ध्यान भटका कर सामरिक शक्ति बढ़ा रहा चीन

कोरोना महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं, अमेरिका लगातार चीन पर कोरोना वायरस को दुनियाभर में फैलाने का आरोप लगाते हुए कई प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दे रहा है। कई देशों ने चीन में अपनी कंपनियों को बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में चीन की अर्थव्‍यवस्‍था पर आने वाले समय काफी प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। कोरोना महामारी के कारण पहले ही चीन के बजट घाटे में भी अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है। वैसे बता दें कि साल 1990 के बाद ऐसा पहली बार है, जब चीन आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य तय नहीं का रहा है। बताया जा रहा है कि बढ़ता बजट और राजकोषीय घाटा चीन के लिए अब परेशानी का सबब बनता जा रहा है। इसलिए जीडीपी के लिए कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है।

नई दिल्ली/बीजिंग: 

दुनिया के बड़ा सिरदर्द बन चुका चीन कोरोना के बाद

  • क्या दुनिया को किसी और मुसीबत में डालने की तैयारी कर रहा है?
  • क्या चीन ने दुनिया को कोरोना से विश्वयुद्ध के बाद किसी और युद्ध में झोंकने की तैयारी कर दी है?
  • क्या चीन चाहता है ये दुनिया शांति से रहने लायक ही न बचे?

ये तमाम बातें इसलिए कही जा रही हैं क्योंकि चीन ने कोरोना काल में भी अपने रक्षा बजट को 6.6 प्रतिशत बढ़ा दिया है। चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाकर 179 अरब डॉलर कर दिया. अमेरिका के बाद सबसे अधिक सैन्य खर्च करने वाला चीन दुनिया का दूसरा देश है. चीन का रक्षा बजट भारत के मुकाबले तीन गुना है. पिछले साल चीन का रक्षा बजट 177.6 अरब डॉलर था. 

रक्षा बजट बढ़ाकर महायुद्ध की तैयारी में ड्रैगन! 

चीन ने 2020 के लिए रक्षा बजट में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी का ऐलान किया है. कोरोना महासंकट के बाद भी चीन इस वर्ष 180 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करेगा. रक्षा बजट से एयर‍क्राफ्ट कैरियर, परमाणु सबमरीन और स्‍टील्‍थ फाइटर जेट का निर्माण दुनिया के दूसरे देश आर्थिक मंदी के बीच रक्षा बजट पर खर्च कम कर रहे हैं. अमेरिका के बाद चीन सबसे ज्‍यादा पैसा रक्षा पर खर्च कर रहा है. 

चीन ने ये भी माना कि कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था संकट के दौर से गुजर रही है, इसके बावजूद चीन ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है. अब सवाल उठता है कि कोरोना काल में चीन के बजट बढ़ाने की असली वजह क्या है? क्या अमेरिका से बढ़ते हुए खतरे के बाद चीन अमेरिका से युद्ध की तैयारी कर रहा है. 

फिलहाल चीन को जो रक्षा बजट सामने आया है, उसके बारे में विशेषज्ञों को चिंता है क्योंकि माना जाता है चीन रक्षा के लिए जितने बजट को खर्च करने की बात करता है. उसका रक्षा बजट उससे कहीं ज्यादा होता है चीन ने इस बार भी कहा है कि रक्षा बजट में बढ़ोत्‍तरी का ज्‍यादातर पैसा सैनिकों की स्थिति सुधारने में खर्च किया जाएगा रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन बहुत कुछ छिपा रहा है.  

ड्रैगन छिपाता है अपना असली रक्षा बजट

चीन का वास्‍तविक रक्षा बजट बताए गए रक्षा बजट से बहुत ज्‍यादा है. बजट में कई चीजों को शामिल नहीं किया जाता है. चीन ने पिछले साल का रक्षा बजट 178 अरब डॉलर बताया था. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले साल चीन का वास्‍तविक रक्षा बजट 220 अरब डॉलर था

चीन अगर अपने रक्षा बजट को बढ़ा रहा है तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को और ज्‍यादा मजबूत करने का मकसद चीन पश्चिम प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है. चीन के भारी रक्षा व्यय के चलते भारत और कई अन्य देशों को अपना रक्षा व्यय बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है, ताकि शक्ति संतुलन कायम रखा जा सके.

इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एंड एनालिसिस (आईडीएसए) के अनुसार भारत का रक्षा बजट 2020 में 66.9 अरब अमेरिकी डॉलर था. इस तरह चीन का ताजा रक्षा बजट भारत के मुकाबले 2.7 गुना अधिक है. चीन का भारत, जापान और वियतनाम जैसे पड़ोसी मुल्कों से सीमा विवाद है. ऐसे में चीन के रक्षा बजट में यह बढ़ोत्तरी काफी मायने रखती है.

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