उदित राज के बिगड़े बोल राष्ट्रपति पर की अपमानजनक टिप्पणी

नई दिल्‍ली। राजनीति में निष्‍ठाऐं बदलने की कहावत से चार कदम आगे बढ़कर आज दलित नेता Udit Raj ने निष्‍ठा बदलने के बाद मर्यादाओं की सारी सीमा भी लांघ दी। ये अलग बात है कि जिस लोकसभा टिकट के लिए Udit Raj बीजेपी छोड़ कांग्रेस में गए तो टिकट उन्‍हें कांग्रेस ने भी नहीं दिया।

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट नहीं मिलने पर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए दलित नेता उदित राज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर विवादित बयान दिया है। उदित राज ने कहा कि बीजेपी ने दलित वोट हासिल करने के लिए एक अयोग्य नेता को राष्ट्रपति के पद पर बैठा दियागूंगे बहरे आदमी को राष्ट्रपति की जिम्मेदारी दे दी।

उदित राज ने कहा कि वे राष्ट्रपति पद की गरिमा पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर कोविंद की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में भाजपा दलित महिला और मुस्लिम विरोधी है। भाजपा नेता जेएनयू में कंडोम का पता कर सकते हैं तो फिर पुलवामा में 300 किलो आरडीएक्स का पता करने में उनकी इंटेलिजेंस क्यों विफल हो गई। उदित राज ने यह भी कहा कि वे अपने राम मंदिर के बौद्ध नगरी होने को लेकर किए गए दावे को अभी भी कायम हैं।

उन्होंने पीएम मोदी पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया।  पीएम मोदी अंबेडकर के नाम पर दलित की राजनीति कर रहे हैं। भाजपा को दलित नेता नहीं, केवल दलित वोट चाहिए। बीजेपी में गूंगे बहरे दलित नेता को ऊपर पहुंचाया जाता है। भाजपा गूंगे बहरे दलित नेता चाहते हैं। इसी वजह से रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया गया है।

हलफनामा जमा करवाने के लिए राहुल को मिली नयी तारीख

आज का मंगलवार राहुल गांधी के लिए मंगलकारी नहीं था। जहां एक ओर गृह मंत्रालय ने उनकी नागरिता को ले कर स्पष्टीकरण मांगा वहीं दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय ने उनके वकीलों द्वारा दाखिल दूसरे हलफ नामे को भी खारिज कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि एक माफी मांगने के लिए 22 पन्नों का हलफनामा किस लिए? और हलफनामे में माफी शब्द का कहीं भी उल्लेख नहीं? अंत में (खेद) जैसे शब्द का प्रयोग करने से पहले अपने कृत्य को आप 22 पन्नों में सही ठहरा रहे हैं? सर्वोच्च न्यायालय ने कड़े कदम उठाने कि बात कही तो सिंघवी ने हलफनामे को दुरुस्त अरने ए लिए वक्त कि मांग कि।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट  ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी कथित अपमानजनक ‘‘चौकीदार चोर है’’ टिप्पणियों को गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से बताने के मामले में मंगलवार को एक और हलफनामा दाखिल करने का अवसर दिया. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ के समक्ष राहुल गांधी ने अपने वकील के माध्यम से स्वीकार किया कि इस टिप्पणी को शीर्ष अदालत के नाम से बताकर उन्होंने गलती की.

सिंघवी ने कहा कि मेरी ओर (राहुल गांधी की ओर से) से ग़लती हुई है. इसके लिए माफी मांगता हूं. सिंघवी ने कहा सोमवार तक एडिशनल एफिडेविट दाखिल करेगे. सुप्रीम कोर्ट ने एडिशनल एफिडेविट दाखिल करने की इजाजत दी. सोमवार को अगली सुनवाई.

प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि हलफनामे में एक जगह कांग्रेस नेता ने अपनी गलती स्वीकार की है लेकिन एक अन्य जगह कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से इंकार किया है. पीठ ने कहा, “हमें यह समझने में बहुत अधिक दिक्कत हो रही है कि हलफनामे में आप कहना क्या चाहते हैं.” कोर्ट ने कहा, “राहुल गांधी की ओर से दाखिल हलफनामे में विरोधाभास है. एक जगह वो कहते है कि उन्होंने बयान दिया है, दूसरी जगह वो ऐसा करने से मना करते हैं.” 

कोर्ट ने गांधी के वकील से कहा कि हलफनामे में बताए गए राजनीतिक रुख से उसका कोई लेना-देना नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि हलफनामे में प्रयुक्त खेद शब्द उन टिप्पणियों के लिए क्षमायाचना जैसा है जो गलत तरीके से शीर्ष अदालत के नाम से बतायी गयी थीं जबकि उसने ऐसा कभी कहा ही नहीं था. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इन टिप्पणियों के लिए ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए याचिका दायर की है लेखी ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर तरह की अवमानना है. न्यायालय ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की याचिका की सुनवाई छह मई के लिए सूचीबद्ध कर दी. 

ब्रिटिश नागरिकता पर घिरे राहुल, जारी हुआ नोटिस

राहुल गांधी के बारे में जो कुछ भी जानना है उसे लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता है और वहाँ अभिषे मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल, शर्मा, बंसल, चिदम्बरम और खुर्शीद जैसे वकीलों कि फ़ौ आ खड़ी होती है। ओर गांधी परिवार के मामले में अदालतें भी यही मानतीं हैं कि शिकायत कर्ता साबित करे कि आरोप सत्य हैं न कि आरोपी उन्हे निराधार साबित करे। चाहे वह कर चोरी का मामला हो या एजेएल का, इस परिवार को अदालत में पेश होने से छूट मिलती ही रहती है।

अमेरिका के राहुल गांधी से संबंध में कोई मामला हो, या फिर ब्रिटेन का राहुल से संबन्धित मामलों कि जानकारी राहुल कि मर्ज़ी के बिना नहीं जुटाई जा सकती। उन देशों का कानून है ई जब तक व्यक्ति विशेष जिसकी जानकारी आप चाहते हैं के दस्तखत या यूं कहें कि उनकी इजाज़त ए बगैर आप उस व्यक्ति से संबन्धित RTI नहीं मांग सकते। यही इजाज़त आज तक किसी को नहीं मिली। इसीलिए उनके शैक्षणिक योग्यताएँ, उनके विदेशी मुक़द्दमे आज तक रहस्य ही हैं।

यहाँ भी राहुल गांधी की नागरिकता पर जो सवाल उठ रहे हैं वह यह हैं की उन्होने कुछ सालों के लिए ब्रिटिश नागरिकता हासिल की, उनके एस अरने से स्वत: ही यूएनआई भारतीय नागरिता छिन गयी।

  1. अब जब उन्होने ब्रिटिश नागरिकता छोड़ी तो उन्होने कब भारतीय नागरिता पुन: प्राप्त करने के लिए आवेदन किया?
  2. जब उन्होने ब्रिटिश नागरिकता ग्रहण की तब उन्होने कब भारत सरकार को सूचित किया?
  3. उन्होने ब्रिटिश नागरिकता के दस्तावेज़ कब लौटाए, क्या उनके बारे में उन्होने तत्कालीन भारत सरकार को बताया?
  4. ऐसे और कितने राज़ हैं जिनके बारे में राहुल गांधी ने खुलासे नहीं किए हैं?
  5. उनकी विदेश सम्पत्तियों के बारे में भी ज़रा भारत को बताया जाए।
  6. क्या इन सब बातों से छूट केवल गांधी परिवार ही को है या फिर आम नागरिक भी जब चाहे विदेशी नागरिकता ग्रहण करे और जब चाहे बिना किसी कागजी कार्यवाही के पुन: भारतीय हो जाये क्योंकि भारतीय सरकार को इस बाबत न मालूम है न होना चाहये?

नई दिल्‍ली :लोकसभा चुनाव 2019 के बीच कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है. गृह मंत्रालय का राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ी एक शिकायत को लेकर उन्‍हें नोटिस जारी किया है. साथ ही उनसे कहा गया है कि वह 15 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करें. यह नोटिस बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की शिकायत के बाद जारी किया गया है. हालांकि मंत्रालय की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

गृह मंत्रालय के निदेशक (नागरिकता) की तरफ से राहुल गांधी को जारी नोटिस में कहा गया है कि मंत्रालय को सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की ओर से मिली एक शिकायत में कहा गया है कि साल 2003 में बैकऑप्‍स लिमिटेड के नाम से यूनाइटेड किंगडम में एक कंपनी रजिस्‍टर्ड हुई, जिसका पता 51 साउथगेट स्‍ट्रीट, विंचस्‍टर, हैंपशायर SO23 9EH है और आप इस कंपनी के निदेशकों और सचिव में से एक हैं. इस शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी द्वारा 10 अक्‍टूबर 2005 और 31 अक्‍टूबर 2006 एनुअल रिटर्न फाइल की गई, जिसमें आपकी जन्‍मतिथि 19 जून 1970 बताई गई है और इसमें आपने बताया है कि आपकी नागरिकता ब्रिटिश है. 

नोटिस में आगे कहा गया है कि कंपनी की ओर से जारी एक ओर आवेदन में आपकी नागरिकता ब्रिटिश बताई गई है. इस बारे में आप अपना जवाब 15 दिन के भीतर दाखिल करें.

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी गृह मंत्रालय को राहुल की नागरिकता के खिलाफ दो बार पत्र लिख चुके हैं। स्वामी ने 21 सितंबर 2017 को भी इस बारे में एक शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने 29 अप्रैल 2019 को भी एक चिट्ठी लिखी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ‘जब भी कोई संसद सदस्य किसी भी मंत्रालय को पत्र लिखता है, तो उसके सवालों पर ऐक्शन लिया जाता है। यह कोई बड़ी बात नहीं है, एक सामान्य प्रक्रिया है।’Twitter पर छबि देखें

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Union Home Minister Rajnath Singh on MHA notice to Congress President Rahul Gandhi over citizenship: When a member of Parliament writes to any ministry, action required on their query is taken. It is not a big development, it is normal process.90112:42 pm – 30 अप्रैल 2019193 लोग इस बारे में बात कर रहे हैंTwitter Ads की जानकारी और गोपनीयता

गृह मंत्रालय के नोटिस का जवाब देते हुए कांग्रेस ने राहुल को जन्मजात भारतीय नागरिक बताया है। राहुल की नागरिकता पर उठे सवालों पर बोलते हुए उनकी बहन एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने कहा है कि उनके भाई यहीं पैदा हुए हैं और उनकी परवरिश यही हुई है, मैंने इतनी बड़ी बकवास कभी नहीं सुनी।

सब बकवास है : प्रियंका

इस मुद्दे पर बात करते हुए पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘पूरी दुनिया जानती है कि राहुल जन्मजात भारतीय नागरिक हैं। मोदी जी के पास बेरोजगारी, कृषि संकट और कालेधन के मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है। ऐसे में वह ध्यान भटकाने के लिए अपनी सरकार के माध्यम से फर्जी विमर्श गढ़ रहे हैं।’ Twitter पर छबि देखें

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Randeep Surjewala,Congress: The entire world knows Rahul Gandhi is Indian citizen by birth. Modi ji has no answer for unemployment, Modi ji has no answer for agrarian distress&black money, that’s why he’s resorting to fake narrative through his govt’s notices to divert attention.1,14611:27 am – 30 अप्रैल 2019682 लोग इस बारे में बात कर रहे हैंTwitter Ads की जानकारी और गोपनीयताआम चुनाव

चीन के मुखपृष्ठ ने माना कि – फिर एक बार मोदी सरकार

द्निया में यूं तो मोदी के बहुत से मुरीद हैं लेकिन राष्ट्र के राष्ट्र मोदी की लहर में होंगे यह अविस्मर्णिया है विदेशों खास कर रूस द्वारा मोदी ओ सर्वोच्च नागरिका सम्मान से विभूषित करना न केवल मोदी के बढ़ते हुए कद को दर्शाता है वहीं हमारे अपने राष्ट्र को भी एक संदेश देता है, सम्मान जन्म से नहीं अपने कर्मों से अर्जित किया जाता है। मोदी को सम्मानित करने वाले देश चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने कहा है कि पीएम मोदी के सियासी कद के आगे फिलहाल भारत का कोई नेता नहीं है. बीजेपी का संगठन विपक्ष से बेहतर है, इसलिए वापसी की संभावना है.

बीजिंग: चीन के सरकारी मीडिया ने लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में दोबारा बीजेपी के सत्‍ता में आने की भविष्‍यवाणी की है. चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने कहा है कि पीएम मोदी के सियासी कद के आगे फिलहाल भारत का कोई नेता नहीं है. बीजेपी का संगठन विपक्ष से बेहतर है, इसलिए वापसी की संभावना है.

‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ के एक आर्टिकल में कहा गया, ”भारत में 11 अप्रैल से चुनाव हो रहे हैं और सबकी निगाहें 23 मई यानी नतीजों के दिन पर टिकी हुई हैं. चुनाव में इस बात की पूरी उम्‍मीद है कि पीएम नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी संसद में सबसे बड़ा दल बनकर उभरेगी. पीएम नरेंद्र मोदी के सियासी कद जैसा कोई नेता नहीं है. बीजेपी की फंडिंग शक्ति और संगठन की ताकत विपक्ष से बेहतर है. ऐसे में लगता है कि पीएम मोदी के दोबारा सत्‍ता में वापसी की संभावना है.”

मोदी की कूटनीतिक विरासत जारी रहनी चाहिए, चुनाव नतीजे चाहें जो हों’ शीर्षक से लिखे गए इस आर्टिकल में पीएम मोदी के दुनिया के देशों के साथ किए गए कूटनीतिक प्रयासों की तारीफ की गई है. इसमें पीएम मोदी को ‘व्‍यावहारिक’ नेता बताते हुए सार्क और चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के लिए मोदी की सराहना की गई है. इसके साथ ही पीएम मोदी और शी चिनफिंग के पिछले साल वुहान में अनौपचारिक बातचीत का विशेष जिक्र करते हुए आर्टिकल में कहा गया है कि भारत में चुनाव नतीजे चाहें जो हों लेकिन भारत और चीन के बीच राजनीतिक, सांस्‍कृतिक और आर्थिक संबंध प्रगाढ़ होने चाहिए.

वुहान बैठक का एक साल पूरा
उल्‍लेखनीय है कि भारत और चीन वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच ‘अनौपचारिक बैठक’ के एक साल होने पर मध्य चीनी शहर में सप्ताह भर चलने वाले भारत महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं. मोदी-शी के बीच 27-28 अप्रैल 2018 को हुई बैठक के एक साल होने पर भारत ने वुहान में भारत के रंग (कलर्स ऑफ इंडिया) सप्ताह की शुरूआत की है. इस दौरान नृत्य प्रस्तुति, सिनेमा की प्रदर्शनी, फोटो प्रदर्शनी और व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

चीन में भारतीय दूत विक्रम मिसरी और वुहान के उप मेयर चेन शीजिन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. भारतीय दूतावास ने बताया कि बीजिंग में भारतीय दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), नयी दिल्ली हुबेई प्रांतीय सरकार और वुहान नगर सरकार के सहयोग से इसका आयोजन कर रहा है. चाइना आर्ट एसोसिएशन ने भी इसमें मदद की है.

शलिनी यादव ने वाराणसी चुनाव को दिया दिलचस्प मोड़

समाजवादी पार्टी ने बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को सोमवार को वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. तेजबहादुर पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे. सपा ने पहले इस सीट पर शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन नामांकन के आखिरी दिन पार्टी ने तेज बहादुर को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. 

लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को सोमवार को वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. तेजबहादुर पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे. सपा ने पहले इस सीट पर शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन नामांकन के आखिरी दिन पार्टी ने तेज बहादुर को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. 

सोमवार दोपहर बाद सपा की ओर से आधिकारिक तौर पर बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को वाराणसी से सपा का टिकट दे दिया गया. इस बाबत सपा के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से जानकारी भी दोपहर बाद साझा की गई. तेजबहादुर सपा समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, और उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. 

इसी बीच, पूर्व में वाराणसी सीट से सपा की ओर से घोषित उम्मीदवार शालिनी यादव ने कहा कि वह अभी भी पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी हैं. शालिनी ने कहा, “मैंने अपना नामांकन पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर दाखिल किया है. मैं पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी हूं.”

शालिनी ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देकर सपा का दामन थामा था. वह कांग्रेस की ओर से मेयर प्रत्याशी रह चुकी हैं. शालिनी ने हालांकि तेजबहादुर की उम्मीदवारी को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह पार्टी के आदेश का पालन करेंगी. शालिनी ने कहा, “मैं तेजबहादुर की उम्मीदवारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी. मैंने पार्टी अध्यक्ष के निर्देश का पालन किया है और करूंगी.” 

वाराणसी से पीएम मोदी फिर से मैदान में
वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम नरेंद्र मोदी एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच मुकाबला हुआ था. मोदी ने केजरीवाल को 3.33 लाख वोट से हराया था. इस बार सपा, पूरे उत्तर प्रदेश में बीएसपी और आरएलडी से गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस की ओर से अजय राय मैदान में हैं. अजय राय पिछले बार भी पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े हैं. हालांकि उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था.वाराणसी में लोकसभा के अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है. 

समाजवादी पार्टी ने बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को सोमवार को वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. तेजबहादुर पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे. सपा ने पहले इस सीट पर शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन नामांकन के आखिरी दिन पार्टी ने तेज बहादुर को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. 

रहस्यमय येती के सबूत

All About Yeti:  इंडियन फोर्स ने दावा किया है कि एक अभियान दल ने हिमालय के मकालू कैंप (Makalu Base Camp)  के पास मायावी हिममानव ‘येति‘ (Yeti) के पैरों के निखान देखा है। मकालू वरुन राष्ट्रीय उद्यान नेपाल (Nepal) के लिंबुवान हिमालय क्षेत्र में स्थित है। यह जगह दुनिया का एक मात्र ऐसा संरक्षित क्षेत्र है जहां पर 26,000 फुट से अधिक उष्णकटिबंधीय वन के साथ-साथ बर्फ से ढकी चोटियां हैं। जानें हिममानव येति के बारें में सबकुछ।  

भारतीय सेना की ओर से किए गए एक ट्वीट में कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं और दावा किया गया है कि इसमें दिख रहे पैर के निशाने हिममानव येति के हैं। इसमें पैरों की नाप 32X15 इंच है। भारतीय सेना ने दावा किया है यह पैर के निशाने भारतीय सेना  को नेपाल के मकालू बेस कैंप के पास मिले हैं। सेना के अतिरिक्त सूचना महानिदेशालय ने  ट्वीट करके बताया, ‘पहली बार, भारतीय सेना (Indian Army) के पर्वतारोहण अभियान दल ने मकालू बेस कैंप के करीब हिममानव ‘येति’ (Yeti) के रहस्यमयी पैरों के निशान देखे हैं।” आगे उन्होंने बताया, ‘इस मायावी हिममानव (Him Manav Yeti) को इससे पहले सिर्फ मकालू-बरुन नेशनल पार्क में देखा गया है। जो कि एक आश्चर्य की बात है।

‘येति’ एक नाम अनेक

हिमालय में रहने वाले येति को कई नामों से बुलाया जाता है। इसे तिब्बत में ‘मिचे’ यानी की इंसानी भालू। इसके अलावा मिगोई, मिरका, कांग आदमी और बन मांची जैसे नामों से जाना जाता है।
 
आखिर क्या है येति (Yeti)?
येति एक ऐसे वानर प्राणी का नाम है। जो कि एक इंसान से भी लंबा और बड़ा होने के साथ-साथ पूरा शरीर मोटे-मोटे बालों से ढका होता है। येती दुनिया के सबसे रहस्यमयी प्राणियों में से एक है, जिसकी कहानियां करीब 100 साल पुरानी है. लद्दाख के कुछ बौद्ध मठों ने दावा किया था कि हिममानव ‘येती’ उन्होंने देखे हैं. इन दावों को लेकर वैज्ञानिक एकमत नहीं हैं. शोधकर्ताओं ने येती को मनुष्य नहीं बल्कि ध्रुवीय और भूरे भालू की क्रॉस ब्रीड यानी संकर नस्ल बताया है. कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि येती एक विशालकाय जीव हैं, जिसकी शक्लोसूरत तो बंदरों जैसी होती है, लेकिन वह इंसानों की तरह दो पैरों पर चलता है. माना जाता है इसके अस्तित्व का कोई सबूत नहीं है लेकिन इसे लोग ‘घिनौना स्नोमैन’ नाम से भी पुकारते है।

येति इन जगहों पर रहता है
येति के रहने को लेकर मान्यता है कि यह  हिमालय, साइबेरिया, मध्य और पूर्वी एशिया में रहता है।

ऐसे करता है खुद की सुरक्षा
येति को लेकर की किस्सें प्रचलित है। माना जाता है कि ह ऐसे इलाकों में रहते है। जहां पर इंसानों का पहुचंना मुश्किल है। यह अपने बचाव के लिए पत्थर के औजार का इस्तेमाल करते है। इसके अलावा इसकी आवाज बहुत ही अजीब मानी जाती है। 

जापान में नेस वाडिया को मादक पदार्थ रखने के जुर्म में 2 साल की सज़ा

नेस वाडिया हमेशा से ख़बरों में बने रहे हैं तकरीबन गलत कारणों से। इस बार वह 25ग्राम ‘कैनबिस रेसिन’ नामक मादक पदार्थ के कारण। पहले वह अपनी महिला मित्र ओर बॉलीवुड अदाकारा प्रीति जिंटा के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों में कोर्ट तक जा चुके हैं। नेस को अपने 283 साल परने व्यापारी घराने का अपने पिता के बाद वारिस माना जा रहा था लेकिन सन 1736 में स्थापित इस समूह का यह अधिकार 2011 में जेह वाडिया को दे दिया गया। नेस को एक कम महत्वपूर्ण लेकिन मुनाफेदार कंपनी ‘बॉम्बे बूमराह’ का निदेशक बनाया गया जहां वह अपने प्राश्रिमिक को लेकर सरकार के आगे अनुचित गुहार लगते रहे हैं।

नई दिल्ली: वाडिया समूह के वारिस तथा आईपीएल टीम किंग्स-XI के मालिक नेस वाडियाको जापान की एक अदालत ने कथित रूप से मादक पदार्थ रखने के आरोप में दो साल की सजा सुनाई है. ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि वाडिया वहां छुट्टियां बिताने गये थे और उन्हें मार्च के शुरू में उत्तरी जापान के होकाइडो द्वीप के न्यू चिटोस हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया. वाडिया की जेब से 25 ग्राम मादक पदार्थ ‘कैनबिस रेसिन’ मिला था. इस खबर पर वाडिया समूह के प्रवक्ता ने कहा कि नेस वाडिया भारत में हैं.

प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला स्पष्ट है. यह सजा निलंबित है.  ऐसे में फिलहाल नेस वाडिया को समूह के भीतर और बाहर अपनी जिम्मेदारियां निभाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. खबरों में कहा गया है कि सापोरो जिला अदालत ने वाडिया को दो साल की सजा सुनवाई है. सजा को हालांकि पांच साल के लिए निलंबित रखा गया है.

वाडिया को 20 मार्च को सजा सुनाई गई.  उससे पहले वह हिरासत में रहे. हालांकि, हिरासत की अवधि के बारे में पता नहीं चला है. नेस वाडिया समूह की प्रमुख कंपनियों बांबे डाइंग, बांबे बुरमाह ट्रेडिंग कॉरपोरेशन आदि में निदेशक हैं.  

संस्थान सभी कर्मचारियों को 12 मई को वोट डालने के लिये अवकाश सुनिश्चित करें

पुरनूर, पंचकूला, 30 अप्रैल:

उपायुक्त डाॅ0 बलकार सिंह ने जिला में उपस्थित सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों को आदेश दिये है कि वे अपने संस्थान में कार्यरत सभी कर्मचारियों को 12 मई को वोट डालने के लिये अवकाश सुनिश्चित करें।

  उन्होंने कहा कि 12 मई को रविवार का दिन है और यह दिन अवकाश दिन है। इसके बावजूद ऐसे संस्थान, जिनमें रविवार के दिन कर्मचारियों से काम लिया जाता है, वे इस बात पर विशेष ध्यान दें कि ऐसे कर्मचारियों को मतदान के दिन वैतनिक अवकाश दिया जाना जरूरी है ताकि कोई भी मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे।  

लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की जांच करेंगे ओब्सेर्वर

पुरनूर, पंचकूला, 30 अप्रैल:

अम्बाला आरक्षित लोकसभा क्षेत्र के खर्च आॅब्जर्वर डाॅ0 मनदीप सिंह 4 से 6 मई तक लोक निर्माण रेस्ट हाउस सेक्टर-1 पंचकूला में लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की जांच करेंगे।  चुनाव खर्च के पंचकूला जिला के नोडल अधिकारी एवं उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त संजीव राठी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी द्वारा अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा तैयार किया जाना जरूरी है। इसके अलावा चुनाव खर्च पर नजर रखने के लिये जिला प्रशासन द्वारा भी टीमें गठित की गई है, जो प्रचार की विभिन्न गतिविधियों का आंकलन करने के बाद चुनावी खर्च का शैडो रजिस्ट्रर तैयार कर रही है।

  उन्होंने बताया कि खर्च पर्यवेक्षक डाॅ0 मनदीप सिंह 4 मई को प्रातः 10.30 बजे काम्यूनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया के प्रत्याशी अरूण कुमार, 11.30 बजे रिपलिक पार्टी आॅफ इंडिया के प्रत्याशी अनिल कुमार, 12.30 बजे बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी सूरज कुमार, बाद दोपहर 2 बजे निर्दलीय जितेंद्र सिंह, 3 बजे निर्दलीय रणजीत सिंह और 4 बजे इंडिया नेशनल लोकदल के प्रत्याशी रामपाल के चुनाव खर्च का निरीक्षण किया जायेगा।

  उन्होंने बताया कि 5 मई को प्रातः 10.30 बजे बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी नरेश कुमार, 11.30 बजे राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के प्रत्याशी पूर्णचंद, 12.30 बजे आपकी अपनी पार्टी (पीपलस) के प्रत्याशी संदीप सिंह, बाद दोपहर 2 बजे निर्दलीय प्रत्याशी बेटा मामचंद रतुवाला, 3 बजे निर्दलीय सूरजभान और सायं 4 बजे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रतनालाल कटारिया के चुनाव खर्च का निरीक्षण किया जायेगा।  इसी प्रकार 6 मई को प्रातः 10.30 बजे आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पृथ्वीराज, 11.30 बजे भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रत्याशी रजिन्द्र कुमार भाटी, 12.30 बजे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रत्याशी सूरजभान नरवाल, बाद दोपहर 2 बजे निर्दलीय रतनालाल, 3 बजे पीपलस पार्टी आॅफ इंडिया (डैमोकेटिक) के प्रत्याशी वरूण कुमार जागलान तथा सायं 4 बजे इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रत्याशी सैलजा के चुनाव खर्च का निरीक्षण किया जायेगा। 

Police Files

Prnoor, Chandigarh 30.04.2019:

Special drive against consuming liquor at public place was carried out at different parts of the city in which total 04 cases U/S 68-1 (B) Punjab Police Act 2007 & 510 IPC got registered.

In continuation of a special drive against consuming liquor at public place, yesterday, the drive was carried out at different parts of the city. Under this drive total 04 different cases U/S 68-1(B) Punjab Police Act 2007 & 510 IPC got registered in different police stations of Chandigarh in which total 05 persons were arrested while consuming liquor at public   place. All later on bailed out. The detail of police Stations in which cases U/S 68-1 (B) Punjab Police Act 2007 & 510 got registered:-PS-03 = 3 cases, PS-I.T Park = 1 case.

This drive will be continuing in future, the general public is requested for not breaking the law.

MV Theft

Sanjeev Kumar R/o # 2193/20, PWT, Manimajra, Chandigarh reported that unknown person stolen away complainant’s splendor motor cycle No. CH-01AL-6215 while parked near his residence on night intervening 13/14.04.2019. A case FIR No. 60, U/S 379 IPC has been registered in PS-Manimajra, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Baljinder Singh R/o # 37, Adarsh Nagar, Zirakpur, Distt.- Mohali, Punjab reported that unknown person stolen away complainant’s Honda Leo motor cycle No. PB-65AG-2405 from parking of DT Mall, IT Park, Chandigarh on 29.04.2019. A case FIR No. 92, U/S 379 IPC has been registered in PS-IT Park, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Accident

A case FIR No. 43, U/S 279, 337 added 304-A IPC has been registered in PS-49, Chandigarh on the complaint of Dilbar Xaxa R/o # 28, near Heritage school, Village- Jagatpura, Distt.- Mohali, Punjab who alleged that driver of swift car No. PB-11BF-3711 sped away after hitting to a cyclist near Motor market, Sector- 48, Chandigarh on 28.04.2019. Cyclist person namely Simon toppo R/o # 28, near Heritage school, Village- Jagatpura, Distt.- Mohali, Punjab got injured and was admitted in GMCH-32, Chandigarh then he referred to PGI, Chandigarh where he expired during treatment. Investigation of the case is in progress.