दिल्ली में अमित शाह के घर BJP नेताओं की बैठक, शिवराज को चुना जा सकता है विधायक दल का नेता

मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर बीजेपी ने भी नजर बना रखी है. दिल्ली में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात जारी है. बताया जा रहा है कि इस दौरान MP के सियासी घटनाक्रम पर चर्चा जारी है. शिवराज सिंह चौहान के साथ नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद हैं. खबर हैं कि कल सुबह 6.40 बजे की फ्लाइट से शिवराज चौहान भोपाल रवाना होंगे. बीजेपी ने कल शाम सात बजे भोपाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई है. जिसमें सभी विधायकों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं.

  1. अमित शाह के घर बीजेपी नेताओं की बैठक
  2. कल भोपाल में होनी है बीजेपी विधायक दल की बैठक
  3. शिवराज सिंह को चुना जा सकता है विधायक दल का नेता

नई दिल्ली: 

मध्य प्रदेश में चले रहे सियासी घमासान के बीच BJP के वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर में बैठक चल रही है. इस बैठक में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत अन्य भाजपा नेता शामिल हैं. बीजेपी के वरिष्ठ  नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब कहा जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ विधायक बेंगलुरू कूच कर गए हैं. ये विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के कैंप के बताए जा रहे हैं. इस बीच, मंगलवार को भोपाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक होनी है. कहा जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान को इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जा सकता है. 

इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान में कहा, “मैं उन ताकतों को नहीं कामयाब होने दूंगा जो माफियाओं की मदद से अस्थिरता फैला रहे हैं. मेरी सबसे बड़ी ताकत मध्य प्रदेश की जनता का प्यार और भरोसा है. मैं उन ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा जो सरकार में अस्थिरता पैदा कर रही हैं. ऐसी सरकार जिसे मध्य प्रदेश की जनता ने बनाया है. इससे पहले, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. कांग्रेस के कुछ विधायकों के बेंगलुरू चले जाने की खबरें आने के बाद यह बैठक बुलाई गई हैं. इन विधायकों की संख्‍या 15 से 17 बताई जा रही है जिनमें से ज्‍यादातर विधायक ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के खेमे से हैं.

सूत्रों के अनुसार, मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के 6 मंत्रियों समेत 17 विधायक, जो पूर्व सांसद ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के समर्थक बताए जाते हैं, वो एक चार्टर्ड विमान से कर्नाटक के बेंगलुरू चले गए हैं. ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया फिलहाल दिल्‍ली में हैं. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस एक समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा. सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी सीएम कमलनाथ के घर पहुंचे. बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी.

कुछ दिन पहले भी, निर्दलीय विधायकों समेत करीब 10 विधायक गुरुग्राम के एक होटल में पहुंचे थे. इसमें कांग्रेस के विधायक भी शामिल थे. कांग्रेस ने बीजेपी पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था. वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस विधायकों को शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी नेताओं द्वारा खुलेआम 25-35 करोड़ रुपये तक ऑफर किए जा रहे हैं. हालांकि, बीजेपी ने मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिशों के आरोपों को खारिज किया था.  बीजेपी के नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि यह सरकार खुद ब खुद गिर जाएगी, बीजेपी को उसे गिराने की जरूरत नहीं है.

क्या भाजपा में शामिल हो सकते हैं सिंधिया?

कमलनाथ सरकार के सभी मंत्रियों ने सीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. भोपाल में हुई आपात कैबिनेट में कमलनाथ के प्रति आस्था जताते हुए सभी मंत्रियों ने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया है. ऐसा बताया जा रहा है कि आस्था जताने और बगावतियों पर दबाव बनाने का ब्रह्मास्त्र. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी ने राज्यसभा सीट और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने का ऑफर दिया है. एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन ने अपनी छुट्टी कैंसिल कर दी है. राजभवन के सूत्रों के हवाले से ये खबर मिल रही है.

डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम, भोपाल:

मध्य प्रदेश की सियायत में बड़े फेरबदल की आशंका से जुड़ी खबर आ रही है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी ने राज्यसभा सीट और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने का ऑफर दिया है. फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली में मौजूद हैं. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. लेकिन फिलहाल उनका सोनिया गांधी से मिलने का वक्त तय नहीं है. 

मध्य प्रदेश का राजनीतिक संकट गरमा गया है. मुख्य मंत्री कमलनाथ ने सोमवार शाम को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मुलाकात की और फौरन ही भोपाल रवाना हो गए. सीएम भोपाल जाने से पहले कह गए कि कहीं किसी मसले पर ना कोई विवाद है और न ही संकट. आगे की रणनीति भोपाल में बनेगी. सूत्रों के अनुसार, ज्योतिरादित्य सिंधिया को पीसीसी चीफ बनाने के साथ डिप्‍टी सीएम भी बनाया जा सकता है. हालांकि कमलनाथ उनके नाम पर राजी नहीं हैं. उधर सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायकों के फोन स्विच ऑफ हैं. खबर है कि सिंधिया समर्थक 6 मंत्री और 12 विधायक बंगलुरू में हैं.

सीएम ने जारी किया बयान

कैबिनेट बैठक खत्‍म हो गई है. जबकि मध्‍य प्रदेश में जारी सियासी ड्रामे के बीच सीएम कमलनाथ ने एक बयान जारी किया है. उन्‍होंने कहा कि मैं सूबे में माफिया के सहयोग से अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा. प्रदेश की जनता का विश्वास और उनका प्रेम मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है. साथ ही कमलनाथ ने कहा कि अब इस मामले पर दिल्‍ली से जो भी फैसला होगा वह सभी को मानना होगा. इसके अलावा कमलनाथ समर्थक सभी विधायकों और मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सीएम को सौंपा है. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, सीएम पर निर्भर करता है कि वो कौन सा फैसला लेंगे. इसके अलावा मंगलवार सुबह 11:30 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है.

भाजपा अध्‍यक्ष ने कही ये बात

एमपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा का कहना है कि दिग्विजय सिंह रिमोट कंट्रोल से ये सरकार चला रहे हैं. शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस आंतरिक संकट से गुजर रही है. जबकि भाजपा के विश्‍वास सारंग ने कहा कि जब से सरकार बनी है तब से सिर्फ असंतोष की आग में जल रही है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में सिंधिया खेमे के 20 विधायक कर्नाटक गए में जिसमें 6 मंत्री भी शामिल हैं. वहीं राज्य में जारी सियासी घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने अपनी होली की छुट्टियां कैंसिल कर दी और वह वापस भोपाल लौटेंगे. राज्यपाल 5 दिन की छुट्टी पर लखनऊ गए हुए थे.

कमलनाथ सरकार के सभी मंत्रियों ने सीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. भोपाल में हुई आपात कैबिनेट में कमलनाथ के प्रति आस्था जताते हुए सभी मंत्रियों ने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया है. ऐसा बताया जा रहा है कि आस्था जताने और बगावतियों पर दबाव बनाने का ब्रह्मास्त्र.

राज्यपाल ने कैंसिल की छुट्टी

एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन ने अपनी छुट्टी कैंसिल कर दी है. राजभवन के सूत्रों के हवाले से ये खबर मिल रही है. दरअसल, राज्यपाल लालजी टंडन लखनऊ गए हुए थे, लेकिन राजनीतिक आपाधापी के बीच उनके भोपाल वापस लौटने की जानकारी मिल रही है. राज्यपाल मंगलवार को वापस लौट रहे हैं. 

वन मंत्री उमंग सिंगार ने दिया ये बयान

वहीं कमलनाथ सरकार के वन मंत्री उमंग सिंगार का कहना है कि कांग्रेस में हर तरह के रास्ते खुले हुए है. उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान दिल्ली से इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सिंधिया से बातचीत कर रही हैं. साथ उन्होंने यह भी कहा कि एमपी में कमलनाथ सरकार पूरी तरह स्थिर है. इस मामले में चले आ रहे विवाद पर और सिंधिया की नाराजगी पर सिंगार का कहना है कि किसी भी तरह की नाराजगी होगी तो पार्टी हाईकमान इसका समाधान निकालेगा.

मध्‍य प्रदेश में ये है गणित
एमपी विधानसभा में 230 सीटे हैं. जबकि विधानसभा में फिलहाल विधायकों की संख्या 228 है. इसमें कांग्रेस के 114 और बीजेपी के 107 विधायक हैं. निर्दलीय विधायकों की संख्या 4 है, जिसमें बीएसपी के 2 और एसपी का 1 विधायक है. यही नहीं, एमपी में पूर्ण बहुमत के लिए 116 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है. विधानसभा में फिलहाल 2 सीटें रिक्त हैं. अगर कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना पाला बदलते हैं, तो कमलनाथ सरकार के लिए सियासी संकट गहरा सकता है.

सोनिया गांधी से मुलाकात

मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच सीएम कमलनाथ आज दिल्ली आए और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले. कुछ देर की मुलाकात के बाद वो बाहर निकले और मीडिया से बात भी की. कमलनाथ ने कहा, ‘भोपाल जा रहा हूं. आगे की रणनीति वहीं बनाई जाएगी.’ उन्होंने कहा राज्यसभा सीट और दावेदारी को लेकर कोई विवाद नही हैं. हमारी नेता सोनिया गांधी से मेरी हर मुद्दे पर चर्चा हुई है. राज्‍यसभा के नामों को फैसला जल्‍दी किया जाएगा.

घोटालों के खुलासे से बीजेपी परेशान

सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के ताजा राजनीतिक हालात के बारे में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, ‘बीजेपी नेताओं से रहा नहीं जा रहा है. 15 साल के घोटाला का खुलासा होने जा रहा है. इस वजह से भाजपा के नेता परेशान हैं. सीएम ने कहा कि सब जानते हैं मध्य प्रदेश कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है. मैंने हर कांग्रेस कार्यकर्ता का साथ दिया है. मेरा कोई गुट नहीं है.’ गायब हुए विधायकों के बारे में कमलनाथ ने कहा- विधायकों ने तो यह बात भी बोली है कि वह तीर्थ यात्रा पर गए थे. सीएम ने राज्य के लोगों होली को शुभकामनाएं भी दीं और भोपाल के लिए रवाना हो गए.

सिंधिया समर्थक मंत्री- विधायकों के फोन बंद

इस बीच सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायकों का नया पैंतरा सामने आया है. सिंधिया खेमे के मंत्रियों और विधायकों के फोन स्विच ऑफ हैं. इसमें विधायक जसवंत जाटव, मुन्नालाल गोयल, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया के अलावा कमलनाथ सरकार में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महिला विकास मंत्री इमरती देवी और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट जैसे बड़े नाम शामिल हैं. पता चला है कि ये 6 मंत्री और 12 विधायक बंगलुरू में हैं.

ये हैं 6 मंत्री और 12 विधायक

सिंधिया के समर्थक मंत्रियों में तुलसी सिलावट, गोविन्द सिंह राजपूत, प्रधुम्न सिंह तोमर, इमरती देवी,प्रभुराम चोधरी और महेन्द्र सिसोदिया शामिल हैं. जबकि विधायकों में मुन्ना लाल गोयल, गिरिराज दंडोतिया, ओपीएस भदोरिया, विरजेंद्र यादव, जसपाल जजजी, कमलेश जाटव, राजवर्धन सिंह, रघुराज कंसना, सुरेश धाकड़, हरदीप डंग और रक्षा सिरोनिया जसवंत आदि शामिल हैं.

यूथ कांग्रेस चुनाव टले

एमपी में जारी सियासी घमासान के बीच मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव टाल दिए गए हैं. अब राज्यसभा चुनाव के बाद कार्यक्रम बनेगा. कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं से मुलाकात की और उसके बाद चुनाव टालने का फैसला लिया गया.

श्रीकृष्ण हुड्डा की बीमारी ने कांग्रेस और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा की चिंताएं बढ़ा दी है

धर्मपाल वर्मा, चंडीगढ़:
बरोदा के कांग्रेस के विधायक चौधरी श्रीकृष्ण हुड्डा की बीमारी ने कांग्रेस और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा की चिंताएं बढ़ा दी है। कल ही कुमारी शैलजा जब रोहतक के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल श्री कृष्ण हुड्डा का हाल चाल पूछने गई तो राजनीति के जानकारों के भी कान खड़े हो गए l दो बात साफ होती जा रही है एक यह कि कुमारी शैलजा राज्यसभा के लिए कांग्रेस की लगभग पक्की उम्मीदवार हैं और दूसरी यह कि भाजपा दोनों सीट जीतने का लगभग सारा सामान जुटा चुकी हैl उसका एक संकेत तो इसी बात से मिल जाता है कि 3 सीटें खाली हैं और 2 पर चुनाव हो रहा है l यह एक रणनीति है इसका  पेच इतना खतरनाक तरीके से फंसा हुआ है कि एक तीर से तीन शिकार हो सकते हैं l

श्रीकृष्ण हुड्डा काफी बीमार हैl इतने बीमार कि वह हाल के विधानसभा सत्र में भी नहीं आए lपिछले दिनों अचानक अचेत होकर गिर गए l एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में आईसीयू में दाखिल हैं l

वे ज्यादा बीमार हैं यह चिंता का विषय है lराज्यसभा का चुनाव सिर पर है lहम सब परमात्मा से दुआ करते हैं कि श्री हुड्डा जल्दी स्वस्थ हो और अपनी जिम्मेदारी पर लौट आए lगौरतलब है कि किलोई और बरोदा से कई बार विधायक रह चुके श्रीकृष्ण हुड्डा 85 साल के हैं और ऐसा लगता है कि एक घटना से उन्हें जरूर मानसिक आघात पहुंचा है l

ऐसी घटना जिससे उनका उस तरह का कोई लेना-देना नहीं था जैसा मीडिया के एक वर्ग  ने प्रचारित किया कि पिछले महीने उनके पैतृक गांव खिड़वाली  से संबंधित एक युवक लगभग 1 करोड रुपए मूल्य की हेरोइन के साथ चंडीगढ़ में पकड़ा गयाl उसने यह कहकर बच निकलने की असफल कोशिश की कि वह तो विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा का पोता यानी पोत्र है जबकि ऐसा था नहींl वह उनके गांव का जरूर है।बाद में यह बात भी सामने आई कि उक्त युवक घटना से पहले हरियाणा एमएलए हॉस्टल में श्री हुड्डा के नाम के रूम में रुका भी था l

हुड्डा इस बात से आहत है कि मीडिया के एक वर्ग ने उनका पक्ष जाने बिना मामले की पड़ताल किए बिना उनका नाम इस तरह से उछाला कि जैसे वास्तव में आरोपी उसका कोई परिजन ही है lस्पष्टीकरण के बाद भी अपुष्ट खबरें  छपती रही lइससे भी हुड्डा दुखी थे lइतनी बड़ी उम्र में बीमारी की रिकवरी बड़ी कठिन हो जाती है l इसीलिए हुड्डा के लिए  अगले कुछ दिन बहुत ही महत्वपूर्ण हैंl आपको बता दें कि लगभग ऐसी ही स्थिति जींद में पूर्व विधायक डॉक्टर हरिचंद मिड्ढा के मामले में देखी गई थी l  यह भी काबिले जिक्र है कि बरोदा  के कांग्रेस के विधायक चौधरी श्रीकृष्ण हुड्डा का इस तरह से और इस उम्र में बीमार होना हरियाणा की राजनीति में नए हालात पैदा कर देगा l पाठकों को बता दें कि चौधरी श्रीीकृष्ण हुड्डा 1987 1996 2005 में कलोई  से तथा 2009 2014 और 2019 में बरोदा से विधायक  बने हैं lउन्होंने पहले दो चुनाव लोक दल के उम्मीदवार के रूप में लड़े बाद में वे  कांग्रेस में  शामिल हो गए  l सिटिंग एमएलए रहते हुए  जब  पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने  उनकी टिकट काट दी  तो वे  कांग्रेस में शामिल हो गए lबता दें कि  जब 2005 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाया गया तब  वे रोहतक के सांसद थे और श्रीकृष्ण हुड्डा किलोई के कांग्रेस के विधायक  l  चौधरी श्रीकृष्ण हुड्डा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए सीट  छोड़ दी थी l

मध्य प्रदेश में सियासी संकट फिर उभरा

होली से ठीक पहले मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर एक बार फिर सियासी संकट के बादल घिरने लगे हैं जिसके बाद दिल्ली, भोपाल और बेंगलुरु तक में धूप छांव का खेल खेला जाने लगा. ये हलचल तब शुरू हुई जब मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में ये खबर गूंजने लगी है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों के फोन बंद हो गए हैं. सूत्रों के अनुसार मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के 6 मंत्रियों समेत 17 विधायक जो पूर्व सांसद ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के समर्थक बताए जाते हैं, वो एक चार्टर्ड विमान से बीजेपी शासित कर्नाटक के बेंगलुरू चले गए हैं. बागी कांग्रेस विधायकों व अन्‍य, जो पाला बदलने के लिए तैयार रहे हैं, उनके लिए बेंगलुरू सुर्खियों में रहा है. सूत्रों के अनुसार कभी गांधी परिवार के करीबी रहे ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया फिलहाल दिल्‍ली में हैं और कांग्रेस एक समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा. 230 विधायकों की राज्य सभा में वर्तमान में कांग्रेस 114 विधायक के साथ सत्ता में है, तो भाजपा के 107 विधायक हैं. बसपा के 2, सपा का एक और 4 निर्दलीय विधायक हैं.

  • दिल्‍ली में सोनिया गांधी से मिले मुख्‍यमंत्री कमलनाथ, मुलाक़ात के बाद कहा सब ठीक है
  • राज्‍य में तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है
  • बेंगलुरू गए विधायकों में 6 मंत्री भी शामिल हैं

भोपाल:

49 वर्षीय सिंधिया दिसंबर 2018 में मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में तब पिछड़ गए थे जब उन्‍हें केवल 23 विधायकों का ही समर्थन मिल सका था जबकि मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस की जीत में उन्‍होंने बड़ा योगदान दिया था. कमलनाथ मुख्‍यमंत्री बने थे पार्टी की राज्‍य इकाई पर भी उनका ही नियंत्रण रहा. तब सिंधिया को पिछले साल के लोकसभा चुनावों के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना कर शांत करने की कोशिश की गई लेकिन वहां कांग्रेस को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा.

प्रदेश की सियासत में तख्तापलट के इतिहास को देखते हुए भोपाल की सियासत में सुदूर दक्षिण के बेंगलुरु शहर का नाम ही भूकंप लाने के लिए काफी है. तख्तापलट से पहले बेंगलुरु कई राज्यों के विधायकों का ‘सेफ हाउस’ बन चुका है. लिहाजा कमलनाथ सरकार में मंत्री-विधायकों के भोपाल की तरफ भागने की खबरें आने लगीं. यानी हर खेमे की गोलबंदी शुरू हो गई है ताकि ‘कयामत के वक्त’ में ताकत भरपूर हो और जोर आजमाइश में कोई कमजोर न निकले. तब तक कई संभावनाओं पर समीकरण टटोले जाने लगे. खबर आई कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है. यानी उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है.

मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने राज्‍य में जारी सियासी संकट के मद्देनजर सोमवार को ही पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात थी और उसके बाद कहा था कि सब ठीक है. लेकिन लगता नहीं की वहां सरकार में सबकुछ ठीक चल रहा है.

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा था कि बैठक में राज्य के सियासी संकट और राज्यसभा चुनाव पर चर्चा हुई. मंत्रिमंडल में विस्तार पर भी चर्चा हुई. मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात हुई, तमाम मुश्किलों पर बात हुई. राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर बातचीत हुई है और जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है, उसको लेकर भी बातचीत हुई है.’ हालांकि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी और उनके कई करीबियों के संपर्क में नहीं होने के सवाल पर कमलनाथ ने कोई जवाब नहीं दिया था.

इससे पहले कांग्रेस के 4 विधायक बेंगलुरु चले गए थे जिनमें से दो वापस लौट आए हैं. हालांकि दो अन्‍य विधायकों से अबतक कांग्रेस का संपर्क नहीं हुआ है, जो लौटे हैं वो सीधे मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जो रुके हैं उन्हें भी मंत्री बनना है. सबको मंत्री बनना है.

राज्य में 230 विधायकों की संख्या के हिसाब से 34 सदस्य मंत्री बनाए जा सकते हैं. इस समय मुख्यमंत्री को मिलाकर 29 मंत्री है. 5 मंत्री और शामिल किए जा सकते हैं. वर्तमान में कांग्रेस 114 विधायक के साथ सत्ता में है, तो भाजपा के 107 विधायक हैं. बसपा के 2, सपा का एक और 4 निर्दलीय विधायक हैं.

मध्यप्रदेश में रिक्त हो रहीं तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है. इसके लिए नामांकन 13 मार्च तक किए जा सकते हैं. कांग्रेस और बीजेपी की विधानसभा में मौजूदा सीटों को देखते हुए कांग्रेस के खाते में तीन में से दो सीटें आने की संभावना बनी हुई है. कांग्रेस में यह दो सीटें सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन चल रहा है. मध्यप्रदेश से कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह को बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पिछले मंगलवार से सियासी ड्रामा जारी है. बीजेपी पर कांग्रेस का आरोप है कि उसने उसके चार विधायकों का अपहरण कर लिया. यह कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए किया गया. हालांकि बीजेपी ने इस आरोप से इनकार किया है. बीजेपी के नेता नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि यह सरकार खुद ब खुद गिर जाएगी, बीजेपी को उसे गिराने की जरूरत नहीं है. दूसरी तरफ लापता चार विधायकों में से एक निर्दलीय एमएलए सुरेंद्र सिंह ‘शेरा भैया’ शनिवार को भोपाल लौट आए और उन्होंने अपहरण की बात से इनकार किया. मध्यप्रदेश में मचे इस सियासी घमासान के बीच राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इन हालात में कांग्रेस के सामने कमलनाथ सरकार को सुरक्षित रखने और साथ ही राज्यसभा की दो सीटें सुनिश्चित करने की भी चुनौती है.

मसला जो हो लेकिन भोपाल की पॉलिटिक्स में बेंगलुरु से नया ऐंगल जुड़ा तो प्रदेश सरकार से ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी के मुद्दे पर खुल कर चर्चा होने लगी. राज्य की सियासत में ग्वालियर राजघराने के ‘महाराज’ की अलग हैसियत है. कहा जा रहा है कि इस हैसियत की अनदेखी से महाराज ज्यादा खफा हुए. रोड पर उतरने वाला बयान दे कर उन्होंने पानी ऊपर जाने का संकेत दिया लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ से भाव नहीं मिला. कमलनाथ ने कहा था कि अगर सिंधिया को रोड पर उतरना है तो उतर जाएं. इस पर सिंधिया समर्थक इमरती देवी का जो बयान आया उससे ही इशारा मिलने लगा था कि ये खेल खतरनाक होता जा रहा है. उन्होंने कहा था कि अगर महाराज सड़कों पर उतरे तो प्रदेश की जनता भी उनके साथ उतरेगी. 

पिछले हफ्ते जब ऑपरेशन लोटस की बात छिड़ी तो ज्योतिरादित्य सिंधिया चुप्पी साधे हुए थे. हालांकि उनके समर्थक विधायक ने कहा था कि अगर सिंधिया का प्रदेश सरकार ने अनादर किया तो कमलनाथ सरकार पर संकट जरूर आ जाएगा. इसके बाद सिंधिया गुट के विधायक इस पूरे सियासी घटनाक्रम से खुद को दूर रखे रहे. 

हालांकि सिंधिया समर्थक विधायकों और मंत्रियों के अचानक गायब होने पर मंत्री ओमकार मरकाम ने चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि सब मंत्री विधायक होली मनाने गए होंगे. शायद यही वजह है कि उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हों

कांग्रेस विधायकों के बेंगलुरु कनेक्शन पर मंत्री ओमकार मरकाम का कहना है कि सभी विधायक, मंत्री बेंगलरु ही क्यों जा रहे हैं ये तो बड़े नेता ही बता सकते हैं. वहीं मरकाम ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनकी जमकर तारीफ़ भी की है. साथ ही प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायक सीएम के संपर्क में होने का दावा भी किया है.

कांग्रेस में गुटबाजी के बीच बीजेपी अपनी रोटी सेंकने की जुगत में है. सिंधिया की नाराजगी को भांपते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान दिल्ली से भोपाल जाएंगे. कल शाम 7 बजे बीजेपी ने विधायक दल की बैठक भी बुला ली है. वहीं सीएम हाउस में मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं. लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली में है. देर शाम उन्होंने सचिन पायलट से मुलाकात की और खुद कार चलाकर दिल्ली स्थित अपने घर पहुंचे. 

  1. देर शाम तक ‘सिंधिया खेमे’ के ये विधायक संपर्क में नहीं
  2. गिर्राज दंडोतिया, कांग्रेस विधायक दिमनी (मुरैना)
  3. कमलेश जाटव, कांग्रेस विधायक अम्बाह (मुरैना)
  4. यशवंत जाटव, कांग्रेस विधायक, करैरा (शिवपुरी)
  5. इमरती देवी, महिला एवं बाल विकास मंत्री (ग्वालियर)
  6. प्रद्युम्न सिंह तोमर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री (ग्वालियर)
  7. गोविंद सिंह राजपूत, परिवहन मंत्री, विधायक -सुरखी (सागर)
  8. ओपीएस भदोरिया, कांग्रेस विधायक, मेहगाव (भिण्ड)
  9. रघुराज सिंह कंसाना, कांग्रेस विधायक मुरैना
  10. जसपाल सिंह जग्गी, अशोक नगर विधायक
  11. बृजेंद्र सिंह यादव, मुंगावली विधायक
  12. श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया लापता (मंत्री के दफ्तर और स्टाफ को भी नहीं जानकारी, समर्थकों को भी कल शाम से नहीं मंत्री की जानकारी)

इलाहाबाद कोर्ट द्वारा दंगाइयों को कानूनी कवच मिल गया क्या?

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हिंसा व तोडफ़ोड़ करने वालों का सार्वजनिक स्थल पर पोस्टर लगाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सभी सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए पोस्टर्स व होर्डिंग्स हटाने का आदेश दिया है। फैसला आने के बाद ट्वीटर पर ‘वाह रे कोर्ट’ और ‘इलाहाबाद हाईकोर्ट’ लगातार ट्रेंड कर रहा है.

यह आदेश चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर मे फोटो लगाना अवैध है। यह निजता अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।

नई दिल्ली: 

उत्तर प्रदेश में दंगाइयों के पोस्टर लगाने पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वाले दंगाईयों के पोस्टर लखनऊ शहर से हटाने का आदेश दिया है. लखनऊ के अलग-अलग चौराहों पर वसूली के लिए 57 दंगाइयों के 100 पोस्टर लगाए गए थे. कोर्ट ने पोस्टर लगाने को निजता का उल्लंघन माना है. ऐसे में उन लोगों को क्या जिन्होंने इस हिंसा में अपने लोगों को खोया. सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ. उसकी भरपाई कैसे होगी.

इलाहाबाद हाइ कोर्ट को क्या योगी का ‘दंगा वसूली प्लान’ कोर्ट को कबूल नहीं ? क्या यूपी के ‘दंगाइयों’ को ‘कानूनी कवच‘ मिल गया है? ऐसे में जो हिंसा करेगा उसे ‘दंड’ कैसे दिया जाएगा? आखिर दंगों में नुकसान की भरपाई कौन करेगा ? जो दंगे भड़काएं उनके चेहरे क्यों छिपाएं?

‘दंगा वसूली पोस्टर’ पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ में हिंसा के आरोपियों के पोस्टर हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कमिश्नर और डीएम को पोस्टर, होर्डिंग्स हटाने को कहा गया. कोर्ट का आदेश है कि हिंसा के 57 आरोपियों के 100 पोस्टर लखनऊ से हटाए जाएं.  इस मामले में हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से 16 मार्च से पहले रिपोर्ट मांगी हैं. 

कोर्ट को योगी का ‘दंगा वसूली प्लान’ कबूल नहीं?

5 मार्च 2020 लखनऊ में 57 दंगाइयों के होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए गए थे. पोस्टर में 1 करोड़ 55 लाख रुपए की वसूली का जिक्र था. 7 मार्च 2020 पोस्टर लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने पूछा- किस कानून के तहत पोस्टर लगाए . 8 मार्च 2020 इलाहाबाद हाईकोर्ट में पोस्टर मामले पर सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने कहा कि बिना इजाजत पोस्टर लगाना निजता का हनन है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.  9 मार्च 2020 हाईकोर्ट ने हिंसा के आरोपियों के पोस्टर हटाने का आदेश दिया. आदेश पूरा करने की जानकारी देने के लिए 16 मार्च तक वक्त दिया है.

यूपी में हिंसा से कितना नुकसान ?  

आपको बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के चलते लखनऊ में अब तक 1.61 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. वहीं रामपुर में यह आंकड़ा 25 लाख, संभल में 15 लाख, बिजनौर में19.7 लाख, मेरठ में14 लाख और मऊ में 11.9 लाख का नुकसान हुआ है.

दंगे पर ‘वसूली पोस्टर’ में क्या? 

लखनऊ में 57 दंगाइयों के होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए गए. पोस्टर में दंगाइयों का नाम, तस्वीर और पता लिखा था. पोस्टर के जरिए इन आरोपियों से 1 करोड़ 55 लाख रुपए की वसूली का आदेश था. पैसा नहीं चुकाने पर संपत्ति कुर्की का आदेश था. तोड़फोड़ और आगजनी पर नुकसान की भरपाई. 

यूपी के ‘दंगाइयों’ को ‘कानूनी कवच’ ?

यूपी में 9 दिन तक CAA के विरोध में हिंसा हुई थी. 17 जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे. 19 लोगों की हिंसक प्रदर्शन में मौत हुई. 288 पुलिसकर्मी हिंसा में घायल हुए. 1246 लोग हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किए गए. 372 लोगों पर हिंसा के मामले में FIR दर्ज की गई. 405 अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए.

यूपी में CAA विरोधी हिंसक प्रदर्शन

19 दिसंबर 2019 को लखनऊ के हज़रतगंज में हिंसक प्रदर्शन  हुआ, पत्थरबाजी के बाद OB वैन जलाई. 19 दिसंबर 2019 को ही लखनऊ- हसनगंज में प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में आग लगाई. इसी दिन  लखनऊ- परिवर्तन चौक के पास 20 बाइक, 10 कार, 3 बस को जलाया गया. 19 दिसंबर 2019 को ही संभल में दंगाइयों ने रोडवेज की बस में आग लगाई.

20 दिसंबर 2019 को गोरखपुर में दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की. 20 दिसंबर 2019 को बुलंदशहर में दंगाइयों ने गाड़ियों में आग लगाई, भारी पुलिस की तैनाती. 20 दिसंबर 2019 को मेरठ में दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके. 21 दिसंबर 2019 को पुलिस ने प्रदर्शन में 15 लोगों की मौत, 263 पुलिसकर्मी घायल, 705 लोगों को गिरफ्तार बताया. 21 दिसंबर 2019 को कानपुर में दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

हिंसक प्रदर्शनों पर क़ानून?

1984 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम बना सजा 6 महीने से 5 साल तक जेल की सजा, जुर्माने का प्रावधान 29.8%  औसत सजा हुई। नुकसान के मुकदमों में 14876 केस देश के कई अदालतों में लंबित है NCRB के मुताबिक 6300 केस लंबित हैं, सिर्फ हरियाणा, यूपी, तमिलनाडु में।

दिल्ली दंगों से कितना नुकसान ?   

कुल संपत्तियां- 759 
घर             122
दुकान         322
गाड़ियां        301
गोदाम            5
मस्जिद          4
फैक्ट्री            3

हिंसक प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस

कोर्ट किसी मामले पर खुद संज्ञान ले सकता है. कोर्ट नुकसान की पड़ताल कराने का आदेश दे सकता है. कोर्ट मुआवजे की व्यवस्था करने का सिस्टम बनाएगा. साजिशकर्ताओं, आयोजकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट साजिशकर्ताओं, आयोजकों से जवाब मांगेगा.

संक्रामण से बचने के लिए जिले में bio-metrec हाजिरी न लगाने के उपायुक्त पंचकुला के निर्देश

पचंकूला, 9 मार्च-

  • उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव के चलते कर्मचारियों को 31 मार्च 2020 तक बायोमेट्रिक हाजिरी न लगाने के निर्देश जारी किए हैं। 
  • उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने कहा कि जिला के लोगों को कोरोना वायरस से घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संक्रमण का खतरा कम करने के लिये अपने हाथों को साबुन से बार-बार धोये। 

उपायुक्त आज लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में अब तक 26 बाहरी व्यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण पाये गये थे, जिनको निगरानी में रखकर उपचार दिया गया। इनमें से 14 व्यक्तियों के निगरानी के 28 दिन पूरे हो चुके है, उन्हें घर भेज दिया गया है। शेष 12 व्यक्तियों की भी शीघ्र ही निगरानी अवधि पूरी होने वाली है। उन्होंने कहा कि जिला में अब कोरोना वायरस की स्थिति पूर्ण निगरानी में है इसलिये लोगों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। 

उपायुक्त ने कहा कि लोगों को मास्क व हैंड सेनीटाईजर के पीछे नहीं भागना चाहिए। कई स्थानों पर मास्क उपलब्ध न होने की सूचना मिल रही है, इसके लिये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कोरोना वायरस से सचेत एवं जागरूक करने के लिये दस हजार से अधिक पंपलेट्स छपवाकर आंगनवाॅडी केंद्रों के माध्यम से घर-घर भेजे जा रहे है। इसके अलावा किसी भी तरह की कोई सूचना मिलती है तो विभाग द्वारा जारी हैल्पलाईन नंबरों पर जानकारी लें सकते है।

  उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की गवर्निंग बाॅडी की बैठक हुई, जिसमें कई आवश्यक निर्णय लिये गये। उन्होंने अस्पताल परिसर में 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिये मशीन मुहैया करवाने के निर्देश दिय। इसके अलावा वीएलई स्तर पर भी आधार कार्ड बनाने के लिये डिवाईस लगाने तथा आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने गर्मी के मौसम में होने वाले संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिये आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इसके अलावा वाॅटर जनित रोगों के लिये भी स्वास्थ्य विभाग को तत्पर रहकर कार्यवाही करने के आदेश दिये।

बैठक में नगराधीश सुशील कुमार, सिविल सर्जन डाॅ. जसजीत कौर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दमन सिंह, डीआईओ सतपाल शर्मा, डिप्टी सीएमओ डाॅ. राजीव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

PU Result

Korel,Chandigarh – March 9, 2020

              It is for the information of the general public and students of Panjab University Teaching Departments/Colleges in particular that result of the following examinations have been declared:-

1. P.G.Diploma in chemical Analysis of Food-Ist Semester, Dec-19

            2. Master of Hotel Management & Catering Technology-Ist Semester, Dec-19

            3. M.Sc-Forensic Science & Criminology-Ist Semester, Dec-19

            4. B.Sc (Agriculture)-7th Semester, Dec-19

            5. MA-Governance & Leadership-3rd Semester, Dec-19

            6. MA (Political Science)-Ist Semester, Dec-19

            7. P.G.Dip. in Health Family Welfare & Population Education-Ist   Semester,Dec-                        19

            8. Master in Business Administration (CIT)-Ist Semester, Dec-19

            9. Master in Business Administration-3rd Semester, Dec-19

            10. M.Com –Ist Semester, Dec-19

            11.MA-Public Administration-Ist Semester,Dec-19

The students are advised to see their result in their respective Departments/Colleges/University website.

Palak Sood awarded by Himachal Govt.

Korel, Chandigarh March 9, 2020:

Himachal Pradesh Govt. awarded with a laptop to Ms. for receiving highest C.G.P. in graduation (B.A.), in the year 2018. Presently Ms. Palak Sood is doing M.A. in Vocal music, Panjab University Chandigarh.

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 09.03.2020

Action against obstructing public way

A case FIR No. 45, U/S 283 IPC has been registered in PS-IT Park, Chandigarh against Rinku R/o # 1214, NIC, Mani Majra, Chandigarh who was arrested while he was obstructing public way with rehri/fari near Shiv Mandir NIC Mani Majra, Chandigarh on 08.03.2020. Later he was bailed out. Investigation of the case is in progress.

One arrested under NDPS Act

Chandigarh Police arrested Sukhdev Singh R/o # 2099/3, PWT, Mani Majra, Chandigarh and recovered 11 Gram Heroin from his possession near EWS Flats, BDC, Sector-26, Chandigarh 08.03.2020. A case FIR No. 48, U/S 21 NDPS Act has been registered in PS-26, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

MV Theft

Gourav R/o # 1268, Ph-2, Ram Darbar, Chandigarh reported that unknown person stole away Complainant’s Discover M/Cycle No. CH-01AT-5734 parked near Leisure Valley, Sector-10, Chandigarh on 01-03-2020. A case FIR No. 32, U/S 379 IPC has been registered in PS-03, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Vikram Kalyan R/o # 998/1, DMC, Chandigarh reported that unknown person stole away Complainant’s M/Cycle No. CH-01AJ-3364 from dividing road Sector-39/40, Chandigarh on 07-03-2020. A case FIR No. 85, U/S 379 IPC has been registered in PS-39, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.