महाराष्ट्र में बीजेपी के बाद शिवसेना भी सरकार बनाने में नाकाम रही है. इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरे नंबर की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का न्योता भेजा है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें राज्यपाल का न्योता मिला है.

चंडीगढ़:
महाराष्ट्र में बीजेपी के बाद शिवसेना भी सरकार बनाने में नाकाम रही है. इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरे नंबर की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का न्योता भेजा है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें राज्यपाल का न्योता मिला है. वे शाम आठ बजे तक राज्यपाल से भेंट कर बताएंगे कि वे सरकार बनाने में सक्षम हैं या नहीं. मालूम हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा 105 सीटें आई हैं. वहीं शिवसेना को 56 और एनसीपी के 54 विधायक हैं. कांग्रेस के 44 विधायक हैं.
एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि सरकार बनाने के लिए हमें राज्यपाल का न्योता पत्र मिला है. हम कांग्रेस से बातचीत के बाद सरकार बनाने के किसी नतीजे पर पहुंचेंगे. शिवसेना को यह मौका मिला था, लेकिन वे राज्यपाल को बहुमत के आंकड़े को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाए. कांग्रेस नेताओं की शरद पवार से मुलाकात के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा.
शिवसेना को राज्यपाल ने नहीं दिया वक्त
शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमसे कहा गया था कि 24 घंटे भीतर बताइए कि आप सरकार बनाएंगे या नहीं. हालांकि हमने 48 घंटे का वक्त मांगा था. हमने राज्यपाल से मिलकर उन्हें कह दिया है कि शिवसेना (Shiv Sena) सरकार बनाने को तैयार है. हमने राज्यपाल महोदय से कहा है कि हम सरकार तो बनाएंगे, लेकिन स्थाई सरकार के लिए हम सहयोगियों से अभी भी बातचीत कर रहे हैं.’
गवर्नर ने भाजपा और शिव सेना को 24 – 24 घंटे का समय दिया था जो कि अब राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी के पाले में गया है। काँग्रेस और एनसीपी अपने बड़े द्श्मन भाजपा के बदले छोटे दुश्मन शिवसेना का साथ देने को तयार थे। कयास यह भी लगाए जा रहे थे कि अजित पवार माननीय राज्यपाल से मिल कर शिवसेना को समर्थन कि बात कहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब कॉंग्रेस एनसीपी का मानना है कि किसी भी तरह दोबारा चुनाव नहीं होने चाहिए, सबसे बड़ा कारण राम मंदिर पर आया फैसला और मोदी के पक्ष में लहर है। यदि दोबारा चुनाव होते हैं तो तो शायद भाजपा इसका पूरा पूरा फायदा उठा ले जिससे कॉंग्रेस एक बार फिर सत्ता से दूर हो जाये।
राज्यपाल से मिलकर लौटे आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनको समर्थन करने वाली पार्टियों की अपनी प्रक्रिया होने के कारण उन्हें अभी तक समर्थन का पत्र नहीं मिला है. आदित्य ने कहा राज्यपाल ने उन्हें और समय देने से मना कर दिया है, लेकिन उनके सरकार बनाने के दावे को खारिज नहीं किया है. आदित्य ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने की कोशिश जारी रखेंगे.
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी डील फाइनल नहीं हुई है. बातचीत का दौर जारी है. इसके अलावा कांग्रेस ने लिखित बयान जारी कर भी यही बात कही है.

