मुख्यमंत्री ने दी ब्राह्मणों को महाकुंभ में सौगात : त्यागी

ब्राह्मण महाकुंभ की सफलता से उत्साहित है समाज

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रंट, यमुनानगर :

            मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा करनाल में आयोजित भगवान परशुराम ब्राह्मण महाकुंभ में ब्राह्मणों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को माननीय कुछ अन्य घोषणाओं को लेकर ब्राह्मण समुदाय में खुशी की लहर है। प्रदेश का पूरा ब्राह्मण समाज उत्साहित नजर आ रहा है। करनाल में आयोजित इस महाकुंभ से लौट कर आए भगवान परशुराम सेवा मंच के अध्यक्ष राकेश त्यागी, गन्ना नियंत्रण बोर्ड के सदस्य विश्वास शर्मा, संजीव बक्शी, संजय बक्शी, पार्षद सुरेंद्र शर्मा, नरेश कुमार, अजय त्यागी, सूरजभान शर्मा, रोशन लाल शर्मा, तथा वीरेंद्र त्यागी ने बताया कि यमुनानगर से भी करनाल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण रवाना हुए थे।

            उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के वहां पहुंचने से पहले व मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजकों तथा विभिन्न ब्राह्मण संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों ने ब्राह्मणों की मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। कार्यक्रम में प्रदेश भर के सभी जिलों से हजारों की संख्या में ब्राह्मण इस महाकुंभ में पहुंचे तो यह मैदान भी छोटा पड़ गया।

            राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा, हरियाणा औद्योगिक विकास निगम के चीफ कोऑर्डिनेटर सुनील शर्मा, सांसद अरविंद शर्मा, रमेश कौशिक, डीपी वत्स, संजय भाटिया, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, पूर्व मंत्री रामविलास शर्मा, संत कालिदास आदि की उपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा ब्राह्मण समाज को उनकी मांगें मानकर भगवान परशुराम महाकुंभ के मायने साकार किए। उन्होंने इस वर्ष से ही अक्षय तृतीय भगवान परशुराम जन्म दिवस के मौके पर सार्वजनिक छुट्टी की भी घोषणा की और कहा कि यह छुट्टी इसी वर्ष से लागू होगी।

            इसके अतिरिक्त और भी बहुत सी मांगों पर उन्होंने अपनी सहमति देते हुए घोषणा की है कि इन सभी मांगों को पूरा किया जा रहा है तथा कुछ ऐसी मांगे थे जिन पर कानूनी दांव पर चढ़े हुए थे उन्हें भी दूर करने की बात कही। ब्राह्मण समुदाय से जुड़े इन लोगों ने बताया कि ब्राह्मणों का उत्साह देखते ही बनता था और इसी उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री भी गदगद हुए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सदा ही पूजनीय रहे हैं और पूजनीय रहेंगे।

            इससे पूर्व भी उन्होंने दादा लख्मीचंद के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखने की घोषणा पूर्व मंत्री रामविलास शर्मा के कहने पर की थी। मौके पर उपस्थित ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री की सराहना की और कहा कि ब्राह्मणों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई है घोषणा उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग का हिस्सा थी। इन सभी पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया और कहा गया कि ब्राह्मणों का पहली बार ऐसा सम्मेलन इसी सरकार में किया गया है और भविष्य में भी इस प्रकार का राज्य स्तरीय ब्राह्मण महाकुंभ आयोजित किया जाता रहेगा ऐसी उन्हें उम्मीद है।

            ब्राह्मणों की कुछ और भी मांगे हैं जो रह गई हैं उन्हें भी पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर जिले में ब्राह्मण भवन के लिए भी सरकारी तौर पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के माध्यम से जमीन अलाट की जाएगी इसके लिए जो प्रक्रिया है वह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और सभी ब्राह्मण संगठनों को अपील की गई है कि वह भी इसके लिए अपना आवेदन दें।