वर्तमान समय में पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य-डा. बलकार सिंह

पंचकूला, 22 फरवरी।

“संभावित पत्रकारों को भाषा और कानून का विस्तृत प्रशिक्षण दिये जाने कि आवश्यकता है। एक तरफ जहां तकनीकी विकास लगातार गतिशील हो रहा है वहीं संचार में गति और प्रामाणिकता के ताल मेल का ह्रास हो रहा है” सारिका तिवारी

“वार्तालाप” कार्यशाला

वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी के नवीनतम तकनीकी युग में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होेने के साथ साथ बढती जा रही है। इसलिए विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के मीडिया कर्मियों का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है।

  ये उद्गार उपायुक्त डा. बलकार सिंह ने सैक्टर 1 स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार चण्डीगढ के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला एवं वार्तालाप में व्यक्त किए। स्थानीय मीडिया के मध्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सूचना संचार हेतू विषय पर आयोजित एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में क्षमता निर्माण और भी बेहतर है क्योंकि ग्रास रूट पर सरकार की क्रियान्वित योजनाओं एवं स्कीमों की जानकारी देेने के साथ साथ उस पा़त्र व्यक्ति को लाभ दिलवाना भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी दशा मंें वंचित तबके को न केवल जागरूक करना बल्कि उनके सही क्रियान्वयन में पत्रकार की सफल भूमिका करना ही मुख्य ध्येय होना चाहिए। इस प्रकार वह जनता में अपने बेहतर कौशल एवं टूल के माध्यम से अपनी पकड़ को भी मजबूत करता है।

उपायुक्त ने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र बड़ा ही संवेदनशील है। इसलिए स्पष्ट एवं गहरी पत्रकारिता के लिए गहन अध्ययन भी अनिवार्य है। यदि स्वंय पूर्ण रूप से जागरूक एवं अनुभवी होंगे तभी लोगों तक उसकी स्टीक जानकारी उपलब्ध करवा सकेंगंे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं ग्रामीण क्षेत्र के परिवेश से निकलने वाले पत्रकारों के लिए वास्तव में कारगर होंगी और वे इसका सही लाभ उठा पाएगें।

demokraticfront .com की संपादिका सारिका तिवारी ने कहा कि संभावित पत्रकारों को भाषा और कानून का विस्तृत प्रशिक्षण दिये जाने कि आवश्यकता है। एक तरफ जहां तकनीकी विकास लगातार गतिशील हो रहा है वहीं संचार में गति और प्रामाणिकता के ताल मेल का ह्रास हो रहा है।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त उतम सिंह ने कहा कि कोई भी स्कीम एवं योजना जन सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकती। इनके लिए जनता का अपेक्षित सहयोग तभी सम्भव होता है जब उन्हें उनके बारे में जानकारी मिलती है। सरकारी तंत्र के साथ साथ पत्रकार भी आम नागरिकों को स्कीमों की जानकारी मुहैया करवाने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए यह कार्यशाला ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होगी और इसका लाभ लेकर वे जनता को भी अवगत करवाने का कार्य करेंगें।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक पवित्र सिंह ने मंत्रालय की गतिविधियों के बारे से अवगत करवाते हुए कहा कि मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य केन्द्र सरकार की स्कीमों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देना है। इस तरह का प्रदेश मे यह आठवंा कार्यक्रम है जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों मे चेतना लाने का कार्य किया जा रहा है।

कार्यशाला को लीड बैंक प्रबंधक पीएन खन्ना, सहायक निदेशक सपना, पीएनबी वितिय सलाहकार एस एस पाल, के सी बधावन, प्रो. अनिल पाण्डे, डा. सुमित श्योराण सहित कई वक्ताओं ने अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त किए।

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