आज 12 दिसंबर को हिंदू पंचांग के अनुसार शनिवार है. शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है. इस दिन शनिदेव का खास तरह से पूजा करने पर व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते है. वहीं जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही होती है वह भी खत्म हो जाती है. माना जाता है कि शनिदोष से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्रयुक्त शनिवार से आरंभ करके सात शनिवार तक शनिदेव की पूजा करने के साथ साथ व्रत रखना चाहिए.
विक्रमी संवत्ः 2077,
शक संवत्ः 1942,
मासः मार्गशीर्ष,
पक्षः कृष्ण पक्ष,
तिथिः त्रयोदशी रात्रि 03.53 तक है
वारः शनिवार,
नक्षत्रः विशाखा रात्रि 04.05 तक है,
योगः अतिगण्ड दोपहरः 12.06 तक,
करणः गर,
सूर्य राशिः वृश्चिक,
चंद्र राशिः तुला,
राहु कालः प्रातः 9.00 बजे से प्रातः 10.30 तक,
सूर्योदयः 07.08,
सूर्यास्तः 05.21 बजे।
नोटः आज शनि प्रदोष व्रत है।
विशेषः आज पूर्व दिशा की यात्रा न करें। शनिवार को देशी घी, गुड़, सरसों का तेल का दानदेकर यात्रा करें।

