पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य कराना चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं: तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।
डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – 08 अगस्त 22 :

नोटः आज पवित्रा एकादशी व्रत है इस बार यह शुभ तिथि 08 अगस्त यानी आज है। पवित्रा एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एकादशी के बारे में पुराणों में बताया गया है कि जो भी भक्त सच्चे मन से श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करता है, उसको सभी जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती जाती है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। पुराणों में बताया गया है कि जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या करके मिलता है, उतना पुण्य फल केवल पवित्रा एकादशी का व्रत करने से मिलता है। निसंतान दंपति अगर जोड़ी से एकादशी का व्रत करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें तो उत्तम गुणों वाली संतान की प्राप्ति होती है। एकादशी भगवान विष्णु का सबसे प्रिय व्रत है और सावन के महीने में इस व्रत के पड़ जाने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। पवित्रा एकादशी का उपवास रखने से और दान-तर्पण व विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
विक्रमी संवत्ः 2079,
शक संवत्ः 1944,
मासः श्रावण़,
पक्षः शुक्ल,
तिथिः एकादशी रात्रि काल 09.01 तक है,
वारः सोमवार,
योगः ऐन्द्र सांय 06.55 तक,
नक्षत्रः ज्येष्ठा दोपहर 02.37 तक है।
विशेषः आज पूर्व दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर सोमवार को दर्पण देखकर, दही,शंख, मोती, चावल, दूध का दान देकर यात्रा करें।
करणः वणिज,
सूर्य राशिः कर्क, चंद्र राशिः वृश्चिक,
सूर्योदयः 05.50, सूर्यास्तः 07.03 बजे।
राहु कालः प्रातः 7.30 से प्रातः 9.00 बजे तक,

