आकांक्षा के सम्मान के लिए योगी सरकार लामबद्ध

अपनी मेधा से कुशीनगर के अभिनायकपुर की छात्रा आकांक्षा सिंह ने देशभर में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस एग्जामिनेशन 2020 (नीट) में शत प्रतिशत अंक पाकर कर इतिहास रचने वाली इस बेटी और उनके पूरे परिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अपने सरकारी आवास पर सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए मिशन शक्ति चला रहे सीए योगी प्रदेश की इस बेटी से प्रभावित हैं, इसीलिए उसे सम्मानित करने का फैसला किया। प्रदेश सरकार ने आकांक्षा की एमबीबीएस की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भी निर्णय लिया है। भविष्य में कोई दिक्तत न हो, इसके लिए पूरी रकम एक मुश्त दी जाएगी।

उप्र(ब्यूरो):

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (28 अक्टूबर 2020) को मुख्य सचिव को एक आदेश दिया। आदेश में उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को कहें कि आकांक्षा सिंह को भी शोएब आफ़ताब के साथ-साथ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में ‘ऑल इंडिया जॉइंट टॉपर’ घोषत किया जाए। बुधवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकांक्षा सिंह को साल 2020 की नीट परीक्षा में उत्कृष्ट अंक (पूरे अंक) हासिल करने के लिए सम्मानित भी किया। 

आकांक्षा सिंह को इस परीक्षा में ऑल इंडिया दूसरा पायदान हासिल हुआ था। इस मामले पर विवाद तब शुरू हुआ था, जब एनटीए ने उड़ीसा के शोएब आफ़ताब को पहला स्थान दिया था। जबकि ठीक उतने ही अंक पाने वाली आकांक्षा सिंह को दूसरा स्थान दिया गया था। शोएब आफ़ताब और आकांक्षा सिंह दोनों को ही 720 अंकों की परीक्षा में 720 अंक मिले थे। लेकिन उम्र को आधार बनाते हुए एनटीए ने शोएब आफ़ताब को पहला स्थान दिया था और आकांक्षा सिंह को दूसरा स्थान।

एनटीए की टाई ब्रेकिंग पालिसी (tie breaking policy) के अनुसार इस तरह के मामलों में जिन प्रतिभागियों की उम्र ज़्यादा होगी, उन्हें कम उम्र के प्रतिभागियों की तुलना में ज़्यादा प्राथमिकता मिलेगी। क्योंकि 18 साल के शोएब आफ़ताब की उम्र परिणाम जारी होने के बाद आकांक्षा सिंह की तुलना में ज़्यादा थी, इसलिए उसे रैंकिंग के मामले में प्राथमिकता मिली और उसे पहले स्थान पर रखा गया। 

योगी आदित्यनाथ ने आकांक्षा सिंह को सम्मानित किया और साथ ही साथ ऐलान भी किया कि उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार आकांक्षा सिंह की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय हैं। आकांक्षा ने साबित किया है कि लड़कियाँ किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं।

इसके बाद उन्होंने कहा, “आकांक्षा ने इच्छा जताई है कि वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में प्रवेश लेना चाहती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाएगी।” 

इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव को दिए गए आदेश में कहा कि वह आकांक्षा सिंह के परिवार से पूरे खर्च की जानकारी लें, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा उन्होंने आकांक्षा और उसके भाई को उपहार स्वरूप एक टेबलेट भी दिया। 

आकांक्षा सिंह वायुसेना के सार्जेंट और प्राइमरी विद्यालय शिक्षिका की बेटी हैं। वह कक्षा 8 तक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि एम्स के माध्यम से लोगों की मदद कर सकती हैं, तब उन्होंने इसकी तैयारी करने का निर्णय लिया। योगी आदित्यनाथ आकांक्षा सिंह के गाँव की सड़क का नाम भी उसके नाम पर रखने का फैसला किया है।     

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