कोरोना के बाद अब आण्विक हथियारों की दौड़ में चीन

चीन और पाकिस्तान दो ऐसे देश हैं जो कभी अपने अजेंडे से इतर काम नहीं करते। पाकिस्तान का काम आतंकवाद का पोषण करना है जिसमें वह हमेशा बेशर्मी दिखाता आया है और अब तो उसे अपने आका चीन का वरदहस्त प्राप्त है और दूसरी तरफ चीन है वह विश्व की सबसे बड़ी प्रभावशाली अर्थव्यवस्था और वैश्विक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है और इसके लिए वह कुछ भी करेगा। चीन के उत्कोच से संयुक्त राष्ट्र भी झुक चुका है और कोरोना की मार से बड़े बड़े राष्ट्र घुटनों पर हैं, ऐसे में यदि कोई भी राष्ट्र चीन के विरुद्ध खड़ा होगा तो वह संयुक्त राष्ट्र और चीन की मार झेलने के लिए तैयार रहे।

चीन के उत्कोच से संयुक्त राष्ट्र भी झुक चुका है

नई दिल्ली: 

मुसीबत के वक्त ही नायकों और खलनायकों की पहचान होती है. इस वक्त दुनिया कोरोना की मुसीबत से जुझ रही है लेकिन कोरोना से विश्वयुद्ध के दौरान भी कुछ देश ऐसे हैं जो विनाशकारी हथियारों से युद्ध लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. यही हैं दुनिया के वो खलनायक जो कोरोना काल में भी युद्ध काल की तैयारी में जुटे हैं. इस देशों में सबसे उपर है चीन जिसने पहले दुनिया में कोरोना फैलाया और जब दुनिया कोरोना की वैक्सीन खोज रही है तब चीन एटमी परीक्षण कर रहा है.  

दुनिया के लिए चीन की खुराफातें मुसीबत बनती जा रही हैं. पहले चीन की वुहान लैब से कोरोना वायरस लीक के बाद दुनिया पर महामारी की मुसीबत टूटी और अब जिस वक्त पूरी दुनिया चीन से निकले वायरस के खिलाफ विश्वयुद्ध लड़ रही है. उस वक्त का इस्तेमाल भी चीन अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कर रहा है. यानि ताकत बढ़ाने और ताकत दिखाने का ड्रैगन का नशा कोरोना काल में भी कम नहीं हो रहा और ताकत का यही नशा चीन को दुनिया की नजरो में खलनायक बना रहा है. 

कोरोना आपातकाल में चीन का एटमी परीक्षण!

एक तरफ दुनिया कोरोना की वैक्सीन बनाने की तैयारी में जुटी है. कहीं पर जानवरों तो कहीं पर मानवों पर टीके का परीक्षण किया जा रहा है लेकिन इस मुश्किल वक्त में चीन एटमी परीक्षण कर रहा है. ये खबर अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही काफी बढ़ चुके तनाव को और ज्यादा बढ़ा सकती है. 

अमेरिका के गृह विभाग ने चीन पर परमाणु परीक्षण का आरोप लगाया है. आरोप है कि चीन ने जमीन के नीचे परमाणु परीक्षण किए हैं. चीन कम तीव्रता वाले परमाणु बम तैयार कर रहा है. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने चीन पर यह आरोप लगाया है कि चीन ऐसे ब्लास्ट्स को लेकर बनाए गए समझौते के पालन की बात करता है लेकिन फिर भी उसने कम तीव्रता के परमाणु बम के परीक्षण किए हैं. चलिए अब आपको अमेरिका के आरोपों के पीछे की वजह भी बताते है. इस इलाके को देखिए. ये चीन की लोप नुर टेस्ट साइट है जहां पर चीन परमाणु परीक्षण करता है. कभी यहां पर एक बड़ा तालाब हुआ करता था लेकिन चीन ने अपनी नापाक इरादों के लिए तालाब को सुखाकर यहां परमाणु परीक्षण करने शुरू कर दिए. 

क्यों बढ़ा चीन पर अमेरिका का शक? 

चीन लोप नूर टेस्ट साइट पर सालभर से तैयारी कर रहा है. लोप नुर टेस्ट साइट में बड़े स्तर पर खुदाई की गई है. न्यूक्लियर परीक्षण को लेकर चीन पारदर्शिता नहीं बरत रहा है. जिन कम तीव्रता वाले परमाणु बमों के परीक्षण का शक जताया गया है, उन पर चीन और पाकिस्तान साथ में काम कर रहे हैं और इनसे किसी छोटे इलाके को निशाना बनाना आसान होता है. 

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *