डब्ल्यू एस की तीस व 90 जनरल सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म 16  दिसम्बर तक सुबह  9.30 से 3.30 तक स्कूल से लिये जा सकते हैं या फिर वेबसाइट से डाऊनलोड किए जा सकते हैं, जानकारी दी प्रिंसिपल परमिंदर दुग्गल ने । दुग्गल ने बताया कि नर्सरी की  कुल 120 सीटों मे से  नियमानुसार 30 ई डब्ल्यू एस , 10 सीट्स अंकुर के स्टाफ,मैनेजमेंट , 48 सीट्स यूनिवर्सिटी एम्प्लाइज व 32 सीट्स ओपन कैटेगरी की है। ड्रा 23 जनवरी को निकाला जाएगा

शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, दोबारा बंद हो सकते हैं हरियाणा के सभी स्कूल

डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम(ब्यूरो):

कल 17 नवंबर को हरियाणा के अनेक क्षेत्रों में कोरोना के काफी अधिक मामले सामने आए थे. लॉकडाउन खुलने के बाद कोरोना के केस लगातार तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं. कल तीन प्राइवेट और पांच गवर्नमेंट स्कूलों में 78 स्टूडेंट कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. एक साथ इतने सारे कोरोना पॉजिटिव केसेज के सामने आने से हरियाणा प्रशासन दहशत में आ गया है. कल तो जिला शिक्षा अधिकारी ने केवल और केवल प्रभावित विद्यालयों को ही 15 दिनों तक बंद रखने के आदेश दिए थे. लेकिन अभी अभी हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर की ओर से एक बड़ा बयान सामने आ रहा है.

हरियाणा में दोबारा बंद हो सकते हैं सभी स्कूल

अभी-अभी हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बयान देते हुए कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य के सभी स्कूलों को पूर्ण रूप से बंद करना ही कारगर उपाय होगा. इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हरियाणा सरकार नौवीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को दोबारा से बंद कर सकती है. अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. केवल सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने अपने बयान में स्कूलों को बंद करने की बात कही है. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा यह बड़ा कदम उठाया जा सकता है.