अमरेंद्र सिंह को सोशल मीडिया पर भी खूब मिल रही हैं बधाई
जगंशेर राणा, चंडीगढ़ :
सीएम सिटी करनाल में पांच साल बतौर मुख्यमंत्री प्रतिनिधित जन-जन की समस्याओं का निराकरण करने के साथ सिटी के विकास का रोड मैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। यह शख्स हैं मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी एवं श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह। अमरेंद्र सिंह का वर्तमान में मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की कार्य दक्षता को बढ़ाने के साथ ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने हैं। इनकी इसी सोच से सरकार की जन कल्याणकारी नीतियां भी जन-जन तक पहुंच रही हैं।
शुक्रवार को श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह को उनके जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित मंत्री, विधायकों व भाजपा नेताओं ने बधाई दी। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी अमरेंद्र पूरे पंसदीदा हैं और उन्हें खूब बधाई मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना चुनौती से निपटने के साथ श्रमिकों को भी पूरा ख्याल रख रही है। हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस के कारण किए गए लाकडाउन की वजह से गरीब, मजदूर और दिहाड़ीदार वर्ग के साथ-साथ रिक्शा चालकों की आर्थिक सहायता करने का बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐसे लोगों को 4500 रुपये मासिक की आर्थिक दी जा रही है। सहायता चार किस्तों में साप्ताहिक आधार पर दिया जा रही है, ताकि लाकडाउन के दौरान किसी गरीब के घर में रोटी का संकट पैदा न हो सके।
अमरेंद्र सिंह का कहना है कि श्रमिकों के उत्थान के लिए सरकार अनुकरणीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्रम पुरस्कार योजना से से प्रदेश में श्रमिकों की कार्यकुशलता व दक्षता बढ़ रही है तो औद्योगिक और कमर्शियल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों की यह पुरस्कार नई पहचान स्थापित कर रहा है। यही नहीं हरियाणा के श्रमिकों को पेंशन की भी सौगात दी गई है। प्रदेश में करीब 22 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने अनेक योजनाएं चलाई हैं। पंजीकृत 60 वर्ष की आयु से अधिक श्रमिकों 2500 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्रम पुरस्कार में चार श्रेणियों को रखा गया है, इनमें मुख्यमंत्री श्रम रत्न को एक लाख, हरियाणा श्रम भूषण को 50 हजार, हरियाणा श्रम वीर को 20 हजार और हरियाणा श्रम वीरांगना पुरस्कार में भी 20 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
इसके अतिरिक्त अनके सौगातें श्रमिकों को दी गई हैं, इनमें कन्यादान योजना, बच्चों की शिक्षा व शादी के लिए वित्तीय सहायता, कामगारों के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि, अंशदाता श्रमिकों के लड़के व लडकियों के लिए पहली कक्षा से बारवीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने पर स्कूल की वर्दी, किताबें व कापियां आदि खरीदने हेतु वित्तीय सहायता, अंशदाता श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना सहित मुख्य मन्त्री कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के उत्थान का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में लगे 18 से 40 साल के मजदूरों को बुढ़ापे में तीन हजार रुपये महीना पेंशन का फैसला लिया गया है।

