Thursday, May 7

जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल रूपपुरा में छात्रों को धर्म विरोधी किताब बांटने के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। ग्रामीणों ने एक महिला टीचर पर धर्म विरोधी शिक्षा देने का आरोप लगाते हुए स्कूल पर ताला जड़ दिया। साथ ही विरोध प्रदर्शन करते हुए महिला टीचर को निलंबित करने मांग करने लगे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने समझाइश करते हुए मामला शांत किया। आरोपी महिला टीचर को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने एपीओ कर दिया है। उधर, आरोपित टीचर ने कहा है कि, ‘मैं दलित समुदाय से हूं, इसलिए गांव के लोग मुझपर झूठा आरोप लगाकर परेशान कर रहे हैं।’

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड के रूपपुरा में एक राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्रों को कथित तौर पर धर्म विशेष से जुड़ी किताब बांटने का मामला बुधवार को गरमा गया जहां ग्रामीणों ने एक महिला टीचर पर धर्म विरोधी शिक्षा देने का आरोप लगाते हुए स्कूल पर ताला जड़ दिया और घंटों तक स्कूल के सामने ही विरोध प्रदर्शन कर महिला टीचर को निलंबित करने की मांग करने लगे। मामले को बढ़ता हुए देख शिक्षा विभाग ने समझाइश करते हुए मामला शांत करवाया और आरोपी महिला टीचर को एपीओ कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ महिला टीचर का कहना है कि मैं दलित समुदाय से हूं जिसके चलते गांव के लोग मुझ पर झूठा आरोप लगाकर परेशान कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक मामला भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गाँव रूपपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की शिक्षिका निर्मला कावड़ को निलंबित करने की माँग को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी ‘हिन्दू धर्म विरोधी टीचर निर्मला कामड़ को गिरफ्तार करो’ हैशटैग से ट्रेंड चलाया जा रहा है। धरने पर कई पुरुषों के साथ महिलाएं भी बैठी दिखाई दे रही हैं। मौके पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल तैनात है।

एक अन्य वीडियो में उसी स्कूल के बताए जा रहे एक छात्र का कहना है, “वो किताबें बाँटती थी। वो कहती थीं कि ये किताब लो, जो दिमाग में होगा वो निकल जाएगा। वो क्लास में दूसरे धर्म का प्रचार करती थीं। वो हमें कहती थीं कि ब्रह्मा जी देवता नहीं हैं। ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया है। और राम जी दशरथ की औलाद नहीं हैं।” इसे नागपुर के समता पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित किया गया है।

विवादित किताब को हरे रंग में प्रिंट किया गया है। इसके तीनों भाग एक साथ ही हैं। इसमें सबसे ऊपर जवाहर लाल नेहरू के शब्द बता कर लिखा गया है, “हिन्दू धर्म निश्चित तौर पर उदार व सहनशील नहीं है। हिन्दू से ज्यादा संकीर्ण व्यक्ति दुनिया में कहीं नहीं है।”

ट्विटर हैंडल जीतमल गुर्जर ‘जीतू’ ने इस किताब के कुछ पन्नों के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इन पन्नों में लिखा है कि विष्णु और कुत्ते में कोई फर्क नहीं। साथ ही उपनिषदों के मंत्रों को भी एन एन राय द्वारा उनके शब्दों में बताया गया है। साथ ही ब्रह्मा और विश्वामित्र के नामों के साथ आपत्तिजनक बातें कही गईं हैं। हिन्दू देवताओं के लिए ‘नायक नहीं खलनायक’ जैसे शब्द लिखे गए हैं।

https://twitter.com/jeeturssbjp/status/1499258940072206337

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश कुमार को किताबें बाँटे जाने की शिकायत मिली है। लेकिन ये किताबें किसने बाँटी ये उन्हें अब तक नहीं पता। स्थानीय मनरूप गुर्जर ने आरोपित को सस्पेंड करने की माँग की है। वहीं शिक्षिका निर्मला कामड ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वो दलित समुदाय से हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होने आगे बताया कि उनके कार से आने, बाल खुले रखने और चश्मा पहनने से कुछ लोगों को बहुत दिक्कत है।