सर्व धर्म पूजा के साथ ‘राफेल’ वायु सेना में शामिल रक्षा मंत्री ने दुश्मन राष्ट्रों को चेताया

महाबली फाइटर जेट रफाल को गुरुवार को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में कहा, ‘आज, ‘Rafale’ induction ceremony में, सर्वप्रथम  मैं फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली (Florence Parley) का, अपनी और देशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत करता हूं. इस मौके पर आपकी मौजूदगी वर्षों से चली आ रही हमारी मजबूत रक्षा सहयोग को दर्शाती है.’ रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज, दुनिया में सुरक्षा के साथ-साथ, इकोनॉमी और जियो-स्ट्रैटजिक के मुद्दे नए-नए रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं. इनका लगातार सामना करते हुए, हम दो बड़े लोकतंत्र, एक स्थायी, सक्रिय संबंध बनाने और बढ़ाने में कामयाब रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में एक्सटेंशन और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी भारत और फ्रांस साथ रहे. ‘

चंडीगढ़ – 10 सितंबर:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार (सितम्बर 10, 2020) को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) में 29 जुलाई को भारत आए पाँच राफेल लड़ाकू जेट विमानों को शामिल किया। इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली ने अम्बाला वायु सेना स्टेशन में राफेल इंडक्शन समारोह में ‘सर्व धर्म पूजा’ में भाग लिया।

सर्वधर्म यानी, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार यह पूजा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अंबाला पहुँचे और इस पूजा का हिस्सा बने हैं। जिसके बाद ही पाँचों फाइटर जेट ने फ्लाईपास्ट किया है। सबसे पहले पाँच सुखोई विमानों ने उड़ान भरी।

यह इंडक्शन समारोह अंबाला एयर फोर्स बेस पर हो रहा है, जहाँ IAF के 17 स्क्वाड्रन, जिसे ‘गोल्डन एरो’ भी कहा जाता है, भी है। इसी के साथ भारत के पहले 5 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale fighter jets) ’गोल्डन एरो’ (Golden Arrows) स्क्वाड्रन का हिस्सा होंगे।

रक्षा मंत्री के अलावा, उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार भी समारोह का हिस्सा हैं।

सितंबर 2016 में, भारत और फ्रांस ने 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ₹60,000 करोड़ में यह भारत द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। दिवंगत भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर उस समय रक्षा मंत्री थे।

पिछले साल दशहरे के अवसर पर 8 अक्टूबर को राफेल जेट जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ॐ’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बाँधा था। इस पूजा पर तब लिबरल गिरोह और विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किए थे।

गौरतलब है कि लंबी राजनीतिक बहस और कूटनीतिक प्रक्रिया पूरे होने के बाद आख़िरकार राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। ये अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं, जो वायुसेना की नई ताकत के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। राफेल चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला जेट है, इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है। साथ ही, ये एक बार में साढ़े 9 हजार किलो सामान वहन करने में भी सक्षम है।

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *