पंचकूला 9 सितंबर:
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में जिस प्रकार से देश में सरकारी संस्थाओं का निगमीकरण करके उसे नीजि हाथों में सौंपने की तैयारी करके नौकरियों को खत्म किया जा रहा है, उसे आने वाले समय में देश पर नेताओं का नहीं अपितु बड़ी- बड़ी कम्पनियों का राज होगा जैसा कि ब्रिटिश शासन काल के दौरान हुआ था।
उन्होंने कहा कि आजाद भारत में पहली एक ऐसा कानून बनाया गया है कि ओरडीनन्स फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने और चंदा देने पर जेल की सजा देने और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। देश में पहली बार हो रहा है कि रक्षा उपकरण बनाने वाली देश की 41 फैक्ट्रियों का निगमीकरण करने के लिए संसद के इस सत्र में हड़ताल में शामिल होने पर सजा देने का बिल पास किया गया है। इसके विरोध में इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले 84 हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद भारत में यह पहली बार हुआ है कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को दो साल की कैद और 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार इस युनियन को चंदा देने वाले को भी एक साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना भी किया जाएगा। इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती है कि डिफेंस का निगमीकरण होने से विदेशी कंपनियों का दखल बढ़ेगा और देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हो सकता है।
चन्द्र मोहन ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके ,सुरक्षा के कार्य में सेनानियों का मनोबल बढ़ाने का काम करें और इस निर्णय को वापस लेकर लोकतंत्र की रक्षा करें।
उन्होंने कहा कि आज देश में भाजपा के शासनकाल में , जिस तरह देश की सम्पत्ति औने-पौने दामों में खूर्द – बूर्द किया जा रहा है। इस लिए केन्द्र सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ सब को एक जूट होकर विरोध करना होगा ताकि देश की रक्षा से संबंधित उपकरणों के उत्पादन को विदेशी कंपनियों के शिकंजे से मुक्त रखा जा सके।

