मुस्लिम कट्टरपंथियों ने उस्मानाबाद में किया प्रदर्शन, रोकने गए पुलिसकर्मियों को किया घायल

पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह घटना विजय चौक इलाके में मंगलवार को रात करीब साढ़े 10 बजे हुई और हिंसक भीड़ को रोकने की कोशिश के दौरान चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उस्मानाबाद शहर पुलिस थाना के निरीक्षक सुरेश बुधवंत ने बताया, ‘भीड़ ने विजय चौक इलाके में एक पोस्टर, एक पुलिस वाहन और एक ऑटो-रिक्शा को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ को रोकने की कोशिश करते समय एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में 43 नामजद और 150 से 170 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उस्मानाबाद/पुणे/नयी दिल्ली :

कट्टरपंथी मुगल आक्रान्ता औरंगजेब को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की गई थी, जिसमें उसकी आलोचना की गई है। इसके बाद महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में लगभग 150 कट्टरपंथियों की अनियंत्रित भीड़ विरोध-प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर गई। इस हंगामे में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना मंगलवार रात साढ़े 10 बजे विजय चौक इलाके की है। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने एक फेसबुक पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए वाहनों पर पथराव किया और बैनर और होर्डिंग तोड़ डाले।

इस बीच हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में इंस्पेक्टर सुर्वे सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उस्मानाबाद सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुरेश बुधवंत ने पीटीआई को बताया, “भीड़ ने विजय चौक इलाके में एक होर्डिंग, एक पुलिस वाहन और एक ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की। भीड़ को रोकने की कोशिश में एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।”

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 333 (लोक सेवक को गंभीर चोट पहुँचाना), 353 (हमला या लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम के तहत 44 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

उस्मानाबाद के एक स्थानीय न्यूज पोर्टल ‘उस्मानाबाद लाइव‘ के अनुसार, यह सब मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा शुरू किया गया, जब उन लोगों ने नवरात्रि के दौरान चौक पर फहराए गए एक हिंदू धार्मिक ध्वज को हटाकर वहाँ अपने धार्मिक त्योहार के दिन अपना झंडा लगा दिया। इससे दोनों समूहों के बीच तनाव पैदा हो गया, जिसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बहाने कट्टरपंथियों की भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ किया।

हमने पहले भी बताया था कि कट्टरपंथी इस्लामिस्ट किस तरह से हमले, हत्या, आगजनी और बर्बरता को सही साबित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। फिर चाहे फेसबुक पोस्ट को लेकर बेंगलुरू में हुआ दंगा हो या फिर बांग्लादेश में हिंदुओं पर टारगेटेड अटैक। हर बार कट्टरपंथी फेसबुक पोस्ट के बहाने अपनी हिंसा को सही ठहराने की कोशिश करते हैं।

‘अपरम्पार है दान की महिमा पर सीएमके कन्या महाविद्यालय में एन.एस.एस. शिविर आयोजित

सतीश बंसल सिरसा:

सीएमके कन्या महाविद्यालय सिरसा में आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डा. मंजू देवी व डा. कामना कौशिक के द्वारा एक दिन का कैम्प ‘दान दिवसÓ के रुप में मनाया गया। कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या डा. नीना चुघ ने कैम्प का शुभारंभ किया। प्राचार्या डा. नीना चुघ ने स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वैदिक काल से ही दान करने की परम्परा चली आ रही है। महर्षि दधीची, कर्ण और हरीशचन्द्र द्वारा किया गया दान हमें करुणावान, त्यागी और सत्कर्मी बनने के लिए प्रेरित करता है। हरधर्म में दान की महिमा को रेखांकित किया गया है क्योंकि अपने को उत्कृष्ट बनाने के लिए व समाज को सुचारु रुप से चलाने के लिए यह अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय के लिए इसलिए विशेष है क्योंकि आज महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वयंसेवक के रुप में विभिन्न खाद्य पदार्थो यथा रोटी, सब्जी, आचार, दूध, दही, फल आदि का वितरण असहाय व जरुरतमंद लोगों के घर-घर जाकर किया। छात्राओं ने अपने सामथ्र्य अनुसार इन खाद्य पदार्थो का वितरण किया। छात्राओं ने विभिन्न घरों में कचरा पेटी देकर उन्हें कचरा पेटी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। खाद्य पदार्थो व कचरा पेटी के वितरण ने सही अर्थो में आजादी के अमृत महोत्सव को सार्थक रुप प्रदान किया है। छात्राओं ने निस्वार्थ भाव से इसे अपना कर्तव्य समझकर घर-घर जाकर लोगों की यथासंभव सहायता की। ‘दान दिवसÓ कैम्प के आयोजन का सार छात्राओं में यही भाव जागृत करने के उद्ेश्य से किया गया है कि जरुरतमंद को दान देना, सबसे बड़ा कर्म होता है, प्यार-मोहब्बत से जीना ही सबसे बड़ा धर्म होता है।

हम सभी को अपने जीवन में अर्थवेद के श्लोक का अनुसरण करना चाहिए। जिसमें लिखा है सैंकड़ो हाथों से कमाना चाहिए और हजारों हाथों वाला होकर समदृष्टि से दान देना चाहिए।    

जीएसटी भवन” में हिन्दी पखवाड़े पर कवि सम्मेलन आयोजित

पंचकूला:

पंचकूला सेक्टर 25 केन्द्रीय माल और सेवाकर, पंचकूला क्षेत्र “जीएसटी भवन” में हिन्दी पखवाड़ा के समापन समारोह के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया और प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य आयुक्त राजेश सोढ़ी ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में अतिथि कवियों का अभिनंदन किया और हिन्दी पखवाड़ा का भव्य स्तर पर आयोजन करने के लिए संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा की।
मंच का संचालन राष्ट्रीय कवि संगम के प्रान्त प्रभारी सुरेंद्र सिंगला ने किया। कवि सम्मेलन में गीतकार प्रवीण सुधाकर, युवा कवि यश कंसल, कवयित्री सविता सावीं और प्रशिक्षक प्रभात गर्ग ने भाग लिया। कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयुक्त सुनील सिंह कटियार ने हिन्दी पखवाड़ा के सफल आयोजन पर सभी को बधाई दी और मुख्य आयुक्त, अतिथि कविगण एवं सभी अधिकारियों का कवि सम्मेलन में आने के लिए धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण भी किया गया जिसमें मुख्य आयुक्त राजेश सोढ़ी, आयुक्त सुनील सिंह कटियार ने अतिथि कवियों को स्मृति चिह्न, पौधा और उपहार देकर सम्मानित किया। अपर आयुक्त अमनदीप सिंह और सुंदर लाल, संयुक्त आयुक्त अवनीश बंसल, सुखचैन सिंह और रचना सिंह ने प्रतिभागी अधिकारियों को स्मृति चिह्न और पौधा भेंट कर पुरस्कृत किया । वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी बरखा राम मित्तल को हिन्दी पखवाड़ा 2021 के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए विशेष तौर पर सम्मानित किया गया ।

NIRF 2021 लिस्ट जारी

भारत के टॉप कॉलेज और यूनिवर्सिटी की सूची कुल 11 कैटेगरीज में जारी की गई है। इनमें यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, कॉलेज, फार्मेसी, मेडिकल, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूट ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स (ARIIA 2021), लॉ एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट्स और ऑवरऑल शामिल हैं। आधिकारिक वेबसाइट nirfindia.org पर पूरी सूची देख सकते हैं। आइए जानते हैं कैटेगरी वाइज टॉप भारत के टॉप विश्वविद्याल और महाविद्याल कौन से हैं।

  • NIRF रैंकिंग 2021 लिस्ट जारी।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की घोषणा।
  • कुल 11 कैटेगरी में जारी हुई एनआईआरएफ रैंकिंग लिस्ट।

नयी दिल्ली (ब्यूरो):

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से हर वर्ष नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग जारी की जाती है। देश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मैनेजमेन्ट और फार्मेसी संस्थानों की रैंकिंग के लिए एनआईआरएफ संस्था बनाई है। इससे पूर्व रैकिंग के लिए कोई सरकारी संस्था नहीं थी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को वर्ष 2021 की एनआईआरएफ रैंकिंग (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) जारी कर दी। इस वर्ष भी ओवरऑल कैटेगरी में आईआईटी मद्रास को देश का बेस्ट शैक्षणिक संस्थान चुना गया है। वहीं आईआईएससी बेंगलुरु दूसरे और आईआईटी बॉम्बे तीसरे स्थान पर हैं। बेस्ट यूनिवर्सिटी कैटेगरी में आईआईएससी बेंगलुरु पहले, जेएनयू दूसरे और बीएचयू तीसरे पायदान पर हैं। इस वर्ष रैंकिंग फ्रेमवर्क में टॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट्स की कैटेगरी भी शामिल की गई है। इस कैटेगरी में इस वर्ष आईआईएससी बेंगलुरु पहले, आईआईटी मद्रास दूसरे और आईआईटी बॉम्बे तीसेर स्थान पर रहे।

  • मिरांडा हाउस, दिल्ली
  • लेडी श्री राम कॉलेज ऑफ वुमेन, दिल्ली
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई
  • सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता
  • रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर, हावड़ा
  • पीएसजीआर कृष्णम्मल कॉलेज फॉर वूमेन, कोयंबटूर
  • प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई
  • सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली
  • हिंदू कॉलेज, दिल्ली
  • श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली

गौरतलब है कि साल 2016 में एनआईआरएफ लिस्ट 4 श्रेणियों में तैयार की गई थी, जो साल 2019 में बढ़कर 9 हो गए. इस साल एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग 2021 की घोषणा कुल दस श्रेणियों के लिये की गई है. इसमें विश्वविद्यालय, प्रबंधन, कॉलेज, फार्मेसी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्‍चर, ARIIA (नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग) और लॉ जैसी कैटगरीज शामिल हैं.

University Dental Institute Stands Tall Amongst Dental Colleges In India

Chandigarh August 25, 2021

            The Week, in association with Hansa Research and the India Today conducted the prestigious best colleges survey 2021 to rank the top Dental Colleges in India.  Dr. Harvansh Singh Judge Institute of Dental Sciences & Hospital, Panjab University, Chandigarh ranked 17th Best amongst the Dental Colleges in the country and 10th Best amongst Government Dental Colleges all over India, by The Week survey. In the India Today Ranking of best Dental Colleges the institute ranked 23rd.

            These rankings are on the basis of factual scores which are calculated based on weightage assigned to different parameters such as infrastructure, faculty, teaching and learning process, extra-curricular activities, placements and hospital association.  Despite the pandemic affecting all spheres of life, the Dental Institute continued to work diligently to overcome the challenges and proudly met its goals which is evident from these All India Rankings. These rankings are an excellent source of motivation and inspiration for all in the medical education sector to continue to perform excellently with dedication and bring out innovations.

            At Dr. Harvansh Singh Judge Institute of Dental Sciences & Hospital, Panjab University, Chandigarh, the main aim is to impart high quality dental education and achieve extraordinary standards in the field of dentistry and serve the society at large.  Dr. Hemant Batra, Principal-cum-Professor, feels proud to receive this National level recognition under the dynamic leadership and unconditional support and guidance of Prof. Raj Kumar, Vice Chancellor of Panjab University.  This honour would not have been possible without the tireless efforts put in by his team in these challenging times.  He feels grateful and seeks their cooperation in future as well to carry out the work initiated by his predecessors. 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शाह सतनाम जी कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की टीम का किया सम्मान

– स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘न्याय सबके लिएÓ मोटो का प्रदर्शन करते हुए जीता था तृतीय पुरस्कार
सतीश बंसल,  सिरसा 17 अगस्त।
75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह में शाह सतनाम जी कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय सिरसा की गल्र्स गाइड टुकड़ी तीसरे स्थान पर रही थी। गल्र्स गाइड की टीम द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मोटो ‘न्याय सबके लिएÓ का प्रदर्शन किया गया था, जिसके मद्देनजर मंगलवार को जिला न्यायालय स्थित एडीआर भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजेश मल्होत्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुराधा, शाह सतनाम जी कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक पूनम, परेड ऑफिसर सुखदेव सिंह मौजूद थे।
सीजेएम अनुराधा ने बताया कि परेड में शाह सतनाम जी कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की 30 लड़कियों ने भाग लिया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरसा के मोटो ‘न्याय सबके लिएÓ प्रर्दशित किया। उन्होंने बताया कि 10 टीमों में शाह सतनाम जी कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने सभी टीम सदस्यों के बेहतरीन प्रदर्शन व सम्मान मिलने पर प्रशंसा की।

एचएसए का संघर्ष लाया रंग : महिला महाविद्यालय में शुरू होगा कंप्यूटर साइंस विषय

सतीश बंसल  सिरसा:

महिला महाविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं होने के कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। छात्राओं ने एचएसए के बैनर तले महाविद्यालय के प्राचार्य व सीएम को भी पत्र के माध्यम से अवगत करवाया था। एचएसए का संघर्ष रंग लाया और विद्यार्थियों की डिमांड पर अब महाविद्यालय में इसी सत्र से कंप्यूटर साइंस में दाखिले किए जाएंगे। एचएसए द्वारा खासकर छात्राओं के लिए किए गए संघर्ष पर छात्राओं ने एसोसिएशन पदाधिकारियों का आभार जताया। नैशनल कॉलेज के पूर्व प्रधान मोहित मेहता, वर्तमान प्रधान नितिन चौहान, सगंठन की उप प्रधान नैंसी गर्ग, मुख्य अध्यक्ष चंदन सोनी, करण सीवन, हर्षदीप सिंह, शैफाली व सिमरन ने बताया कि बारहवीं कक्षा के बाद कंप्यूटर साइंस विषय लेने की इच्छुक छात्राएं महिला महाविद्यालय में कंप्यूटर साइंस विषय न होने से परेशान थी। छात्राएं समस्या को लेकर नैशनल कॉलेज के छात्र संगठन हिन्दुस्तान स्टूडेंट्स पास पहुंची और समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि वह महिला महाविद्यालय में दाखिला लेना चाहती हैं, परन्तु वहां कम्प्यूटर साइंस न होने के कारण वे दाखिला नहीं ले पांएगी, जिससे उनका साल भी बर्बाद हो जाएगा। छात्राओं की समस्या को देखते हुए उन्होंने सर्वप्रथम महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डा. रामकुमार जांगड़ा को ज्ञापन सौंपा था व उन्हीं दिनों मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर ज्ञापन प्रेषित किया था। छात्राओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उनकी मांग को पूरा किया, जिसपर छात्राओं में खुशी का माहौल है। इसी वर्ष से कॉलेज में कंप्यूटर साइंस में दाखिले किए जाएंगे। छात्राओं ने एचएसए के पदाधिकारियों का उनकी समस्या का समाधान करवाने पर आभार व्यक्त किया।

विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने सेक्टर-1 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में किया पौधारोपण

छात्र व छात्राओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने का किया आह्वान- गुप्ता
— महाविद्यालय में स्थित जिम का दौरा कर खेल उपकरणों का किया निरीक्षण
–जिम के नवीनीकरण के लिये श्री गुप्ता द्वारा काॅलेज को 5 लाख रुपये की राशि दी गई थी।

पंचकूला 27 जुलाई :

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने आज सेक्टर-1 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पौधारोपण किया तथा छात्र व छात्राओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये गुप्ता ने कहा कि वन महोत्सव के कार्यक्रम के तहत पंचकूला में गैर सरकारी संस्थाओं व अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्कूल, काॅलेज व अस्पतालों में पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया है और ऐसे समय में पेड़ों के संरक्षण की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में आॅक्सीजन की कमी का कारण पौधों की कमी रही है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पेड पौधे लगाकर बिना किसी खर्च के पर्याप्त आॅक्सीजन प्राप्त की जा सकती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के हर जिले में आॅक्सीवन स्थापित किये जा रहे है, जिसमें अधिक आॅक्सीजन देने वाले पौधों को लगाया जा रहा है।
उन्होंने छात्र छात्राओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधारोपण करें और पौधे लगाने के साथ साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय में स्थित जिम का भी दौरा किया और खेल उपकरणों का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि श्री ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा इस जिम के नवीनीकरण के लिये 5 लाख रुपये की राशि दी गई थी। श्री गुप्ता ने जिम में खिलाड़ियो ंको दी जा रही सुविधाओ ंकी भी जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुये स्वयं ट्रेडमिल पर दौड़ लगाई।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर कुलभूषण गोयल, बीजेपी जिला अध्यक्ष अजय शर्मा, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यलय की प्रिंसीपल अर्चना शर्मा, काॅलेज के लेक्चरर सहित छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।

गुरू पूर्णिमा व्यास पूजा पर्व

भारतीय संस्‍कृति में गुरु का बहुत महत्‍व है और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु के लिए ही समर्पित किया गया है। इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरुओं की पूजा-सम्‍मान किया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। दुनिया में मां के बाद गुरु को ही सबसे ऊंचा स्‍थान दिया गया है। इस बार 23 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। महाभारत के रचयिता महर्षि व्‍यास का जन्‍म भी आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन ही हुआ था इसलिए इसे व्‍यास पूर्णिमा भी कहते हैं। महर्षि वेद व्‍यास ने ही मानव जाति को वेदों का ज्ञान दिया है और उन्‍हें आदिगुरु माना जाता है। 

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़:

हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है। देश भर में 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार को आषाढ़-गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन अगर आप गंगा स्नान के बाद दान पूण्य का कार्य करते हैं तो यह आपके जीवन में शुभ फलदायी माना जाता है। इस तिथि को लेकर ऐसा माना जाता है कि इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा पर ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इन के जन्म दिन के उपलक्ष्य पर ही सदियों से गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन की परंपरा चली आ रही है। इस वजह से इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

Guru Purnima 2021: हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है। देश भर में 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार को आषाढ़-गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन अगर आप गंगा स्नान के बाद दान पूण्य का कार्य करते हैं तो यह आपके जीवन में शुभ फलदायी माना जाता है। इस तिथि को लेकर ऐसा माना जाता है कि इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा पर ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इन के जन्म दिन के उपलक्ष्य पर ही सदियों से गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन की परंपरा चली आ रही है। इस वजह से इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

हिन्दू धर्म में कुल पुराणों की संख्या 18 है और इन सभी पुराणों के रचियता महर्षि वेदव्यास को ही माना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन जो भी व्यक्ति विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना करता है तो उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस खास दिन प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। चलिए जानते हैं 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और उस दिन पड़ने वाले योग के बारे में.

पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021 दिन शुक्रवार की सुबह 10ः43 बजे से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार की सुबह 08ः06 बजे तक रहेगी। इस तिथि पर अगर बनने वाले योग के बारे में बात करें तो इस साल गुरु पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग बन रहा है, जो सुबह 06ः12 बजे तक रहेगा। इसके बाद 25 जुलाई की सुबह 03ः16 बजे तक प्रीति योग रहेगा और तत्पश्चात आयुष्मान योग लगेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस बार प्रीति योग और आयुष्मान योग का एक साथ बनना शुभ माना जा रहा है। प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। विष्कुंभ योग को वैदिक ज्योतिष में शुभ योगों में नहीं गिना जाता है। इसलिए यह अशुभ होता है।

गुरु पूर्णिमा पर ऐसे करें पूजा

Guru Purnima 2021: गुरु पूर्णिमा के दिन बन रहे ये खास योग, जानें शुभ मुहूर्त और तारीख
Guru Purnima 2021 सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि के दिन गंगा स्नान व दान बेहद शुभ फलकारी माना जाता है।

अगर आप गूरू पूर्णिमा पर विधि विधान के साथ पूजा कर लाभ अर्जित करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास पान के पत्ते, पानी वाले नारियल, मोदक, कर्पूर, लौंग, इलायची होना चाहिए इनके साथ पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसी पूजा करने से सौ वाजस्नीय यज्ञ के समान फल मिलता है।

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि अगर आप इस दिन गंगा में स्नान करते हैं तो इससे आप स्वस्थ्य और आयुवर्द्धक होते हैं। त्वचा रोग और दमा में बहुत लाभ मिलता है। इसलिए ऐसे मौके का लाभ उठाएं। इसके अलावा अगर कोविड-19 का संक्रमण देखें तो आप इसका लाभ घर में भी उठा सकते हैं। इसके लिए आप अपने नहाने युक्त जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें। यह भी उतना ही फलदायी है जितना की गंगा जी में स्नान करना।

याज्ञवल्य ऋषि के वरदान से वृक्षराज को जीवनदान मिला था। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर बरगद की भी पूजा की जाती है। इसके अलावा अगर आप गुरु पूर्णिमा की रात खीर बनाकर दान करते हैं तो इससे मानसिक शांति मिलती है। चंद्र ग्रह का प्रभाव भी दूर होकर लाभप्रद होता है।

16 July से स्कूल खोलने पर पुनर्विचार करे सरकार : चंद्रमोहन

पंचकूला 14 जुलाई:

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने हरियाणा सरकार के 16 जुलाई से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है ताकि देश के उज्जवल भविष्य विधार्थियों के अमूल्य जीवन को बचाया जा सके।

     ‌                         ‌       चन्द्र मोहन ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर का प्रकोप अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इसके साथ ही देश के प्रबुद्ध वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना की तीसरी लहर की आंशका व्यक्त की है। इंग्लैंड में तीसरी लहर पहले ही आ चुकी है।  उनका मानना है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए विशेष रूप से घातक सिद्ध हो सकती है।  इस आशंका को ध्यान में रखते हुए ही सरकार को इस प्रकार का खतरा मोल लेने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।  

     ‌                                उन्होंने शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर से अनुरोध किया है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाएl उन्होंने कहा कि वह स्कूल खुलने के विरोधी नहीं हैं अपितु चिंता उन नौनिहाल बच्चों की है, जिन्होंने अभी अपने जीवन की शुरुआत करनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की  विभीषिका ने किस प्रकार से हरियाणा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी गई,उसकी स्मृतियां अभी लोगों के दिमाग से ओझल नहीं हुई है।

           ‌                         चन्द्र मोहन ने शिक्षा मंत्री को सुझाव दिया कि वह स्कूल खोलने की बजाय बच्चों को शत् प्रतिशत  टीका लगाने की व्यवस्था करने पर जोर दे ताकि बच्चों का जीवन सुरक्षित हो सके। इस लिए उनका सुझाव है कि इन होनहार बच्चों के भविष्य को सुखद और सुरक्षित बनाने के लिए सम्पूर्ण टीकाकरण के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय ले। यह ही प्रदेश और बच्चों के भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

         ‌                              प्रदेश में कोविड रोधी टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज को याद दिलाया कि उन्होंने जुलाई में 25 लाख टीके लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, परसों सोमवार को 45000 लोगों को टीका लग पाया और यही गति रही तो जुलाई में केवल मात्र 10 से 11 लाख लोगों को ही वैक्सीन लग पाएगी। कोरोना की पहली और दूसरी डोज  लगभग 18 लाख से अधिक लोगों को लगी है , इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि 16 जनवरी से शुरू हुए इस  टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत 6 महीने के दौरान  1 करोड़ 56 हजार लोगों को टीका लग चुका है।  लगभग 2 करोड़ 50  लाख की आबादी वाले प्रदेश में अब तक 18 लाख 33 हजार लोगों को ही दोनों डोज लग पाई है। 8 जुलाई को हरियाणा सरकार को 1 लाख 50 हजार टीके केन्द्र सरकार से उपलब्ध हुए हैं इससे भी अधिक दिन काम नहीं चलेगा। इसकी गति और अधिक तेज किए जाने की जरूरत है ताकि इस बीमारी का मुकाबला दक्षता के साथ किया जा सके।

               ‌                     चन्द्र मोहन ने सुझाव दिया कि  शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को आपसी तादात्म्य और समन्वय बनाकर कर ही स्कूल खोलने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने चाहिेए। सभी बच्चों का अभी तक टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है और अगर कोई अनहोनी हो गई तो इसका सारा दायित्व हरियाणा सरकार का होगा और ऐसी परिस्थिति में जबाब देही केवल मात्र सरकार की होगी।