दुबई से आए प्रतिनिधिमंडल ने बाग़बानी क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा की गयी पहलकदमियों को सराहा

  • पंजाब से बाग़बानी फसलों के निर्यात को उत्साहित करने के लिए जौड़ामाजरा की तरफ से मीटिंग की अध्यक्षता
  • पंजाब निकट भविष्य में बाग़बानी उत्पादों का सीधा निर्यात करेगा : चेतन सिंह जौड़ामाजरा

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ – 05मई  :

पंजाब के किसानों के आर्थिक स्तर को और ऊँचा उठाने के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सपने को साकार करने की तरफ एक और विशेष कदम उठाते हुये बाग़बानी मंत्री पंजाब चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने बाग़बानी फसलों ख़ास कर आलू, किन्नू, मिर्च और लीची के निर्यात को उत्साहित करने की संभावनाओं और अन्य बाग़बानी फसलों के मानक उत्पादन, मंडीकरण और प्रोसेसिंग संबंधी विचार- विमर्श करने सम्बन्धी मीटिंग की।

मंत्री की तरफ से बाग़बानी विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पंजाब के अलग-अलग जिलों के प्रगतिशील किसानों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया। मीटिंग में मौके पर उपस्थित अधिकारियों और किसानों ने इन बाग़बानी फसलों के निर्यात सम्बन्धी संभावनाओं और भावी मुश्किलों के हल सम्बन्धी सुझाव भी दिए। इस मीटिंग में प्रगतिशील किसान प्रदीप कुमार, बलविन्दर सिंह, हरदीप सिंह घग्गा, पवन जोत सिंह और अन्य प्रगतिशील किसान भी उपस्थित थे।

जौड़ामाजरा ने निर्यात के लिए अलग-अलग बाग़बानी फसलों की महत्ता और विभाग की तरफ से अपनाई जा रही कलस्टर पहुँच के लाभों के बारे बताया। उन ‘फेज़’ के अंतर्गत ज़िला फ़िरोज़पुर में स्थापित किये गए मिर्च कलस्टर की प्राप्तियों संबंधी बताया। पंजाब की तरफ से आलू, मिर्च, किन्नू और लीची के निर्यात की संभावना बताते हुये उन्होंने निकट भविष्य में पंजाब की अन्य प्रमुख फ़सलों को कलस्टर पहुँच के अधीन लाने का विचार पेश किया।

विभिन्न जिलों से आए किसानों ने अपने-अपने क्षेत्र में बीजी गयी फ़सलों के मंडीकरण में आ रही मुश्किलों के बारे बताते हुये मंत्री को इन मसलों के हल के लिए विनती की। किसानों ने बाग़बानी उत्पादों के निर्यात में उनको पेश चुनौतियों के बारे भी बताया, जिसमें मिर्च और आलू की उचित किस्मों, मिर्चों के लिए कोल्ड स्टोरेज़ और सुखाने की सहूलतें, अमरूद और मिर्च के लिए प्रोसेसिंग बुनियादी ढांचा जैसी समस्याएं शामिल थे। उन्होंने अमृतसर हवाई अड्डे पर निर्यात सहूलतें बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया।

मीटिंग में दुबई के व्यापारियों और निर्यातकों का एक प्रतिनिधिमंडल किसानों को उनकी उपज के सीधे मंडीकरण में सहायता देने के लिए आगे आया। जौड़ामाजरा ने किसानों को प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधा विचार-विमर्श करने के लिए प्रेरित किया जिससे वह दुबई के रास्ते से सीधा अंतरराष्ट्रीय मंडी में निर्यात कर सकें। प्रतिनिधिमंडल के मैंबर बाग़बानी क्षेत्र में पंजाब सरकार के यत्नों से बहुत प्रभावित हुए। इस मौके पर अधिकारियों और उद्यमियों ने निर्यात सहूलतों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए।

मीटिंग में मंत्री ने मिर्चों की काश्त को उत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा चलाई जा रही कलस्टर पहुँच की सराहना करते हुये कहा कि कलस्टर पहुँच को लागू करने से किसान अपनी फसलों की पैदावार में विस्तार कर सकते हैं और इसके साथ ही उनको बढ़िया कीमत भी मिलेगी और वह दूर- दूराज के बाज़ारों में अपनी उपज बेचने के योग्य हो जाएंगे।

बाग़बानी विभाग के डायरैक्टर शैलेंद्र कौर ने मौजूदा उत्पादन और उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं के बारे विस्तार से बताया। इसके इलावा उन्होंने विभाग की तरफ से इस मंतव्य के लिए किये जा रहे यत्नों के बारे भी बताया।

बाग़बानी मंत्री ने भरोसा दिया कि सरकार खेती विभिन्नता को उत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निर्यात सहूलतें बढ़ाने के लिए किसानों का पूरा समर्थन करेगी।