Saturday, May 9

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पीएम को आगे आना चाहिए और हिंसा की निंदा करनी चाहिए, भले ही इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो। कानून-व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। हिंदू हो, मुस्लिम- जो भी असामाजिक हो उसे सजा मिलनी चाहिए। गहलोत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देश को संबोधित करें और हिंसा की निंदा करें। देश में क़ानून का राज रहे। आज सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की है। वह देश में शांति स्थापित करने की अपील करें। वह कहें कि वह हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।

जयपुर(ब्यूरो) डेमोक्रेटिक फ्रंट – 04 अप्रैल:

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करौली में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन दो गुटों में हुए विवाद के बाद हुए हिंसा पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि आगे आकर देश को संबोधित करें। हिंसा की निंदा करें। चाहे वो हिंसा किसी भी पक्ष द्वारा की गई हो, देश में कानून का राज स्थापित रहे।

अपने बयान में मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से गुहार लगाई कि वो सामने आकर इस मुद्दे पर बोलें। घटना से पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने न्याय व्यवस्था को बनाए रखने का काम पीएम मोदी का बताया है। उन्होंने मीडिया में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में जिम्मेदारी लेनी चाहिए और साम्प्रदायिक हिंसा की निंदा करनी चाहिए। चाहे हिंसा करने वाला कोई भी हो। उसकी निंदा हो। देश में कानून का राज स्थापित रहे। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अगर वो गैर सामाजिक तत्व है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। कानून का राज रहा तभी लोग सुरक्षित रहेंगे।”

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ पर मुख्यमंत्री इस घटना के लिए भाजपा को और पीएम मोदी को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस हिंसा के पहले पीएफआई का एक पत्र सामने आया है जिसने इस हिंसा के सुनियोजित होने की आशंका को गहरा दिया है। इस पत्र में लिखा है, “दिनांक 2 से 4 अप्रैल तक राजस्थान के तमाम जिलों, तहसीलों और कस्बों में RSS और उनके अन्य संगठनों द्वारा हिन्दू नववर्ष के अवसर पर भगवा रैली आयोजित की जा रही है। इन रैलियों में धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारों को प्रतिबंधित करने, साम्प्रदायिक सौहार्द को बचाने, कानून-व्यवस्था को कायम रखने और इन आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करवाने की माँग की जाती है।”

इस चिट्ठी के सामने आने के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा करौली की जो घटना थी, इसमें शांतिपूर्ण तरीके से जूलूस निकल रहा था, आधे रास्ते के बाद पत्थर बरसाए गए और अब पीएफआई की जो चिटठी उजागर हुई, उससे यह लगता है, या तो राज्य सरकार की इंटेलिजेन्ट फेलियर था या सरकार को सारी जानकारी थी और वह चाहती थी कि इस तरीके की घटना घटे ताकि लोगों में भय पैदा हो।

भाजपा नेता पूनिया ने कहा कि जो तुष्टिकरण की नीति अशोक गहलोत अपनाते हैं उसमें उनको अपने वोट बैंक की फिक्र है, लेकिन बहुसंख्यक लोगों की सुरक्षा की कतई फिक्र नहीं है और पीएफआई की चिट्ठी के बाद यह उजागर होता है कि राज्य सरकार की मंशा खराब थी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा पर इल्जाम लगाने के बीच इस मामले में ये खबर भी आई है कि करौली हिंसा में कॉन्ग्रेस पार्षद मतलूब अहमद का हाथ था। उन्हें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिह्नित किया गया है। उनके ऊपर पत्थरबाजी, हिंसा भड़ाना, भीड़ इकट्ठा करने का इल्जाम है। ये जानकारी करौली के भाजपा सांसद द्वारा कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाने के बाद सामने आई है। जहाँ उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस अपने लोगों को बचा रही है। कॉन्ग्रेस के स्थानीय नेताओं ने पूरी प्लॉनिंग के साथ घटना को अंजाम दिया।” करौली धौलपुर के सांसद मनोज राजोरिया ने कहा कि इस मामले में पुलिस की ओर चयनात्मक कार्रवाई हो रही हैं। अगर पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की तो भाजपा जल्द आंदोलन करेगी।

इस घटना के संबंध में अब तक पुलिस ने 46 लोगों को गिरफ्तार किया है और 7 को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इनमें 13 को घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया है और 33 को कर्फ्यू के ऑर्डर उल्लंघन करने पर पकड़ा गया है। 7 लोगों से पूछताछ हो रही हैं। जाँच के बाद 21 दुपहिया बाइक और चार पहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं।  भाजपा पर ठीकरा फोड़ने से पहले राजस्थान सीएम ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों से एक मीटिंग की थी। शनिवार के इलाके में धारा 144 लगाई गई हैं।

राजस्थान के करौली में जो नववर्ष शोभयात्रा पर जो हमला हुआ उससे हिन्दुओं को कुछ सीखने की जरूरत है। आज के बाद किसी भी गाँव या शहर में यात्रा निकाले तो उसकी सुरक्षा का इंतजाम भी स्वयं करे। पुलिस और प्रशासन हर समय हर जगह सुरक्षा नहीं दे सकते। यात्रा में झंडे के साथ साथ सुरक्षा की वस्तुएँ भी होनी चाहिए। हिन्दू किसी पर हमला नहीं करेगा, किसी को प्रताड़ित नहीं करेगा। लेकिन पूज्य बाबा साहब अम्बेडकर ने संविधान में जो आत्मरक्षा का अधिकार दिया है उसका प्रयोग करके स्वयं की सुरक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। क्रिया की प्रतिक्रिया और वार पर प्रहार जरूर करना चाहिए यही हमें हमारे पूर्वजों, महापुरुषों, देवताओं, ऋषियों ने सिखाया है। यति नरसिंहानन्द सरस्वती, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ आदि कितने ही लोग अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना रोज हमें जगा रहे है। लेकिन हम फिर भी सचेत नहीं हो रहे हैं। मरने से अच्छा है अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा करके अगर कोई कानूनी कार्यवाही भी होती है तो उसका सामना करने के लिए तैयार रहें। ⚔️🔱🙏 शस्त्रमेव जयते, सर्वे भवन्तु सुखिनः 🙏🔱⚔️