Tuesday, May 12

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे अधिक ‘भारत’ के उत्पादों के इतन प्रचालन किया कि भारत में उत्पाद आरंभ हो गए। इंटरनेट के लिए टिवीटर(Twitter) के मुकाबल में ‘कू’ को और व्हाट्स एप (What’s App) की प्रतियोगिता के लिए ‘Telegram’ टेलीग्राम की बहुत तारीफ की। लोगों ने आम जनता ने बहुत ही अधिक आगे बढ़ कर इनका प्रयोग किया। लेकिन विदेशी एप्लीकशंस का उपयोग और अधिक बढ़ा दिया। आम जनता को न तो कू और न ही टेलीग्राम द्वारा प्रधानमंत्री की सूचनाएँ उपलब्ध होतीं हैं। नरेंद्र मोदी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट में हैकर्स ने सेंध लगा दी और @narendramodi के ट्विटर अकाउंट से रविवार (12 दिसंबर) की सुबह 2.11 बजे एक स्‍पैम ट्वीट किया गया। इस ट्वीट में कहा गया, ‘भारत ने आधिकारिक रूप से बिटकॉइन को कानूनी स्‍वीकार्यता दे दी है।

सारिका तिवारी, चंडीगढ़/नयी दिल्ली:

रविवार की तड़के सुबह करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी का ट्विटर अकाउंट कुछ समय के लिए हैक हो गया। हैकर ने प्रधानमंत्री मोदी के ट्विटर हैंडल से बिटकॉइन को मंजूरी देने वाली पोस्ट शेयर कर दी। हालांकि कुछ ही देर बाद प्रधानमंत्री मोदी के ट्विटर अकाउंट को सुरक्षित कर लिया गया। तड़के सुबह पीएमओ ने ट्वीट कर अकाउंट के सुरक्षित होने की जानकारी दी। 

PMO ने कहा कि हैंडल में गड़बड़ी के दौरान जो भी ट्वीट्स किए गए, उन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत ट्विटर हैंडल को हैक कर के रात के 2:11 बजे उससे ट्वीट किया गया, “भारत ने बिटकॉइन को लीगल टेंडर के रूप में स्वीकार कर लिया है। भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से 500 बिटकॉइन की खरीददारी की है और इन्हें सभी नागरिकों को बाँटा जा रहा है। जल्दी कीजिए, इंडिया। भविष्य आज आ गया है।”

इसके साथ ही एक संदिग्ध लिंक भी शेयर किया गया। हालाँकि, हैंडल के वापस आने के बाद इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ‘इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम’ (CERT-IN) पता लगा रही है कि इस हरकत के पीछे कौन लोग हैं और कैसे ऐसा हुआ। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो। सितंबर 2020 में भी प्रधानमंत्री की वेबसाइट के हैंडल को हैक कर के क्रिप्टो करेंसी से जुड़े ट्वीट्स किए गए थे।

सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं, दुनिया भर की कई हस्तियाँ इस प्रकार की हैकिंग का निशाना रही हैं। जुलाई 2021 में टेस्ला के CEO और विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति एलोन मस्क, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स टीवी स्टार किम करदाशियाँ और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के ट्विटर हैंडल्स को निशाना बना कर बिटकॉइन सम्बंधित ट्वीट्स किए गए थे। ट्विटर के उच्च-स्तरीय आंतरिक अधिकारियों को निशाना बना कर इन हैंडल्स को हैक किया गया था।

ट्विटर ने इसे ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के जरिए की गई हैकिंग बताते हुए कहा था कि अधिकारियों के टूल्स को नियंत्रण में लेकर हैकर्स ने कई हस्तियों के हैंडल्स को हैक किया। इसी तरह सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट के ट्विटर हैंडल को हैक कर के लिखा गया था कि ‘प्रधानमंत्री राहत कोष’ में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए डोनेट करें। साथ ही एक ब्लॉकचेन एड्रेस भी दिया गया था। बाद में एक अन्य ट्वीट में बताया गया कि ‘जॉन विक’ ने इस हैंडल को हैक किया है।

क्या इस खेल के पीछे कॉंग्रेस पारी का ही काम था? किसी भी आम आदमी अथवा राजनीतिज्ञ ने इस पर कोई लताड़ नहीं लगाई बस कोंग्रेसी बस श्रीनिवास बीवी ने ही रात 3 बज इस पर मोदी को तंज़ दिया।

क्या प्रधान मंत्री के ट्विट्टर अकाउंट के साथ छेड़ चाड और फिर प्रधान मंत्री पर तंज़ की छान बीन में इन्हे थोड़ा सा भी पूछा जाएगा या फिर बस एक मज़ाक समझ कर छोड़ दिया जाएगा?