ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बहादुर ने आयोग पर आरोप लगाया कि उसने स्थानीय सर्वोच्च न्यायालय के एक नवीनतम फैसले दिनांक 12 सितंबर सरेआम अवहेलना की है उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्भय प्रदीप सिंह बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार से स्पष्ट कहा है कि अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों का साक्षात्कार अलग नहीं बल्कि सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ इकट्ठे लिया जाए किंतु आयोग ने अभी हाल में एचपीएस परीक्षा के बाद उन्होंने शेड्यूल जारी किया उसमें इन्होंने पहली सामान्य श्रेणी के बाद में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए ऐसा कर आयोग ने माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के गौरव की अवमानना की है क्योंकि आयोग के अध्यक्ष ने आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों को कम अंक देकर उन्हें सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों से नीचे के कर्मों में रखा है इस कारण से आयोग द्वारा चयनित सूचियों में अनुसूचित जाति के चयनित उम्मीदवार हमेशा वरीयता में नीचे के क्रमों में आते हैं और जो क्रम में सबसे ऊपर होते हैं वह जल्द ही देश की सर्वोच्च सेवा आईएएस में पदोन्नति हो जाते हैं जबकि आरक्षित उम्मीदवारों को इस पदोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है ऐसा करके सरकार अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के साथ अन्याय करती हैं
हरियाणा वाल्मीकि महासभा के प्रधान महासचिव राजेंद्र प्रवक्ता ने बताया कि हमें माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले की मुख्य सचिव हरियाणा का अध्यक्ष हरियाणा लोक सेवा आयोग को साक्षात्कार के शेडूल से पूर्व भेज दी गई थी किंतु बावजूद उसके सरकार ने उक्त फैसले के लागू ना करके माननीय उच्चतम न्यायालय की अवहेलना की है आवाम के प्रदेश प्रवक्ता राकेश करोसिया ने बताया कि वह आज इसकी एक शिकायत हरियाणा के महा हेम राज्यपाल व अध्यक्ष �
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