अशोक गहलोत 99 के फेर में, 10 – 15 विधायक पायलट के

“अशोक गहलोत गुट के 10 से 15 विधायक हमारे सीधे संपर्क में हैं। वे कह रहे हैं कि जैसे ही उन्हें छोड़ा जाएगा वे हमारे साथ आ जाएँगे। अगर गहलोत प्रतिबंध हटाते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कितने विधायक उनके पक्ष में हैं” पायलट गुट का दावा। राजस्थान में 200 सदस्यीय विधानसभा में 101 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। अशोक गहलोत को बहुमत साबित करने के लिए सीपीएम के विधायक बलवान पूनिया ने कुछ वक्‍त पहले साथ देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वे न जयपुर में बाडेबंदी में थे न ही जैसलमेर गए थे।

जयपुर(राजस्थान ब्यूरो):

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनका कैंप दावा कर रहा है कि उनके पास 109 विधायक है लेकिन डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम के पास गहलोत समर्थक विधायकों की पुरी सूची है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कैंप के पास 99 विधायक ही हैं। इन 99 में से 92 विधायक ही जयपुर से आज जैसलमेर पहुंचे। चार मंत्री समेत 7 विधायक जयपुर में ही हैं। इसमें से कुछ विधायक शनिवार को जैसलमेर जा सकते हैं।

राजस्थान में 200 सदस्यीय विधानसभा में 101 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। अशोक गहलोत को बहुमत साबित करने के लिए सीपीएम के विधायक बलवान पूनिया ने कुछ वक्‍त पहले साथ देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वे न जयपुर में बाडेबंदी में थे न ही जैसलमेर गए थे। पूनिया ने अगर पार्टी व्हिप का पालन किया और कांग्रेस के पक्ष में मत नहीं दिया तो गहलोत सरकार के पास विधायक 99 ही रहेंगे. यानी गहलोत सरकार के गिरने का खतरा।

एक मंत्री मास्टर भंवरलाल इतने बीमार हैं कि मतदान नहीं कर सकते हैं। फिलहाल उनका मत किसी कैंप में नहीं है। स्पीकर सीपी जोशी सिर्फ पक्ष-विपक्ष की समान मत संख्या पर ही मतदान करा सकते हैं। अगर गहलोत के पास 99 मत ही रहते हैं तो सीपी जोशी मतदान नही कर पाएंगे यानी सरकार नहीं बचा सकते। जोशी सरकार को तभी बचा सकते हैं जब गहलोत 100 विधायक जुटा लें ऐसा तभी संभव है जब सीपीएम के दो में से कम से एक गहलोत के पक्ष में मत करे।

आज ही गहलोत ने अपने एक ताजे बयान में कहा है कि जो लोग सरकार गिराने की साजिश में लगे थे अगर वह आलाकमान के पास जाते हैं और आलाकमान उन्हें माफ कर देता है तो मैं उन्हें गले लगा लूंगा. मुझे पार्टी ने बहुत कुछ दिया है तीन बार मुख्यमंत्री था प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष रहा मैं जो भी कर रहा हूं पार्टी और जनता की सेवा के लिए कर रहा हूं मेरा इसमें अपना कुछ भी नहीं है

राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर मंडरा रहा खतरा टलता नहीं दिख रहा। सचिन पायलट गुट के एक विधायक के दावे ने पार्टी की मुसीबत और बढ़ा दी है। विधायक हेमाराम चौधरी का दावा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुट के 10 से 15 विधायक उनके संपर्क में हैं।

हेमाराम ने यह बात ऐसे वक्त में कही है जब गहलोत विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लेकर आने की बात कह रहे हैं।हेमाराम चौधरी ने कहा, “अशोक गहलोत गुट के 10 से 15 विधायक हमारे सीधे संपर्क में हैं। वे कह रहे हैं कि जैसे ही उन्हें छोड़ा जाएगा वे हमारे साथ आ जाएँगे। अगर गहलोत प्रतिबंध हटाते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कितने विधायक उनके पक्ष में हैं।”

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