निरंतर ऊर्जा की बचत की आवश्यकता पर जोर दिया गया, कई स्तर पर किए गए प्रयास
डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़, 28 फ़रवरी :
ईंधन संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ यू.टी. की ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा पखवाड़े भर चलने वाली पहल सक्षम 2025 (संरक्षण क्षमता महोत्सव) का समापन एक सफल समारोह के साथ हुआ। चंडीगढ़ के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) में आयोजित इस कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों, स्टूडेंट्स, इंडस्ट्री लीडर्स और पर्यावरण संरक्षण में कार्यरत लोगों ने भाग लिया।
आयोजन के मुख्य अतिथि,
आशुतोष गुप्ता, स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर, ऑयल इंडस्ट्री पंजाब और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और स्टेट हेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), ने अपने नेतृत्व में सभी मौजूद लोगों को तेल एवं एनर्जी की बचत के लिए संरक्षण शपथ दिलाई। कार्यक्रम में तेल और गैस संरक्षण पर एक थिएटर ग्रुप द्वारा मंचित नाटक भी देखा गया, जिसमें सस्टेनेबल एनर्जी प्रक्रियाओं के महत्व को दर्शाया गया।
समापन समारोह में बोलते हुए, आशुतोष गुप्ता ने दो सप्ताह की अवधि से आगे भी अभियान की गति को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “सक्षम 2025 केवल एक अभियान नहीं है – यह ऊर्जा संरक्षण के लिए एक दैनिक प्रतिबद्धता है। हर छोटा प्रयास हमारे पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पर एक बड़ा प्रभाव डालता है। स्थायी ऊर्जा संरक्षण की तत्काल आवश्यकता है।”
इस कार्यक्रम में सुशांत गोयल, स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर, ऑयल इंडस्ट्री, चंडीगढ़ यू.टी. और चीफ रीजनल मैनेजर, चंडीगढ़ रिटेल आरओ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), और श्री संजय अरोड़ा, जीएम और एचओडी – चंडीगढ़ जोनल ऑफिस, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने भी अपना अपना संबोधन दिया।
कार्यक्रम में हितधारकों ने जनता से ईंधन की खपत और कार्बन एमिशन को कम करने के लिए सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय अपनाने का आग्रह किया, जैसे कि कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना, एनर्जी-एफिशेंट अप्लाएंसेज पर स्विच करना और एक जगह खड़े होने पर इंजन को बंद करना।
उल्लेखनीय रूप से, स्कूलों, कॉलेजों, इंडस्ट्रीज, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशंस और आम जनता की सक्रिय भागीदारी के साथ, सक्षम 2025 ने पंजाब और चंडीगढ़ यू.टी. में ट्रांसपोर्ट, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और घरेलू उपभोक्ताओं सहित विभिन्न क्षेत्रों को सफलतापूर्वक शामिल किया। इस पहल में स्कूलों और कॉलेजों में वाद-विवाद, ग्रुप डिस्कशंस और टैलेंट शोज जैसी कई गतिविधियां शामिल थीं, जो युवा प्रतिभाओं को सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रेरित करती हैं। पखवाड़े में कारों और कमर्शियल व्हीकल्स के लिए फ्यूल एफिशेंट ड्राइविंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
तेज की बचत और एनर्जी संरक्षण विषयों पर केंद्रित वॉल पेंटिंग और ग्रैफिटी प्रतियोगिताएं, एलपीजी पंचायतें और अन्य जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। फिटनेस और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सक्षम साइक्लोथॉन और वॉकथॉन का भी आयोजन किया गया।
अरुण कुमार सोनवानी, स्टेट हेड (एलपीजी), पंजाब, जेएंडके, एचपी और चंडीगढ़, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने वोट ऑफ थैंक्स के साथ सभी का धन्यवाद किया। आयोजकों ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल एवं गैस पीएसयू, एजुकेशनल संस्थानों, मीडिया और आम जनता के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सक्षम 2025 की शानदार सफलता में योगदान दिया।
सक्षम जैसे आयोजन और इससे जुड़ी गतिविधियाँ इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और इसे एनर्जी की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के और सस्टेनेबिलिटी सुनिश्चित करने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ता है। कच्चे तेल की 85% ज़रूरतें आयात से पूरी होती हैं, इसलिए ईंधन संरक्षण राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, ईंधन के दहन से वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान होता है, जिससे ऊर्जा का ज़िम्मेदाराना उपयोग ज़रूरी हो जाता है।