बैठक में कमेटी के सदस्य और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फंसे छात्रों की निकासी प्रक्रिया की तारीफ की। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा हालात में अच्छा काम हो रहा है। साथ में ही कई सांसदों ने कहा कि भारतीयों को निकाले जाने का काम थोड़ी देर से शुरू हुआ, लेकिन अब जो हालात हैं उसमें अच्छा काम हो रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमेटी के सामने यूक्रेन के बहाने चीन और रूस की नजदीकी का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने चीन और पाकिस्तान के करीब आने का मसला भी सामने रखा। राहुल गांधी ने इससे पहले मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए संसद में भी कहा था कि मोदी सरकार की कमजोर नीतियों की वजह से ही पाकिस्तान और चीन के बीच संबंध मजबूत हुए हैं.

नयी दिल्ली (ब्यूरो) डेमोक्रेटिक फ्रंट :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर फंस गए हैं। कांग्रेस अब उनसे तारीफ वाले बयान पर स्पष्टीकरण मांगेगी। हालांकि हाल के दिनों में मोदी की तारीफ करने वाले वे पहले कांग्रेसी नेता नहीं हैं, बल्कि उनसे पहले जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी भी मोदी की तारीफ की तारीफ कर चुके हैं।
थरूर के तारीफ करने वाले बयान पर केरल कांग्रेस के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा, ‘मैं थरूर से बात करूंगा और उनसे बयान के बारे में पूछूंगा। फिलहाल, थरूर विदेश में हैं। थरूर के स्पष्टीकरण के आधार पर पार्टी कार्रवाई करेगी।
दरअसल, यूक्रेन से विद्यार्थियों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में गुरुवार (3 मार्च 2022) को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें कॉन्ग्रेस के महासचिव राहुल गाँधी और शशि थरूर के साथ-साथ विभिन्न दलों के नेता शामिल थे।
बैठक के बाद थरूर ने कहा कि यूक्रेन पर विदेश मामलों की सलाहकार समिति की सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने विपक्षी दलों के सवालों एवं चिंताओं के स्पष्ट जवाब दिए। इसके लिए विदेश मंत्री को धन्यवाद देते हुए थरूर ने मोदी सरकार की विदेश नीति की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि इसी गति से विदेश नीति चलनी चाहिए।
थरूर ने कहा कि राष्ट्रीय हितों की बात पर ‘भारत सर्वप्रथम की नीति’ के तहत पक्ष-विपक्ष एकजुट हो जाते हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहने की भारत की नीति का कॉन्ग्रेस के सांसदों ने समर्थन किया।
राहुल गाँधी ने बैठक में चीन और पाकिस्तान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ये दोनों देश रूस के करीब आ रहे हैं, लेकिन अभी देश की प्राथमिकता यूक्रेन से छात्र-छात्राओं को निकालना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिक्रिया में देर हुई और एडवाइजरी भ्रमित कर रही थी। अब इस संकट में साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
बता दें कि युद्धग्रस्त यूक्रेन में फँसे भारतीय छात्र-छात्राओं को वापस लाने के लिे भारत सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’ नाम से रेस्क्यू अभियान चला रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारतीय वायु सेना के विमान बुखारेस्ट (रोमानिया) से पहली सी-17 उड़ान के साथ ऑपरेशन गंगा में शामिल हो गए हैं। बुडापेस्ट (हंगरी), बुखारेस्ट (रोमानिया) और रेजजो (पोलैंड) से भारतीय वायुसेना (IAF) की उड़ानें शुरू की की गई हैं।
बागची ने बुधवार (2 मार्च, 2022) को जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन पर रूसी हमला होने के बाद से अभी तक लगभग 17,000 भारतीयों ने यूक्रेन छोड़ दिया है। वहीं अब तक 15 उड़ानों में 3,352 लोग भारत भी लौट आए हैं।

