जेठमल मूंदड़ा पार्क खाली करवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन की चेतावनी

करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, सूरतगढ़ 12 दिसंबर :

                        नगर पालिका से जेठमल मूंदड़ा पार्क खाली करवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है जिसमें 5 दिन में पार्क खाली करने का समय भी दिया गया है।

मूंदड़ा पार्क खाली करवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है

                        यह चेतावनी पत्र आज उपखंड मजिस्ट्रेट संदीप कुमार काकड़ को सौंपा गया। नगर पालिका ने जेठमल मूंदड़ा पार्क में लाखों रुपए लगाने के बाद में कब्जा कर लिया और उसमें अपने वाहन खड़े करने शुरू कर दिए और कचरा पत्र बना कर रख दिया। इससे वहां पर घूमने वाले लोगों के लिए परेशानी पैदा हो गई। 

                         बहुत बार मांग करने के बावजूद नगरपालिका के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और अधिशासी अधिकारी विजयप्रतापसिंह ने कोई गौर नहीं किया। 

                        इसके बाद में नागरिकों की ओर से उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष 133 सीआरपीसी में कार्रवाई करने का वाद प्रस्तुत किया गया जिस पर  सुनवाई हुई और उपखंड मजिस्ट्रेट ने फैसला भी दिया लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने उस फैसले का भी पालन नहीं किया।

 

                         गौरतलब है कि नगर पालिका से  बार-बार पार्क को खाली कराने की मांग उठती रही नगर पालिका प्रशासन उपखंड अधिकारी तक को गलत सूचनाएं देकर भ्रमित करता रहा।

                         शहर के जागरूक नागरिकों की ओर से नगर पालिका से पार्क खाली कराने की मांग को लेकर उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष 133 सीआरपीसी में वाद पेश किया गया था जिस पर लंबी सुनवाई के बाद में नगरपालिका के जवाब दिए जाने के बाद उपखंड मजिस्ट्रेट ने 5 अगस्त 2022 को निर्णय दिया।इस निर्णय के अंतर्गत नगरपालिका को 4 माह में पार्क खाली करना था लेकिन नगरपालिका ने यह पार्क खाली नहीं किया। उपखंड अधिकारी के निर्णय में लिखा गया था कि यदि नगर पालिका प्रशासन ने पार्क खाली नहीं किया तो किसी दूसरी एजेंसी से पार्क खाली करवा दिया जाएगा। उपखंड मजिस्ट्रेट के द्वारा दिए गए निर्णय के 4 माह की अवधि 4 दिसंबर को बीत गई। 

                        नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने उपखंड कार्यालय में उपस्थिति होकर पार्क खाली कर देने का कहा था लेकिन यह पारँक खाली नहीं किया।

                         अब आमरण अनशन की चेतावनी के बाद नगर पालिका प्रशासन के गले में फंदा और शहर में एक नया तूफान आने की आशंका हो गई है।

पालिका ने अपनी गलतियों से यह हालात पैदा किये हैं।

                        आज उपखंड मजिस्ट्रेट से नागरिक मिले और यह चेतावनी पत्र दिया। इस पत्र को देने वालों में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने 133 सीआरपीसी में उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष वाद पेश किया था।

                         इनमें रेवंत राम सोनगरा,महावीर प्रसाद तिवारी, एडवोकेट कमल दत्त पारीक,महावीर भोजक, हनुमान सिंह सिसोदिया,बलदेव राज तनेजा, सिकंदर खान,प्रेम सिंह सिंगी काट,लीलाधर फौजी,धर्मवीर सैनी,आसाराम गहलोत, देशराज आदि थे। 

                        रेवंत राम सोनगरा ने बताया कि इस नोटिस की प्रतियां जिला कलेक्टर श्री गंगानगर और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को कल यानी 13 दिसंबर को दी जाएगी।०0०