युवा वर्ग ही देश के भविष्य का करते हैं निर्माण – विधानसभा अध्यक्ष

  • युवा गुणवान है तो राष्ट्र की उन्नती को कोई नहीं रोक सकता
  • गुप्ता ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत
  • विधानसभा के शीतकालीन सत्र के उपरांत अगले माह विधानसभा में बाल संसद का किया जाएगा आयोजन – ज्ञानचंद गुप्ता

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकूला – 6 दिसंबर :

            हरियाणा विधाानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि युवा वर्ग ही देश के भविष्य का निर्माण करते हैं और यदि युवा गुणवान है तो उस राष्ट्र की उन्नती को कोई नहीं रोक सकता। भारतीय युवा शक्ति ने अपनी बुद्धि, कौशल और क्षमता के आधार पर दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है।


            गुप्ता आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर कुलभूषण गोयल भी उपस्थित थे।


            युवा संसद में स्कूली बच्चों द्वारा सदन की कार्यवाही को बखूबी ढंग से निभाया गया। प्रश्न काल और शून्य काल में बच्चों ने सांसदों के रूप में अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया और उन पर तर्क-वितर्क किया। इस कार्यक्रम का आयोजन डाईट पंचकूला और जिला शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।


            विधानसभा अध्यक्ष ने डाईट और जिला शिक्षा विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा संसद जैसे कार्यक्रमों के आयोजन से न केवल विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त होता है बल्कि वे हमारी लोकतंत्रीय प्रणाली को गहराई से समझ पाते हैं।

            गुप्ता ने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के उपरांत अगले माह विधानसभा में बाल संसद का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रदेश के हर जिले से चुन कर आए प्रतिनिधि बच्चों की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इस अवसर पर उन्हें विधायकों के साथ बातचीत करने का अवसर भी प्राप्त होगा और वे राजनीती के सकारात्मक पहलुओं के बारे में जान सकेंगे।


            गुप्ता ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नही है। देश की जनसंख्या में 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 27.5 प्रतिशत तथा 13 से 35 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 41.3 प्रतिशत है। अपने ज्ञान और कार्यक्षमता के आधार पर भारत के डाॅक्टर और इंजिनीयरों की विदेश में भारी मांग है। इंटरनेट के इस युग में भारतीय युवा शक्ति  विश्व के तकनीक संपन्न देशों से स्पर्धा कर रही है और प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले में देश तेजी से आगे बढ रहा है। इसके परिणाम स्वरूप भारत आर्थिक क्षेत्र में भी तरक्की कर रहा है और इस उपलब्धि का केन्द्र बिन्दु हमारी युवा शक्ति ही है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध युवा उपन्यासकार चेतन भगत ने कहा है कि युवा पुराने मानदण्डों और बनी बनाई लीक के हिसाब से काम नहीं करना चाहते। उनमें परंपराओं को तोड़ने और अपनी राह खुद बनाने की हिम्मत है।


            गुप्ता ने कहा कि आज के युवा लकीर के फकीर नहीं हैं। उनका मन, सोच और मस्तिष्क ज्यादा खुले और स्वतंत्र हैं। नई पीढी टैक्नोलाॅजी के युग में बड़ी हुई है। वह कम्प्यूटर और इंटरनेट के द्वारा पूरी दुनिया के साथ एकाकार हो रही है। उन्होंने युवा संसद में भाग लेने वाले बच्चों से आहवान किया कि वे आधुनिक तकनीकों से भलि-भांति परिचित रहें।


            इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अच्छे संस्कार दें। शिक्षकों को गुरू का दर्जा दिया गया है। बच्चे सबसे पहले घर से संस्कार लेते हैं और स्कूलों में शिक्षक उन संस्कारों को आगे बढाते हैं। उन्होंने कहा कि युवा संसद में बच्चों ने जिस निपुणता के साथ सांसदों के रूप में विभिन्न मुद्दों को उठाया है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन सब युवाओं में से ही कल विधायक और सांसद बन सकते हैं।


            इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक, डीईईओ संध्या छिकारा, प्रिंसीपल डाईट महासिंह सिंधू, डीपीसी कुलभूषण शर्मा, पिं्रंसीपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामगढ संजू शर्मा, पिं्रंसीपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट रितु खोसला, मनोनीत पार्षद सतबीर चैधरी, बरवाला मण्डल अध्यक्ष गौतम राणा, रविंदर गोयल, जयपाल गुप्ता सहित स्कूल के शिक्षक व विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

राजियासर में राजकीय महाविद्यालय की मांग को समर्थन: वृतांत सूरतगढ़ में मिली सफलता का

करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, सूरतगढ़ – 5 दिसंबर :

            सूरतगढ़ तहसील की उप तहसील राजियासर अधिकांश क्षेत्र टिब्बा क्षेत्र है शिक्षा की बहुत कमी है क्योंकि जितने स्कूल होने चाहिए उतने नहीं है। जो स्कूल है उनमें बहुत सी सुविधाएं नहीं है। ऐसे समाचार समय-समय पर क्षेत्र के 2 बड़े अखबारों राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर में छपते रहे हैं और हमारे जैसे लोग पढ़ते रहे हैं। राजियासर में  राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर छात्र आगे आए हैं। यह देश जिसमें शिक्षा भी दी नहीं जाती पढ़ने वाले लोग शिक्षा मांगते हैं, बस यही सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।

             कोई समय था श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर केवल एक ही राजकीय महाविद्यालय होता था। उस समय हनुमानगढ़ जिला बना नहीं था। आप सभी कल्पना कर सकते हैं कि इतने बड़े विशाल जिले में केवल एक राजकीय महाविद्यालय श्रीगंगानगर में था। एक महाविद्यालय में कितने छात्र जिनके पास बहुत कम पैसा हो परिवार के पास बहुत कम पैसा हो कितने पढ़ सकते हैं? राजकीय महाविद्यालयों में सीटों की हमेशा कमी और हर साल आंदोलन होते रहते हैं?

            ये सभी परिस्थितियां और स्थितियां राजनीतिक दल इलाके के राजनीतिक नेता जानते हैं समझते हैं। उस पर कितना काम करते हैं यह मैं बोलूं या बताऊं अच्छा नहीं लगेगा।

आज से 50 वर्ष पहले मैं सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग से जुड़ा हुआ एक व्यक्ति हूं।

            सेठ राम रामदयाल राठी राजकीय उच्च मा माध्यमिक विद्यालय में हायर सेकेंडरी यानि कि 11 कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद केवल इसलिए उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाया कि सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय नहीं था।  उस समय तो कोई प्राइवेट भी नहीं था। यदि हमारे परिवार के पास में पूंजी होती तो मैं निश्चित रूप से 1963 के बाद उच्च शिक्षा के लिए बीकानेर या बड़ी जरूर पहुंचता लेकिन पहुंच नहीं पाया।

             सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने बीड़ा उठाया। यह सन 1972 की बात है। 50 वर्ष पहले की बात है। आप सभी आश्चर्यचकित होंगे कि विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए संघर्ष का बीड़ा उठाने का जोश उस समय भी था और आज भी वैसा ही जोश चल रहा है।

            सन 1972 में विद्यार्थियों ने जो आंदोलन चलाया था। उससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा था इसलिए गुरुशरण छाबड़ा और हमारे जैसे सूरतगढ़ के और भी जोशीले लोगों ने मांग का समर्थन किया। विद्यार्थियों के उस आंदोलन को गुरुशरण छाबड़ा मेरे जैसे लोगों ने ले लिया।  विद्यार्थियों को कहा कि आप पढ़ें।इस आंदोलन को हम चलाएंगे।

            रेलवे स्टेशन सूरतगढ़ के आगे हमारा टेंट लगा जहां प्रतिदिन दो व्यक्ति क्रमिक अनशन पर बैठते थे। उस समय पत्रकारिता के साथ में आजीविका के लिए पुस्तक पत्र पत्रिकाएं आदि विक्रय करने की दुकान भी चलाया करता था। खुद पढता और समाचार भी भेजता भी था। जो जो दुकान पुस्तकों की हम चला रहे थे उसमें एक बार सुबह अगरबत्ती जला कर पूजा करके और फिर से बंद करके और उस टेंट में आ जाया करते थे। एक जोश था दुकान बंद हो जाती थी उसका अफसोस नहीं था।

            आंदोलन चलाते 3 महीने बीते। हमारे गले में आ गई थी। आगवानी करने में गुरुशरण छाबड़ा और मेरे जैसे लोग थे। पत्र लिखने का कार्य समाचार भेजने का कार्य मांग पत्र आदि भेजने का कार्य सुंदर हस्तलिपि के कारण मैं ही किया करता था। 3 महीने बीतने के बाद में ऐसा महसूस हुआ कि इस आंदोलन को और ज्यादा खींचा नहीं जा सकता।

            गुरुशरण छाबड़ा जी जयपुर गए, शिक्षा मंत्री से मिले। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया और वह आश्वासन तार के मार्फत करीब  4:30 बजे मुझे मिला और शाम को 5:00 बजे बिना भीड़भाड़ वाली एक सभा हुई। मैंने मंच से घोषणा की कि आंदोलन को स्थगित किया जाता है हमें आश्वासन मिल गया है। आप क्या कहेंगे? स्पष्ट शब्दों में टेंट उठाने की कार्रवाई थी। यही एक सच था। उस सच्च को छिपा करके भी मैं क्या करूं। संघर्ष करने वाले आगे बढ़ते हैं पीछे हटते हैं बीच में रुकते हैं अलग अलग परिस्थितियां होती है लेकिन संघर्ष जारी रहता है और कामयाबी भी दिलाता है।

*             सन 1977 आया। आपातकाल के बाद चुनाव हुए। जनता पार्टी का राज आया। सूरतगढ़ से गुरुशरण छाबड़ा विधायक चुने गए।

 * माननीय भैरों सिंह शेखावत राजस्थान के मुख्यमंत्री चुने गए। उस दिन मैं जयपुर में ही था।   भैरों सिंह जी शेखावत का परिणाम शाम को घोषित हुआ।

** तब हमने यह तय किया कि रात को ही मुख्यमंत्री जी से मिला जाए रात के करीब 10:00 बजे बाद विधायक गुरुशरण छाबड़ा मैं करणी दान सिंह राजपूत और जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजा राम कड़वासरा निवासी मानकसर भैरोंसिंह जी के निवास पर पहुंचे। राजस्थान का शेर भैरोसिंह और कल्याण सिंह कालवी उस समय भोजन कर रहे थे।     

            हमने उसी समय यह बात की।सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हमने जो चुनाव लड़ा है वह कॉलेज की मांग को लेकर लड़ा है। जनता को विश्वास दिलाया कि हमारी जीत होने पर हम कॉलेज यहां खुलवा देंगे इसलिए आज हम आपको बधाई के साथ यह मांग भी प्रस्तुत कर रहे हैं कि हमें सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय चाहिए।

            भैरों सिंह शेखावत हमेशा तुरंत जवाब देने वाले मजाकिया मूड में थे। उन्होंने कहा कि कोई और मांग तो नहीं है,बाद में कुछ और भी मांगोगे। हमने कहा कि नहीं हमें राजकीय महाविद्यालय ही चाहिए। हमारी ओर कोई मांग नहीं है।गुरुशरण जी छाबड़ा को और कोई पद नहीं चाहिए। माननीय भैरों सिंहजी ने कहा कि जब राजकीय महाविद्यालय खोलने की बात आएगी तो सूरतगढ़ के अंदर राजकीय महाविद्यालय खोलने को प्राथमिकता दी जाएगी।

            भैरों सिंह शेखावत से जब हम बात कर रहे थे उस समय जयपुर से विधायक चुनी हुई डॉक्टर उजला अरोड़ा भी मौजूद थी। उन्होंने 6 दिन से आमरण अनशन कर रहे एक ग्रुप को जूस पिलाकर उठाने का निवेदन माननीय मुख्यमंत्री से किया। शेखावत जी ने कहा कि जब 6-7 दिन में कुछ नहीं हुआ तो रात भर और निकाले।  अगले दिन             उनको ढोल धमाके के साथ में उठाएंगे तो लोगों को पता लगेगा और जो अनशन कारी बैठे हैं उनको भी आनंद आएगा। ऐसा ही हुआ। यह घटना इसलिए यह बता रहा हूं कि भैरो सिंह कितने उच्च सोच के व्यक्ति थे।

            शेखावत जी जब सूरतगढ़ आए तब भी हमारी मांग फिर राजकीय महाविद्यालय की थी और उस मांग में एक और मांग हमने जोड़ी कि हम 1970 से जिले की मांग कर रहे हैं। सूरतगढ़ को जिला बनाया जाए। शेखावत जी का भोजन गुरु शरण जी छाबड़ा विधायक के निवास पर ही था। वहां पर फिर एक लिखित मांग पत्र राजकीय महाविद्यालय का दिया गया।

             हमारी वर्षों की मांग पूरी हुई। राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में स्थापित करने के लिए हमने और बहुत सी कार्यवाहियां पूरी की।  मांग सरकार पूरी करती है लेकिन उसमें बहुत सी खाना पूर्ति भी बहुत से उद्देश्य पूरे करने होते हैं। उस समय माननीय ललित किशोर जी चतुर्वेदी उच्च शिक्षा मंत्री थे। गुरुशरण छाबड़ा के और मेरे अनन्य मित्र जो आज नोटरी और वकील का कार्य कर रहे हैं, एनडी सेतिया जी उस समय जयपुर पढ़ रहे थे।छाबड़ा जी के साथ थे।

             उनका एक फोन मैसेज आया। उस दिन रविवार था। एक उपनिदेशक आ रहे हैं जयपुर एक्सप्रेस से हनुमानगढ़ उतरेंगे 9:30 बजे सूरतगढ़ के अंदर एक बैठक करें और वे एक प्रोफॉर्मा लेकर आ रहे हैं उसकी पूर्ति करवाएं तभी कॉलेज खोला जा सकेगा। मुझे 9:00 बजे यह संदेश मिला केवल आधा घंटा बाकी था और इसी अवधि के अंदर लोगों को एकत्रित किया गया। हमारी बैठक सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई। उसमें बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न आया जिसका लिखित विश्वास समय देना था ,जितने छात्र प्रवेश लें 20% छात्राएं होनी आवश्यक है। यह गारंटी उस समय दी थी। हमें सफलता प्राप्त हुई। सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति मिली। प्रोफेसर केदारनाथ जी के हाथों शिलान्यास हुआ। राजकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई। हम बहुत प्रसन्न हुए। हमारे पास महाविद्यालय के लिए भवन नहीं था ऐसी स्थिति में सन् 1977 में सेठ रामदयाल राठी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में महाविद्यालय की टीडीसी प्रथम वर्ष की कक्षा शुरू की। उसके बाद सारड़ा धर्मशाला किराए पर ली।

* राजकीय महाविद्यालय के लिए 5 कमरों का एक भवन बनाने के लिए कमेटी बनाकर चंदा इकट्ठा किया गया और उसका निर्माण किया गया।

            सोहन लाल जी रांका को उसका पहला अध्यक्ष बनाया गया। मेरे एक मित्र जो आज संसार में नहीं है छगनमल सेठिया कोषाध्यक्ष बने।हमने प्रयत्न करके हमारे भवन को सार्वजनिक निर्माण विभाग के सुपुर्द करवाया।

             उसके बाद से आज तक राजकीय महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की शिक्षाएं शुरू हैं। करीब 17-18 सौ विद्यार्थी उसमें पढ़ रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय का नाम आज स्वर्गीय गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय किया जा चुका है। सन 2019 के बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस महाविद्यालय का नाम गुरुशरण छाबड़ा महाविद्यालय रखा।  राजकीय महाविद्यालय में हजारों लोग पढ़ चुके हैं।

            मैं आशा करता हूं कि राजियासर के अंदर भी राजकीय महाविद्यालय खुलेगा और इस क्षेत्र के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर उन्नत पदों पर पहुंचेंगे। मेरी तो एक कामना और भी है कि राजियासर उप तहसील है इलाके को देखते हुए जो क्षेत्र विकसित हो रहे हैं उसे देखते हुए तहसील की स्थापना हो तो और अच्छा विकास हो सकेगा। प्रशासनिक दृष्टि से भी इस इलाके को लाभ मिलेगा।

             विद्यार्थियों की ओर से 6 दिसंबर को महापंचायत का आवाहन किया हुआ है।  उस महापंचायत में मैं भी अपनी उपस्थिति रखूंगा। छात्र विजयी होंगे यही कामना करता हूं। जो भी सरकार आएगी हम उस सरकार के सामने             अपनी मांग रखेंगे।

विद्यार्थियों का साथ भरपूर कोशिश से दूंगा जो इस 78 की चलती उम्र में दे सकता हूं,उससे अधिक देने की कोशिश करूंगा।  

हरियाणा  राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हिसार टीम ने विद्यार्थियों को दिलाई नशा न करने की शपथ

पवन सैनी,  डेमोक्रेटिक फ्रंट, हिसार  –  05 दिसंबर :

                        हरियाणा  राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख एवं एडीजीपी श्री श्रीकांत जाधव के दिशा निर्देशों और नशा मुक्त हरियाणा नशा मुक्त भारत की सोच को साकार करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को के तहत हरियाणा  राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हिसार की टीम ने  अनाजमंडी स्थित महाराजा अग्रसेन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल  में जागरूकता अभियान चलाया।

            एनसीबी  यूनिट हिसार की टीम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एएसपी प्रोबिना पी ने कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहकर दूसरों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करें। विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई।  

            पीएसआई बर्लिन, एसआई मक्खन सिंह यूनिट हिसार े द्वारा अध्यापकों व बच्चों को एचएसएनसीबी की टीम से जोड़ा तथा  नशे के दुष्परिणाम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे के कारण हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि आपके आसपास कोई भी व्यक्ति नशे का व्यापार करता है तो हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के टोल फ्री नंबर पर सूचना दें ताकि उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जा सके।

शिवालिक किड्स स्कूल जैतो की प्रिंसिपल अमनप्रीत कौर को मिला ‘गोल्डन प्रिंसिपल अवार्ड’, टीचर और स्टूडेंट को मिला एफ‌एपी नेशनल अवार्ड-2022

रघुनंदन पराशर, डेमोक्रेटिक फ्रंट, जैतो – 05 दिसंबर :

            चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में शिवालिक किड्स स्कूल इकाई जैतो फाउंडेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह के दूसरे चरण में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति सतनाम सिंह संधू और एफ.ए.पी.  प्रिंसिपल जगजीत सिंह धुरी ने शिवालिक किड्स स्कूल जैतो की प्रिंसिपल अमनप्रीत कौर जी को (गोल्डन प्रिंसिपल अवार्ड ),श्रीमती अंजू बाला को मेधावी स्टूडेंट अवार्ड, श्रीमती प्रिंका रानी को इफेक्टिव टीचर अवार्ड और शिवालिक किड्स की मेधावी छात्राओं को प्राइड ऑफ पंजाब अवार्ड से सम्मानित किया। स्कूल तीसरी कक्षा के छात्र वैभव जिंदल को स्टेट चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो स्कूल के लिए बहुत ही गर्व की बात है। 

            शिवालिक किड्स स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती अमनप्रीत कौर जी ने बताया कि इस समारोह में विभिन्न स्कूलों के लगभग 594 शिक्षकों और 120 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।उन्होंने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी।स्कूल की प्रबंधन समिति के सदस्य अश्विनी कुमार गर्ग, चरण दास मित्तल, राम सरूप बांसल, जगमेल सिंह बराड़,  अशोक कुमार गर्ग, गौरव कुमार गर्ग, श्रीमती दीपी गर्ग, मोहित मित्तल जी ने विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती अमनप्रीत कौर जी एवं समस्त स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय को ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों पर बहुत गर्व है जो विद्यालय की प्रगति के लिए दिन-रात कार्य करते हैं।

Infosys Foundation Bengaluru  & Bhartiya Vidya Bhavan Chandigarh come together to host 7 day long Art Festival from December 9th, 2022

Poster of the festival launched by Padamshri R K Saboo ,Madhukar Malhotra &  Renowned Artists and other dignitaries

Koral ‘Purnoor’ Demokretic Front, Chandigarh – 05 December :

            Infosys Foundation, Bengaluru and Bharatiya Vidya Bhavan, Chandigarh Kendra come together to  celebrate art, music and drama in a week long Contemporary Art Festival this December.  This one-of-its-kind event hosted by Bharatiya Vidya Bhavan in its Bhavan Vidyalaya Chandigarh Campus (Sector 27), will be inaugurated by Punjab Governor and UT Administrator His Excellency Shri. Banwarilal Purohit. The event will also see other dignitaries including Mr. Sameer Goyal, Chief, Infosys Mohali, Mr. Abhishek Goyal, Chief, Infosys Chandigarh Shri. K.G.Raghavan, President, Bharatiya Vidya Bhavan, Bengaluru and others. Padmashri Shri R.K.Saboo,  Chairman, Bharatiya Vidya Bhavan, Chandigarh Kendra and ex-president Rotary International,  will be presiding over the programme. Poster of the festival launched by Padamshri R K Saboo ,Madhukar Malhotra &  Renowned Artists and other dignitaries

            With performances ranging from classical recitals and Qawwalis to clown theatre and fusion concerts, this musical extravaganza is an attempt to put indigenous artists from the Tricity on the art and cultural map of India.  The festival also includes an art exhibition displaying works of over 40 artists from the Tricity and live art workshops. 

            This seven-day festival starts at 5 p.m. on the 9th of December and closes on the 15th of December 2022. Entry will be free for the public during the festival. This prestigious event will also be broadcast live on the YouTube channels of Chandigarh and Bengaluru Kendras of Bharatiya Vidya Bhavan. This is the first time that an event of such scale is organized by Bhartiya Vidya Bhavan Chandigarh. Such events have been organized by Infosys in collaboration with Bharatiya Vidya Bhavan earlier in Pune and Bangalore. Through this programme, citizens of the Tricity will get an opportunity to immerse themselves in music, art, drama and spirituality.

Special attractions:

  •       Dec 9th: Spiritual seeker Geet Rao will perform Shiv Aradhana at 5 pm followed by the artists of Pracheen Kala Kendra, who will present a dance drama – Bharat Amrit Manthan.
  •       Dec 10th and 11th: An Art Workshop will be held in which artists will provide a live demonstration of their art.
  •       Dec 10th: Qawwali will be performed by the Ibadat group on the evening of 10th December.
  •       Dec 11th: A concert will be presented by Guru Rohit Ashwa Bali from Chandigarh and Rajwinder Kaur from Amritsar at 5 pm.
  •       Dec 12th: The play Romeo Juliet and Saat Maskare directed by Sukhmani Kohli will be staged followed by a fusion music by singer Hardeep Kainth from Ropar, Punjab.
  •       Dec 13th:  Kavi Ghosti by Shri. Vijay Kapoor and team followed by a Piano Recital by Anu Bains, Pratham Pal Singh,Atul; Lakra and Nainika.
  •       Dec 14th: Singer and music teacher Purabi Baruah will perform on 14th December after which Bharatanatyam performance will be presented by father-son duo, Rahul and Bharat Gupta.
  •       Dec 15th: Music performance by singer Poonam Rajput and will be followed by a play “First Teacher” will be staged by city’s famous theater artist Chakresh Kumar.

माउंट कार्मल में मनाया गया 35वां वार्षिक दिवस-सह-संस्थापक दिवस 

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, चंडीगढ़ – 5 दिसंबर :

              माउंट कार्मल स्कूल, सेक्टर 47 – बी, चंडीगढ़ की कक्षा 3 से 5 तक के वार्षिक दिवस पर 35वां संस्थापक सप्ताह समारोह आज यहां टैगोर थिएटर में स्कूल के संस्थापक व निदेशक – डॉ. एनी चार्ल्स सैमुअल और डॉ. अर्नेस्ट चार्ल्स जे. सैमुअल के तत्वावधान में आयोजित किया गया।  समारोह की थीम थी ‘वन वर्ल्ड – वन होप’। यह स्कूल के लिए गर्व और खुशी का क्षण था, क्योंकि महामारी के दो वर्षों के बाद इस तरह का उत्साह भरा समारोह हो रहा था।

              मुख्य अतिथि श्रीमती सरबजीत कौर, चंडीगढ़ की मेयर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का एक नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया। छात्रों ने बार्न डांस, सलाकोट डांस, जिप्सी डांस, फिलीपीन डांस और के पॉप डांस प्रस्तुत किया। स्कूल के जूनियर सेक्शन ने गीतों का एक सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया। ‘चिल्ड्रन – द होप ऑफ द वर्ल्ड’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

              मुख्य अतिथि श्रीमती सरबजीत कौर ने तीन श्रेणियों के तहत पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया: वर्ष 2021-22 के लिए कक्षा का सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड छात्र, चमकते सितारे और वर्तमान सत्र के लिए रोलिंग ट्राफियां, जिसमें सर्वश्रेष्ठ पोशाक वाली कक्षा, सबसे अनुशासित वर्ग, सांस्कृतिक गतिविधियों (जूनियर) में सर्वश्रेष्ठ छात्र के लिए बैस्ट क्लास और प्रतिष्ठित जोनाथन इवान चार्ल्स रोलिंग ट्रॉफी।

              मुख्य अतिथि ने मनमोहक प्रदर्शन के लिए जूनियर्स की भरपूर प्रशंसा की और स्कूल व घरों में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रति जीरो टॉलरेंस की दिशा में काम करने के लिए स्कूल, छात्रों, उनके माता-पिता और कर्मचारियों की सराहना की, जिससे भविष्य की सुरक्षा के लिए छात्रों में जागरूकता पैदा हुई। उन्होंने दर्शकों को रोजमर्रा के कामों में प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और जितना हो सके , जूट के बैग और कपड़े के बैग का इस्तेमाल करने की याद दिलाई। 

              संस्थापकों और निदेशकों, डॉ अर्नेस्ट चार्ल्स जे सैमुअल और डॉ एनी चार्ल्स ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और युवा छात्रों के जीवन में शिक्षणेत्तर गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया जो उनके समग्र विकास में मदद करेगा। समारोह राष्ट्रगान के साथ देशभक्ति के स्वर में समाप्त हुआ। प्रिंसिपल, डॉ परवीना जॉन सिंह ने मुख्य अतिथि, सभी गणमान्य व्यक्तियों और माता-पिता को जूनियर छात्रों, सभी प्रतिभागियों और कर्मचारियों को एक सुंदर और उत्साही शो के लिए धन्यवाद दिया।

एस.डी पब्लिक स्कूल, जगाधरी के वासुदेव ने राष्ट्रीय पिस्टल शूटिंग में रचा इतिहास

 डेमोक्रेटिक फ्रंट, सुशील पंडित, यमुनानगर – 26 नवंबर  

            भोपाल में भारत सरकार द्वारा आयोजित खेलो इंडिया शूटिंग सेंटर में राष्ट्रीय स्तर की पिस्टल शूटिंग चैम्पियनशीप में एसडी पब्लिक स्कूल, जगाधरी के दसवीं कक्षा के छात्र वासुदेव ने अपनी योग्यता का सिक्का जमाया। वासुदेव ने अण्डर सवेंटिन वर्षिय शूटिंग प्रतियोगिता में पहले ही प्रयास में अपने आपको निर्धारित 525 अंकों से भी अधिक 531 अंक हासिल कर श्रेष्ठ सिद्ध किया व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। वासुदेव का अगला लक्ष्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पिस्टल शूटिंग में भारत को स्वर्ण पदल दिलवाना है। उसका यह लक्ष्य उसके बुलन्द हौंसले को दर्शाता है।

            वासुदेव की उपरोक्त उपलब्धि विद्यालय माता-पिता व जिले के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करने के पश्चात विद्यालय पहुँचने पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ऊषा शर्मा तथा प्रबन्धक समिति ने जोरदार स्वागत किया तथा उसकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


डेमोक्रेटिक फ्रंट, पवन सैनी, हिसार – 26 नवंबर :


                        अर्बन एस्टेट स्थित विश्वास सीनियर सैकेंडरी स्कूल में कक्षा पांच के विद्यार्थियों ने पर्यावरण पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत करके समाज को पेड़ लगाकर अपने वातावरण को शुद्ध करने का संदेश दिया।

            इस अवसर पर बच्चों ने पेड़ बनकर उनकी उपयोगिता के बारे में बताकर जागृत किया। जिन बच्चों ने पेड़ बनकर संदेश दिया उनमें पीयुष, अरमान, मेदांश, सक्षम, अनिरुद्ध, रोहित, अनमोल व रक्षित शामिल थे।

            वहीं चिडि?ा और फल का रूप छात्रों प्रिंयका, लावण, रियांशी, सिमरन ने धारण किया। फूल बनकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले बच्चों में वर्षा, महम, रिया, वंशिका थे। इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए बच्चों ने अपने सभी सहयोगियों को अपने जन्मदिन पर एक पेड़ लगाने की शपथ भी दिलवाई।

स्मॉल वंडर स्कूल में एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयेाजन

डेमोक्रेटिक फ्रंट, पवन सैनी, हिसार – 26 नवंबर :

                        सेक्टर-15 स्थित स्मॉल वंडर स्कूल में कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों की एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के गानों पर शानदार नृत्य किया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के मन में छिपे स्टेज फियर को दूर करना तथा उनके अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहित करना था।

            सभी विद्यार्थी गानों के अनुसार ही अलग-अलग पोशाक पहन कर आए। विद्यार्थियों ने पोशाक, कोरियोग्राफी, हावभाव तथा स्टेज कवर करते हुए अपनी अनूठी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

            प्रधानाचार्या तरुणा कुहाड़ ने सभी विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की तथा उन्हें प्रोत्साहित किया।

वर्कशॉप में विद्यार्थियों ने सीखा जूट और पेपर बैग्स बनाना

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, चण्डीगढ़ :

            महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल दरिया, चण्डीगढ़ में पर्यावरण विभाग, चण्डीगढ़ के सहयोग से जूट एवं पेपर बैग्स बनाना सीखने हेतु वर्कशॉप का आयोजन किया गया।  इसका संचालन टीचर्स की देखरेख में  किया गया। उन्होंने बच्चों को पेपर व जूट के थैले बनाने सिखाए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि प्लास्टिक थैलों से प्रदूषण फैलता है। ये जल्दी नष्ट न होने के कारण भूमि के उपजाऊपन को भी कम करता है तथा पौधों को पनपने में बाधा उत्पन्न करता है। इन थैलों में काफी मात्रा में विषाणु होते हैं, इसलिए इनमें खाद्य पदार्थ नहीं डालने चाहिए।  इन्हें खान से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जीव-जंतु पॉलिथीन को खाकर अपनी जान गंवा रहे हैं। नदियों का जल भी इन्ही प्लास्टिक थैलों के कारण ही प्रदूषित होता है।

            विद्यार्थियों को जूट बैग्स की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि यह पृथ्वी के आवश्यक तत्वों को हानि नहीं पहुँचाता। यह पर्यावरण सहयोगी होने के कारण जहरीली गैसें तथा नुकसानदायक रासायनिको को पैदा नहीं होने देता। जूट और पेपर के थैले जल्दी गल जाते हैं व् इनसे उर्वरता को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। इससे निकलने वाला धुआं जहरीला नहीं होता है।

            वर्कशॉप का शुभारंभ स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. विनोद कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि स्कूल के इको क्लब के विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने से संबंधित बढ़-चढ़ हिस्सा लेने के कारण लोगों में जागरूकता आ रही है। वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य पॉलीथिन के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को आगाह करना तथा जूट व पेपर थैलों के प्रयोग को बढ़ावा देना था।