Private schools to get relief by increasing the duration of fire certificate to 3 years: Kulbhushan Sharma

Koral ‘Purnoor’, Demokretic Front, Chandigarh, July 4, 2022:

NISA President Kulbhushan Sharma has thanked the then Local Bodies Minister Anil Vij, Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar and Local Bodies Minister Kamal Gupta for extending the period of fire safety certificate of private schools to three years. In a press conference held at Chandigarh Press Club here today, Sharma said that private schools had to face financial and mental problems every year for fire certificate renewal. Private schools are now feeling relieved due to the extension of these certificates. He had raised this demand before the then Local Bodies Minister Anil Vij a few months ago and requested to extend the period of the certification.

He said that the government should now fulfill other pending demands of private schools as well. He said that private school buses remained parked in schools for two years during Corona pandemic, but their life remains the same as 10 years in NCR and 15 years in other districts which is not logical, hence the government should increase the life of the buses for two years. It will help the schools which suffered during the Corona.

He also demanded that the government should immediately clear the dues of the children taught under 134-A by the private schools, which is close to Rs 1000 Crore, so that the private schools could cooperate in the success of the new education policy. He also demanded that the Chief Minister direct the education officers to hold meetings with private schools so that all pending matters of private schools can be resolved and all-round development of education can take place in the state.  Questioning the government’s system of accreditation to private schools, he termed it as anomaly and said that the school which wants recognition of high school or senior secondary class, is required to get dual recognition first for class VIII, then for high school or senior secondary, which is absolutely wrong. This encourages red tapism. It should be simplified and the dual accreditation system should be abolished and high schools, senior secondary schools should be given direct recognition up to their level.

स्काऊट बनने से बच्चों में देशभक्ति, संस्कार और अनुशासन का होता है सृजन : संजय बतरा

चंडीगढ़, संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ :

आज जिला संगठन आयुक्त सिया राम शास्त्री व जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट्स श्रवण सिंह के साथ यस वी कैन के चेयरमैन संजय बतरा के संयुक्त तत्वावधान में सहोदय कंपलेक्स के मुख्यअधिकारी डॉ राजन लांबा के साथ उनके कार्यालय में स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियों के बारे में विचार विमर्श किया गया। 

जिसमें जिला संगठन आयुक्त सियाराम शास्त्री ने बताया कि शिक्षा नीति 2022 के अनुसार सभी विद्यालयों में स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियों को अनिवार्य रूप से कर दिया गया है, जिसके लिए सी बी एस सी एवं बोर्ड के अंतर्गत सरकारी, गैर सरकारी सभी विद्यालयों में स्काउट्स की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए चलाने के लिए  यूनिट की स्थापना की जानी है। जिसके तहत सभी विद्यालयों में एक स्काउट्स व एक गाइड्स की यूनिट की स्थापना होनी है और उन सभी बच्चों को राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली द्वारा जारी किए गए लिंक पर अपलोड कराना है जिसके तहत उन सभी बच्चों का यूआईडी प्राप्त होगा और वही बच्चे उस गतिविधि में भाग ले सकेंगे।

बैठक में यैस वी कैन के चेयरमैन संजय बतरा ने कहा कि स्काउट बच्चों में सामाजिक भावना के साथ-साथ देशभक्ति, संस्कार और हमारी संस्कृति के प्रति जागरूक करता है और बच्चों में अनुशासन की भावना को जागृत होती है। स्काउट सभी विद्यालयों में वैसे तो अनिवार्य रूप से कर दिया गया है पर मैं समझता हूं कि विद्यालय के साथ साथ हम सबको भी स्काउट की गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। डीटीसी श्रवण सिंह ने स्काउट की गतिविधियों के बारे में कहा कि जो बच्चे  प्रारंभिक रूप से भाग लेते हैं उन्हें तृतीय सोपान राज्य पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार तक ट्रेनिंग दी जाती है। राष्ट्रपति ट्रेनिंग पुरस्कार सर्वोच्च पुरस्कार माना जाता है और राज्य पुरस्कार तक आने वाले बच्चों को वार्षिक परीक्षा में 5 अतिरिक्त अंक भी दिए जाते हैं और अनेक सरकारी गैर सरकारी नौकरियों में भी छात्रवृत्ति तथा वरीयता दी जाती है।

सहोदय कंपलैक्स के अध्यक्ष डॉ राजन लांबा ने स्काउट की गतिविधियों और उनके प्रशिक्षण के बारे में बड़े ध्यान से सुना और उन्होंने इसके साथ अपनी सहमति जताई कि हम स्काउट एवं गाइड्स की गतिविधियों को सुचारू रूप से विद्यालयों में चलाने के लिए तैयार है और मेरा पूर्ण सहयोग रहेगा कि करनाल के हर विद्यालय में स्काउट गाइड गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो। मैं इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी और स्काउट्स की टीम का आभारी हूं कि उन्होंने इस पहल की शुरुआत की। जिला शिक्षा अधिकारी राज्यपाल चौधरी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहतास वर्मा के नेतृत्व में जिला करनाल की शैक्षणिक गतिविधियां दिन प्रतिदिन उन्नति की ओर अग्रसर है और स्काउट गाइड की गतिविधियों का संचालन भी इस प्रयास में एक सराहनीय कदम होगा और यह बच्चों के भविष्य को संवारने में उनके अंदर संस्कार पनपने, चरित्रवान बनाने में तथा परीक्षाओं के साथ-साथ लक्ष्य को सहजता से प्राप्त करने में एक अहम कदम कारगर सिद्ध होगा।

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने जिला स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह में की मुख्यातिथि के रूप में शिरकत

  • जिला के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 36 सरकारी व निजी स्कूलों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार देकर किया सम्मानित
  • जिला में 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बतौड़ की छात्रा तानिया को लेपटाॅप के लिये 51 हजार रुपये की राशि का भेंट किया चैक
  • सात सरोकारो के माध्यम से पंचकूला को ड्रग, प्रदूषण, प्लाॅस्टिक, पाॅलिथीन, स्ट्रे कैटल, स्ट्रे डाॅग, अतिक्रमण तथा स्लम फ्री बनाने का लिया संकल्प-गुप्ता

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकूला, 29 जून :

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने आज समग्र शिक्षा हरियाणा के तत्वावधान में जिला परियोजना संयोजक कार्यालय पंचकूला द्वारा दून पब्लिक स्कूल सेक्टर-21 पंचकूला में आयोजित जिला स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह में स्वच्छता मापदंडो पर खरा उतरने वाले जिला के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 36 सरकारी व निजी स्कूलों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर गुप्ता ने 12वीं कक्षा में जिला में पहला स्थान अर्जित करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बतौड़ की छात्रा तानिया को लेपटाॅप के लिये 51 हजार रुपये की राशि का चैक भेंट किया। तानिया के लिये यह चैक स्कूल के प्रिंसीपल जितेंद्र शर्मा ने स्वीकार किया।

जिला में 6 विद्यालयों को ओवर आॅल रूरल श्रेणी में तथा 2 विद्यालयों को ओवर आॅल अर्बन श्रेणी में पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिन स्कूलों को ओवर आॅल रूरल श्रेणी में पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, उनमें राजकीय प्राइमरी स्कूल गोलपुरा, राजकीय माध्यमिक विद्यालय ककराली, राजकीय प्राइमरी स्कूल शिल्याॅन, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बतौड़, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल टिकर हील्स तथा राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मांधना शामिल हैं।

ओवर आॅल अर्बन श्रेणी में राजकीय प्राइमरी स्कूल सेक्टर-26 और दून पब्लिक स्कूल शामिल है। इसके अलावा सब केटेगरी रूरल एलिमेंटरी में 10 स्कूलों को, सब केटेगरी रूरल सेकेंडरी में 6 स्कूलों को, सब केटेगरी अर्बन एलिमेंटरी में 6 स्कूलों को तथा सब केटेगरी अर्बन सेकेंडरी में 6 स्कूलों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। श्री गुप्ता ने प्रत्येक विजेता स्कूल को एक-एक ट्राॅफी व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर गुप्ता ने स्वच्छता पुरस्कार हासिल करने वाले स्कूलों के प्रिंसीपलों, अध्यापकों व बच्चों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि इन सभी स्कूलों ने पीने के पानी, लड़के व लड़कियों के लिये अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था, हैंड वाॅशिंग, कोविड-19, व्यवहार परिवर्तन और कचरे का सुरक्षित निपटान जैसे महत्वपूर्ण पहलूओं पर बेहतर कार्य किया हैं। उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना है ताकि वे सकारात्मक ऊर्जा के साथ शिक्षा ग्रहण कर सके।

गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। यदि हम अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तो हम मन व तन से स्वच्छ रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पुरस्कारों की शुरूआत वर्ष 2016-17 में की गई थी, जिसके परिणाम आज धरातल पर नजर आ रहे है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने और स्वच्छता के संदेश को घर-घर तक पंहुचाने के लिये सरकार के साथ साथ गैर सरकारी संगठनों द्वारा भी गांवों और शहरों में स्कूल, काॅलेजो व अन्य शिक्षण संस्थानों में पेंटिंग, प्रश्नोतरी व नुक्कड़ नाटक आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा हैं।

गुप्ता ने कहा कि इंदौर शहर चैथी बार देश में स्वच्छता सर्वेंक्षण में प्रथम आया है। हमने भी पंचकूला को स्वच्छ, सुंदर व हरा भरा बनाने के लिये सात सरोकार दिये है। यह सरोकार उनके साथ साथ प्रत्येक पंचकूलावासी के अपने सरोकार है। उन्होंने इन सात सरोकारो के माध्यम से पंचकूला को ड्रग, प्रदूषण, प्लाॅस्टिक, पाॅलिथीन, स्ट्रे कैटल, स्ट्रे डाॅग, अतिक्रमण तथा स्लम फ्री बनाने का संकल्प लिया हैं। उन्होंने कहा कि इन सरोकारो को पूरा करने के लिये प्रशासन के साथ साथ जिलावासियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। कोई भी कार्यक्रम या अभियान जनता की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता।

इससे पूर्व गुप्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मनिता मलिक, डीईओ उर्मिल देवी, डिप्टी डीईओ अंजू ग्रोवर, जिला परियोजना संयोजक संध्या मलिक, डीईईओ सतपाल कौशिक, डिस्ट्रीक्ट कंपोनेंट इंचार्ज अनु शर्मा, दून पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपल सुनीता आनंद, बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष उमेश सूद, पार्षद हरेंद्र मलिक सहित सभी पुरस्कार विजेता स्कूलों के प्रिंसीपल, एसएमसी अध्यक्ष व अध्यापक उपस्थित थे।

राज्यसभा निर्वाचित सदस्य कार्तिकेय शर्मा को इंडियन स्पोर्ट्स फैन अवॉर्ड

  • हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह, मालेश्वरी और योगेश्वर ने किया सम्मानित


जितेंद्र, डेमोक्रेटिक फ्रंट, नई दिल्ली :  

प्रो स्पोर्टीफाई के फाउंडर और राज्यसभा के लिए निर्वाचित सदस्य कार्तिकेय शर्मा को उनके खेल जगत को दिए अतुलनीय योगदान के लिए इंडियन स्पोर्ट्स फैन अवॉर्ड-2022 से सम्मानित किया गया। हरियाणा के खेल मंत्री और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान संदीप सिंह ने उन्हें चमचमाती ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

कार्तिकेय हरियाणा से ही राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के 50 से ज़्यादा दिग्गज मौजूद थे।

कार्तिकेय ने भारत में कई खेलों की लीग शुरू करके भारतीय खिलाड़ियों को बड़ा एक्सपोज़र दिया जिससे उनके मन से ओलिम्पिक और वर्ल्ड चैम्पियन खिलाड़ियों के डर को दूर करने में मदद मिली। इस बात को कई राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं ने इसी मंच से स्वीकार भी किया।

 कार्तिकेय शर्मा सबसे पहले प्रो रेसलिंग लीग के आयोजन के साथ सुर्खियों में आए जहां 50 से ज़्यादा ओलिम्पिक और वर्ल्ड चैम्पियनशिप के पदक विजेताओं के साथ भारतीय खिलाड़ियों को भाग लेने का मौका मिला और यह अनुभव बाद की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके बहुत काम आया। इसके अलावा उन्होंने बॉक्सिंग, पोलो और

ग्रीष्म कालीन शिविर का हुआ समापन

पंचकूला संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट, 25 जून :  

जिला बाल कल्याण परिषद पंचकूला द्वारा चलाए जा रहे ग्रीष्म कालीन शिविर का समापन समारोह न्यू स्टैंड हाई स्कूल बतौड में मनाया गया। जिसमें मुख्य अतिथि रंजीता मेहता, मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ द्वारा ग्रीष्म कालीन शिविर में भाग लेने वाले लगभग 200 बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस शिविर में बच्चो को योगा, नृत्य तथा पेटिंग का प्रशिक्षण निशुल्क दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने योगा व नृत्य की प्रस्तुति से मुख्य अतिथि व सभी अभिभ्वको का मन मोह लिया और बच्चों ने अपनी पेंटिंग द्वारा सभी को यह संदेश दिया कि हमें अपनी किस प्रकार से सुरक्षा करनी चाहिए और अपने आप को फिट कैसे रखें। श्रीमति रंजीता मेहता, मानद महासचिव द्वारा मुख्य खण्ड बरवाला में एक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, ब्यूटी केयर केंद्र व सिलाई कढ़ाई केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही खोलने जाने की घोषणा की जिसमें मुख्मंत्री अंतोदय परिवार उत्थान योजना के तहत आने वाले परिवारों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्री भगत सिंह, जिला बाल कल्याण अधिकारी ने बताया कि यह ग्रीष्मकालीन शिविर जिला पंचकूला के खण्ड बरवाला, कालका व शहर पंचकूला में 06 जून 2022 को लगाया गया था। इस तरह के शिविर  से बच्चो की प्रतिभा को निखारा व संवारा जा सकता है तथा स्वस्थ शरीर से ही हम पढ़ाई के साथ साथ खेल कूद सकते है। शिविर के संचालक श्री जितेन्द्र वर्मा ने बताया की खण्ड बरवाला में प्रत्येक वर्ष हरियाणा राज्य बाल परिषद् चंडीगढ़ के आदेशानुसार यह ग्रीष्म कालीन शिविर का आयोजन किया जाता हैं जिसमें बच्चे बढ़ चढ़ के भाग लेते हैं इस शिविर से बच्चो को योगा, नृत्य, पेटिंग, स्वयं सुरक्षा, स्वस्थ को ठीक रखने के लिए बताया गया। न्यू स्टैंड हाई स्कूल के कक्षा 10 के 90   प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले बच्चो को भी समानित किया गया।  इस मौके पर श्री लक्ष्मण सिंह, सरपंच गांव बतौड, दीपचंद शर्मा, प्रिंसिपल, न्यू स्टैंडर्ड हाई स्कूल, एडवोकेट मनीष कुमार, कैप्टन सतपाल सिंह, श्री भूषण कुमार, योग प्रशिक्षक, श्री रमेश कुमार, श्री मति अंजू शर्मा, श्री मति सीमा, आर्ट अध्यापिका,  मो. इशाक, ऋषिता, डांस अनुदेशक, श्री जितेन्द्र सिंह, इंस्पैक्टर, भारतीय सेना, जसबीर सिंह राणा, ओम प्रकाश, धर्मेन्द्र सिंह तथा जिला बाल कल्याण परिषद के अधिकारी व कर्मचारी के साथ साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

सेक्टर 15 के कन्या विद्याल्य में समर कैम्प स्टेम एजुकेशन की वर्क्शाप का आयोजन क़िया गया

संदीप सैनी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकूला 22 जून :

आज पाई अकैडमी पंचकुला  द्वारा राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 15 पंचकुला में बाल भवन द्वारा चलाये जा रहे समर कैम्प स्टेम एजुकेशन की वर्क्शाप का आयोजन क़िया गया। जिसमें छात्राओं को साइयन्स टेक्नॉलोजी  इंजिनियरिग एंड मैथमेटिक्स की गतिविधि के अंतर्गत आइस क्रीम स्टिक्स से पुल बनाने की गतिविधि करवाई गई। इस गतिविधि का के द्वारा बच्चों को सिखाया गया कि कैसे इस गतिविधि में साइयन्स टेक्नॉलोजी  इंजिनियरिग  एंड मैथमेटिक्स का प्रयोग हुआ है ।साथ ही आरडुईनो कंट्रोलर के साथ स्मॉर्ट कार बनाना सिखाया गया।छात्राओं ने पहली बार किसी  में इस तरह की गतिविधि की । अकड़ेमी की संस्थापक एवम् वोमेंस  इंडीयन चैम्बर ओफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्री  की स्टेम सेल की प्रेसिडेंट  प्रियंका पुनिया ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से छात्राओं में प्रौद्योगिकी एवं साइयन्स के लिए रुचि पैदा होती है ।इस  तरह की स्टेम गतिविधियों से छात्राओं को छात्राओं को भविष्य में परम्परागत विषयों की बजाए नए विषयों को चुनने में सहायता मिलेगी। सभी छात्राओं को ये गतिविधि बहुत पसंद आयी । ज़िला बाल कल्याण अधिकारी भगत सिंह दलाल ने पाई अकैडमी के इस प्रयास की सराहना की ।

पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पहली कक्षा में हुए रिकॉर्ड दाखिले

कुल 73878 छात्रों का हुआ पहली कक्षा में दाखिला

पिछले वर्ष के मुकाबले करीब पच्चीस हजार ज्यादा छात्रों ने लिया दाखिला

छात्रों का सरकारी स्कूलों में बढ़ रहा भरोसा

बाकी कक्षाओं में भी बढ़ रहा रुझान

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सरकार और शिक्षा विभाग की पढ़ाई को लेकर बनाई जा रही नीतियों और योजनाओं का असर अब धरातल पर नजर आने लगा है।चाहे संस्कृति मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाने की बात हो या स्मार्ट क्लासरूम की बात करें,प्रदेश के लगभग सभी सरकारी स्कूलों में इस बार पहली कक्षा के दाखिलों में भारी इजाफ़ा हुआ है।शिक्षा विभाग के प्रवक्ता की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 24 हजार बच्चों के नए दाखिले हुए जो कि अपने आप मे ना केवल रेकॉर्ड है बल्कि अभिभावकों और छात्रों का सरकारी स्कूलों पर जो विश्वास बढ़ा उसका एक जीता जागता साक्ष्य भी है।पिछले वर्ष पहली कक्षा में कुल 49003 दाखिले हुए थे जबकि इस बार करीब 74 हजार नए दाखिले हुए हैं।दाखिलों की जिलावार संख्या इस प्रकार है

हालांकि इस बार सरकारी स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया में परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य करने की योजना शुरू की गई है जिसके चलते शुरुआत में एमआईएस पर डेटा अपलोड में कुछ समय लग रहा है,लेकिन मैन्युअल तौर पर स्कूलों में बड़े स्तर पर दाखिले किये जा रहे है और अभी भी दाखिले की प्रक्रिया निरन्तर जारी है।

फिलहाल विभाग की प्राइमरी कक्षाओं में स्मार्टक्लास रूम ,इंग्लिश मीडियम या फिर जोयफुल्ल एक्टिविटी और पढाई से अलग दूसरी गतिविधियां कराई जा रही है ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।इन सब गतिविधियों और विभाग की अथक प्रयासों का नतीजा है कि अब अभिभावक बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल की ओर रुख कर रहे हैं।

मौली जागरां में नवनिर्मित स्कूल को कन्या विद्यालय के रूप में स्थापित करने की मांग

  • पूर्वाचंल विकास महासंघ ट्राईसिटी के अध्यक्ष शशी शंकर तिवारी ने प्रधानमंत्री को भेजा मांग पत्र

चण्डीगढ़ संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ :

चण्डीगढ़ के मौलीजागरां में नव निर्माणाधीन सरकारी स्कूल जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके आस पास ग्रामीण एवं कॉलोनी क्षेत्र है और यहां ज्यादातर गरीब लोग मेहनत मजदूरी करके गुजर बसर करते हैं। वैसे भी शैक्षणिक दृष्टि से यह बहुत पिछड़ा हुआ है। यहां के परिजन अपने बच्चों को दूर नहीं भेजना चाहते हैं क्योंकि आए दिन सुरक्षा की दृष्टि से भी यह ऐसा करना ठीक नहीं समझते हैं। परिजनों की अपने बच्चों को पढ़ाने की इच्छा रहते हुए भी वह डर वश ऐसा नहीं कर पाते है। अगर कुछ लोग भेजते भी है तो वे अपनी बच्चों को 8वीं से 10वीं तक  करवा कर उनकी शिक्षा बंद कर देते हैं। उन्हें अपनी बच्चियों को दूर भेजने से डर लगता है। ऐसे में उनकी प्रतिभा दब जाती है और वे पूरी शिक्षा ग्रहण नहीं कर पातीं।

सनद रहे यहां के आस पास के क्षेत्र में छह विद्यालय पहले से चल रहे हैं। यह जो विद्यालय खुलने जा रहा है यह यहां का सातवां विद्यालय होगा। यहां कहीं भी कन्या विद्यालय नहीं है।

यहां के स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए शशी शंकर तिवारी ने निर्माणाधीन विद्यालय को कन्या विद्यालय के रूप में स्थापित करने की मांग उठाई है और इस बाबत प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है ताकि बच्ची पढ़ाओ का नारा साकार हो सके।

पंचकूला की बाहरी कालोनियों के बच्चे सीख रहे थिएटर की बारीकियां

  • सामाजिक संगठनों के प्रयास से पहली बार देखा समर कैंप
  • चारदीवारी के बाहर खड़े होने वाले बच्चे अब मंच पर दिखाएंगे प्रतिभा

पंचकूला संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकुला :

किसी के पिता ऑटो चलाते हैं तो किसी की मां लोगों के घरों में बर्तन साफ करके बच्चों का पालन-पोषण करती है। बहुत से बच्चे ऐसे भी हैं जो स्कूल के बाद अपने माता-पिता का हाथ बटाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए समर कैंप, एक्सट्रा एक्टिीविटी सब एक सपने से कम नहीं।

पंचकूला की इंदिरा कालोनी, बुढनपुर, रैली तथा अन्य कालोनियों में रहने वाले बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए फोरम फॉर सीनियर सिटीजन इन एजुकेशन, एसोशिएन ऑफ सोशल हेल्थ इन इंडिया (आशी हरियाणा) तथा प्रयोग फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से सरकारी मॉडल संस्कृति स्कूल सैक्टर-15 पंचकूला में ग्रीष्मकालीन शिविर कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

आशी के उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने बताया कि शिविर के दौरान प्रसिद्ध कोरियोग्राफर शिवांगी बंसल द्वारा बच्चों को कला, शिल्प, योग, नृत्य, रंगमंच, कौशल विकास,अंग्रेजी बोलने तथा हिंदी में सुलेख सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। फोरम के महासचिव एस के गर्ग ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्लम एरिया के बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को उजागर करना है।

प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि अक्सर जब कोई कार्यक्रम होता है कालोनियों में रहने वाले बच्चे चारदीवारी के बाहर खड़े होकर देखते थे, कुछ लोगों की सोच उन्हें दर्शक के रूप में भी स्वीकार नहीं करती है। यहां बच्चों को चारदीवारी के भीतर बुलाकर अपनी प्रतिभा समाज के सामने रखने का अवसर दिया जा रहा है।

कैंप के दौरान शिवांगी बंसल, रूची, भिमांशु,पूजा, पिंकी तथा किशन वालंटियर के रूप में कालोनियों के बच्चों को अलग-अलग प्रशिक्षण दे रहे हैं।

राजकीय उच्च विद्यालय कजहेड़ी सेक्टर 52 चंडीगढ़ और एनजीओ  ‘फीड द सोल’ ने समर कैंप आयोजित किया

चंडीगढ़ संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ :

      राजकीय उच्च विद्यालय कजहेड़ी सेक्टर 52 चंडीगढ़ प्रधानाध्यापिका श्रीमती गुरमीत गोल्डी के प्रयासों से 15 दिनों के लिए एक समर कैंप का आयोजन 23 मई 2022 से किया गया। इस समर कैंप को फीड द सोल नामक एनजीओ की सहायता से लगाया गया जिसमें श्रीमती सोनिया वाधवा, सरविंदर और कुमारी  सलोनी ने बच्चों को कई प्रकार के क्रियाकलापों में शामिल किया।

      इन क्रियाकलापों में फ्रिज मैग्नेट बनवाना, टेराकोटा पोट्स, वैदिक मंत्रों का उच्चारण व उनका अर्थ समझाना ,मानसिक विकास से संबंधित योगिक क्रियाएं, एनर्जी हीलिंग, ड्राइंग और पेंटिंग व योगा आदि क्रियाकलाप करवाए गए। इस समर कैंप में एक्टिविटीज को करवाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों का पूर्ण रूप से विकास करना था जिसके माध्यम से बच्चे अपने अंदर छुपी विभिन्न प्रकार की क्षमताओं को समझ कर उन्हें निखार पाए। इस समर कैंप में बच्चों ने तरह-तरह पाट्स, पोस्टर, ड्राइंग एंड पेंटिंग बनाकर अपने मन के भावों को उकेरा। कैंप का उद्देश्य था कि सभी बच्चे अपनी क्षमताओं को बाहर निकाले और अपने आपको इन कलाओं के माध्यम से व्यक्त कर पाएं जो कि पूरी तरह से प्राप्त किया गया। इस कैंप के दौरान इंग्लिश स्पीकिंग की क्लासेस कुमारी समिंदर के द्वारा ली गई ताकि बच्चे अपनी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी कार्य कर सकें।

      कैंप के दौरान फीड द सोल एनजीओ के द्वारा बच्चों को रिफ्रेशमेंट भी दी गई। कैंप के दौरान रविवार के दिन स्कूल में छबील लगाकर भी बच्चों का मनोरंजन किया गया। इस तरह 15 दिन के समर कैंप में बच्चों ने तरह-तरह के क्रियाकलापों को सीखते हुए बहुत ही मनोरंजक तरीके से अपने पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और अपनी क्षमताओं को उभारने में सफलता हासिल करी।

      प्रधानाध्यापिका श्रीमती गुरमीत कौर गोल्डी और एनजीओ फीड द सोल की मिसेस सोनिया वाधवा के प्रयासों के द्वारा यह समर कैंप पूर्ण रूप में सफल रहा।