पाकिस्तान के FATF के ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा बढ़ गया है

नई दिल्ली: 

पूरी दुनिया इस समय मानवता को बचाने में जुटी है और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में जुटी है, लेकिन पाकिस्तान इस मुश्किल की घड़ी में भी अपने पुराने ही एजेंडे पर चल रहा है. पाकिस्तान ने अपने आतंक की फैक्ट्री से चुपके से करीब 4 हजार आंतकियों के नाम हटा दिए हैं.

पाकिस्तान की लिस्ट से गायब हुए आंतकियों में मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी भी है. लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी उर रहमान लखवी समेत कई बड़े आतंकियों का नाम इस सूची से बड़ी सफाई से गायब कर दिया गया है.

पाकिस्तान ने ये साजिश ऐसे समय में रची है जब जून में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक में पाकिस्तान के भाग्य का फैसला होने जा रहा है. पाकिस्तान फिलहाल FATF के ग्रे लिस्ट में है और अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगा पाता है तो उसे जल्द ही ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा.

इससे पहले इसी साल फरवरी में एफएटीएफ ने कहा था कि उसकी ओर से दिए गए 27 कार्यों में अभी भी 13 को पाकिस्तान पूरा नहीं कर पाया है, हालांकि पाकिस्तान ने दुनिया को भरोसा दिलाया था कि वो आतंक पर लगाम लगाएगा.

वैसे पाकिस्तान FATF के सामने पहले भी चालबाजी दिखा चुका है. फरवरी में FATF की बैठक से ठीक पहले ये ऐलान कर दिया था कि ग्लोबल आंतकी मसूद अजहर लापता है, हांलांकि बाद में पाकिस्तान का ये झूठ बेनकाब हो गया और ये पता चल गया था कि वो बहावलपुर में ISI के संरक्षण में ही छिपा हुआ था.

पाकिस्तान पहले भी आतंक के खिलाफ लड़ाई में दुनिया की आंखों में धूल झोंकने का काम कर चुका है, लेकिन चीन जैसे कुछ मित्र देशों की वजह से हर बार वो अपने उपर होने वाली कड़ कार्रवाई से बच जाता है. लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान बार बार दुनिया के भरोसे को ध्वस्त कर रहा है. उससे पाकिस्तान के FATF के ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा बढ़ गया है.

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