52वां मन की बात

29 जनवरी को परीक्षा की चर्चा करेंगे मोदी

नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (27 जनवरी) देशवासियों से अपने रेडियो कार्यक्रम के जरिये 2019 की पहली ‘मन की बात’ की. कार्यक्रम के 52वेें संस्‍करण की शुरुआत में पीएम मोदी ने डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्‍वामी जी का जिक्र किया. उन्‍होंने कहा ‘बीती 21 तारीख को एक शोक का समाचार मिला. कर्नाटक में टुमकुर जिले के श्री सिद्धगंगा मठ के डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी हमारे बीच नहीं रहे. स्वामी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज-सेवा में समर्पित किया था.’  LIVE TV

परीक्षा पे चर्चा करेंगे PM मोदी
पीएम मोदी ने परीक्षार्थियों के संबंध में भी बात की. उन्‍होंने कहा कि परीक्षाओं के दिन आने वाले हैं. मैं सभी विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को शुभकामनाएं देता हूं. आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मैं दो दिन बाद ही 29 जनवरी को सवेरे 11 बजे ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में देश भर के विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने वाला हूं. इस बार छात्रों के साथ-साथ अभिभावक और शिक्षक भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले हैं.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन किया
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की इस महान धरती ने कई महापुरुषों को जन्म दिया है. ऐसे महापुरुषों में से एक थे-नेताजी सुभाष चन्द्र बोस. 23 जनवरी को पूरे देश ने एक अलग अंदाज में उनकी जन्म जयन्ती मनाई. लाल किले में नेताजी के परिवार के सदस्यों ने एक बहुत ही खास टोपी मुझे भेंट की. कभी नेताजी उसी टोपी को पहना करते थे. मैंने संग्रहालय में ही, उस टोपी को रखवा दिया, जिससे वहां आने वाले लोग भी उस टोपी को देखें और उससे देशभक्ति की प्रेरणा लें.

उन्‍होंने कहा कि 30 दिसंबर को मैं अंडमान और निकोबार द्वीप गया था. एक कार्यक्रम में ठीक उसी स्थान पर तिरंगा फहराया गया, जहां नेताजी सुभाष बोस ने 75 साल पहले तिरंगा फहराया था. कई वर्षों तक यह मांग रही कि नेता जी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक किया जाए और मुझे इस बात की खुशी है, यह काम वर्तमान सरकार ही कर पाई है.

‘लाल किले के संग्रहालय जाएं’
पीएम मोदी ने कहा ‘लाल किले में एक दृश्यकला संग्रहालय भी बनाया गया है. संग्रहालय में 4 ऐतिहासिक प्रदर्शनियां हैं, वहां तीन सदियों पुरानी 450 से अधिक पेंटिंग और कलाकृतियां मौजूद हैं. आप वहां जाएं और गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर जी के कार्यों को अवश्य देखें.’ गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर को सभी लेखक और संगीतकार के रूप में जानते हैं. उन्होंने कई विषयों पर पेंटिंग्स भी बनाईं, खास बात ये है कि उन्होंने अपने अधिकांश कार्यों को कोई नाम ही नहीं दिया. उनका मानना था कि उनकी पेंटिंग देखने वाला खुद ही उस पेंटिंग को समझे.

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की सराहना
पीएम मोदी ने इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की सराहना की. उन्‍होंने कहा कि देश आजाद होने से लेकर 2014 तक जितने अंतरिक्ष अभियान हुए हैं, लगभग उतने ही अंतरिक्ष अभियान की शुरुआत बीते चार वर्षों में हुई है. हमने एक ही अंतरिक्ष यान से एक साथ 104 उपग्रह लॉन्च करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है.

उन्‍होंने कहा कि हम जल्द ही चंद्रयान-2 अभियान के माध्यम से चांद पर भारत की मौजूदगी दर्ज कराने वाले हैं. हमारा देश, स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग जानमाल की रक्षा में भी बखूबी कर रहा है. हमारे मछुआरे भाइयों के बीच NAVIC उपकरण बांटे गए हैं, जो उनकी सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक तरक्की में भी सहायक है.

‘जरूर वोट डालें’
पीएम मोदी ने आगामी लोकसभा चुनावों के संबंध में देशवासियों से वोट डालने की अपील की. उन्‍होंने देश के युवा मतदाओं से अपील की कि वे खुद को मतदाता के रूप में जरूर पंजीकृत कराएं और वोट डालें. पीएम मोदी ने कहा ‘इस साल देश में लोकसभा के चुनाव होंगे. यह पहला अवसर होगा जब 21वीं सदी में जन्मे युवा लोकसभा चुनावों में अपने मत का इस्‍तेमाल करेंगे.’ उन्‍होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा ‘मैं, आज भारत के चुनाव आयोग के बारे में बात करना चाहता हूं जो हमारे देश की बहुत ही महत्वपूर्ण संस्था है, जो हमारे गणतंत्र से भी पुरानी है. 25 जनवरी को चुनाव आयोग का स्थापना दिवस था, जिसे ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.

संत रविदास को याद किया
पीएम मोदी ने कहा ’19 फरवरी को रविदास जयंती है. संत रविदास जी के दोहे बहुत प्रसिद्ध हैं. गुरु रविदास जी का जन्म वाराणसी में हुआ था. संत रविदास जी ने अपने संदेशों के माध्यम से अपने पूरे जीवनकाल में श्रम और श्रमिक की अहमियत को समझाने का प्रयास किया.’ संत रविदास कहते थे कि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. मतलब अगर आपका मन और ह्रदय पवित्र है तो साक्षात ईश्वर आपके ह्रदय में निवास करते हैं.

उन्होंने कहा ’30 जनवरी पूज्य बापू की पुण्यतिथि है. हम भी जहां हों, वहां दो मिनट जरूर श्रद्धांजलि दें. पूज्य बापू का पुण्य स्मरण करें. नए भारत का निर्माण और नागरिक के नाते अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने के संकल्प के साथ, आगे बढें.’

‘देश खुले में शौच से मुक्‍त हो रहा है’
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि क्या आपने टॉयलेट चमकाने के कॉन्टेस्ट के बारे में सुना है? इस अनोखी प्रतियोगिता का नाम है ‘स्वच्छ सुन्दर शौचालय’. आपको कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामरूप तक की “स्वच्छ सुन्दर शौचालय” की ढेर सारी तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल जाएंगी. 2 अक्टूबर, 2014 को हमने अपने देश को स्वच्छ बनाने और खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक साथ मिलकर एक यात्रा शुरू की थी. भारत के जन-जन के सहयोग से आज भारत 2 अक्टूबर, 2019 से काफी पहले ही खुले में शौच मुक्त होने की ओर अग्रसर है.

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