‘फिल्म बंधु’ की तैयारियों ने ज़ोर पकड़ा

ऐसा कहा जा रहा है की जो युवा उत्तर क्षेत्र से मुंबई की ओर जाता है अपने स्पाने साकार करने उसको उसको यह ऊँची नाक वाले मुम्बैअंस….. स्वीकार नही करते जिस वजह से यह युवा खुद को अकेला महसूस करता है……. और इस बात का उदहारण सुशांत सिंह राजपूत को रखा जा रहा है। फिल्मी दुनिया में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मचे तूफान के बीच यूपी में फिल्म सिटी बनाए जाने को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बॉलीवुड के तमाम अहम चेहरों और फिल्म प्रोड्यूसरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और इस बैठक के बाद ऐलान किया कि ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी का निर्माण होगा। अब देखना यह होगा की हिन्दी पट्टी के नाम पर यह एक क्षेत्रीय सिनेमा न बन कर रह जाये।

  • नोएडा फ़िल्मसिटी का निर्माण ……..
  • फ़िल्म उद्योग क्षेत्र में न बने क्षेत्रीय मत भेद के लिए जरिया…..

कोरल ‘पुरनूर’, चंडीगढ़ – 22 सितंबर

उत्तर प्रदेश (यूपी) के नोएडा में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए कवायद तेज हो गई है और इसके लिए ख़ुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास से ही भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों से बातचीत की, जिनमें कई फिल्म निर्देशक, अभिनेता-अभिनेत्री और संगीतकार शामिल थे। सीएम योगी ने इस दौरान फिल्म सिटी को लेकर सभी की राय जानी और सभी को काफी ध्यान से सुना।

इस बैठक में सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी सौंदर्या, फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, अभिनेता अनुपम खेर व परेश रावल, गायक अनूप जलोटा, कैलाश खेर व उदित नारायण और गीतकार मनोज मुंतसिर शामिल थे। इस बैठक में वरिष्ठ वयोवृद्ध कहानीकार के विजयेंद्र प्रसाद भी शामिल हुए, जिन्होंने ‘बाहुबली’, ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘मणिकर्णिका’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की कहानियाँ लिखी हैं। वो देश के सबसे बड़े निर्देशकों में से एक एसएस राजामौली के पिता हैं।

फिल्म उद्योग से जुड़े विनोद बच्चन और ‘तान्हाजी’ के निर्देशक ओम राउत भी इस बैठक में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन दिग्गज फ़िल्मी हस्तियों ने सीएम योगी के समक्ष अपनी बात रखी, जो अधिकारियों की पूरी टीम के साथ उनलोगों को सुन रहे थे। बताते चलें कि नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा प्रशासन की तरफ से सीएम योगी को जमीन की उपलब्धता का पूरा ब्यौरा भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी सम्बद्ध लोगों से राय लेकर ये तय करेंगे कि इन तीनों स्थलों में से फिल्म सिटी के निर्माण कहाँ किया जाए। मुंबई सहित सभी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। मंगलवार (सितम्बर 22, 2020) को हुई बैठक में राजू श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के निर्माण से हिंदी पट्टी को ज्यादा प्रमुखता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सतीश कौशिक ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सिनेमा हॉल्स बनाने से ये होगा कि जो फ़िल्में बनेगी, वो लोगों तक अच्छे तरीके से पहुँचेंगी। वहीं अनूप जलोटा ने कहा कि हिंदी पट्टी के जो महान लोग हैं, उनपर इधर और फ़िल्में बन सकती हैं जो मुंबई में नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि ये फिल्म सिटी कमाल की बनेगी और दूसरी से अच्छी बनेगी क्योंकि यहाँ दक्षिण से भी लोग आ जाएँगे। राजू श्रीवास्तव ने भी अपने चुटकुलों के जरिए अपनी बात रखी।

गौतमबुद्ध नगर जिले में प्रस्तावित फिल्म सिटी को लेकर मंगलवार को ‘फिल्म बंधु’ के पदाधिकारियों और अनेक फिल्मी हस्तियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म उद्योग को उत्तर प्रदेश से जो अपेक्षाएं हैं उन्हें पूरा करने में यह राज्य कहीं ना कहीं चूक कर रहा था. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा में प्रस्तावित अत्याधुनिक फिल्म सिटी के जरिए उस चूक को सुधारा जाएगा. सीएम योगी ने कहा कि फिल्म सिटी के निर्माण के लिए जो क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है वह राजा भरत के हस्तिनापुर के आसपास का इलाका है. यह फिल्म सिटी भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ फिल्म सिटी तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हम वहां विश्व स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक सिटी देने जा रहे हैं और फाइनेंशियल सिटी भी प्रस्तावित करने जा रहे हैं, जहां से हर प्रकार की आर्थिक एवं वित्तीय गतिविधियों का संचालन किया जा सके.

हमने ‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ जैसी फ़िल्में बना चुके विवेक अग्निहोत्री से बात की, जो इस बैठक में न सिर्फ मौजूद थे बल्कि उन्होंने सीएम योगी को अपने विचारों से भी अवगत कराते हुए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि काफी कुछ करने की घोषणाएँ तो बहुत लोग करते हैं लेकिन सीएम योगी ने इन चीजों से आगे बढ़ते हुए घोषणाओं को जल्द से जल्द अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू की है।

विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि वो उनलोगों में थे, जिन्हें यूपी सरकार की तरफ से सबसे पहले ही इस बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने सभी उपस्थित हस्तियों से उनके सुझाव माँगे, जिसके बाद ववेक अग्निहोत्री ने बैठक में कहा कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में हिंदी पट्टी की कहानियाँ ठीक से नहीं आ पाती हैं और यहाँ से फिल्म इंडस्ट्री में जाने वालों को मुंबई ही जाना पड़ता है, जिसमें से अधिकतर इतना खर्च करने में सक्षम नहीं हैं।

बकौल विवेक अग्निहोत्री, उन्होंने बैठक में कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को संघर्ष करने के लिए मुंबई जाने की बाध्यता ख़त्म हो जाएगी और वो यहीं फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बना सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि एक राजनीतिक समस्या भी खड़ी हो गई है, जिसमे एक गिरोह विशेष के लोगों का आधिपत्य भी टूटेगा क्योंकि गाँवों से जो लोग आएँगे, वो ग्रामीण जगत की अच्छी कहानियाँ लेकर आएँगे, जिन्हें मुंबई के शहरी मानसिकता वाले फ़िल्मकार पसंद नहीं करते।

उन्होंने कहा कि वो पिछले 7 वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रहे थे और उन्होंने कई लोगों को इससे जोड़ा है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने सभी लोगों की बातों को न सिर्फ ध्यान से सुना, बल्कि सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी। कई अन्य लोगों ने भी अपनी राय रखी। किसी ने यूपी में सिनेमा हॉल्स बढ़ाने की व्यवस्था करने की बात की तो किसी ने सिनेमा को लेकर एक यूनिवर्सिटी बनाने का सुझाव दिया। यूपी में वीएफएक्स के लिए सेंटर बनाने की भी माँग उठी।

विवेक अग्निहोत्री ने बैठक में सीएम योगी के रुख के बारे में बात करते हुए कहा कि वो कम से कम समय में उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए 1000 एकड़ की भूमि की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि ये फिल्म सिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली गई है। बैठक में उपस्थित लोगों को नक्शों और डायग्राम्स के जरिए इसका पूरा ब्लूप्रिंट दिखाया गया।

इसके लिए ब्लूप्रिंट बनाने से आगे भी कदम बढ़ा दिया गया है और अधिकारियों को इस काम के लिए लगा भी दिया गया है। फिल्म सिटी के निर्माण के सम्बन्ध में निर्देशक मधुर भंडारकर और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रहे रवि किशन ने सीएम आवास जाकर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही बॉलीवुड में प्रतिभाओं को दबाने की बातें चल रही है, जिसके आलोक में इस फिल्म सिटी की घोषणा से सभी उत्साहित हैं।

जल्द ही इस फिल्म सिटी के लोकेशन को लेकर घोषणा होगी। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कई लोगों ने आवाज़ उठाई थी कि यूपी-बिहार जैसे राज्यों से मुंबई जाने वालों को वहाँ उचित सम्मान नहीं मिलता है और कई तो वहाँ के माहौल में घुल-मिल भी नहीं पाते हैं। जिस तरह से बॉलीवुड में ड्रग्स के जंजाल को लेकर एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं, यूपी में फिल्म सिटी से हिंदी पट्टी को एक नई पहचान मिलनी तय है।

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