Monday, March 31

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य करान चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं : तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – पंचांग, 28 मार्च 2025

नोटः आज मेला पृथुद्क-पितोवाह तीर्थ हरियाणा है। पृथूदक नामक यह तीर्थ कुरुक्षेत्र से लगभग 28 कि.मी. की दूरी पर पिहोवा में सरस्वती नदी के किनारे स्थित है। महाभारत में इस तीर्थ को कुरुक्षेत्र के तीर्थों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तीर्थ कहा गया है।
पुण्यमाहुः कुरुक्षेत्रं कुरुक्षेत्रात्सरस्वतीम्।
सरस्वत्याश्च तीर्थानि तीर्थेभ्यश्च पृथूदकम्।
(महाभारत, वन पर्व 8/1,.25)
इस तीर्थ के महात्म्य का वर्णन महाभारत के अतिरिक्त भागवत पुराण, भविष्य पुराण, वामन पुराण, वायु पुराण आदि में भी मिलता है। इस तीर्थ का नामकरण महाराज पृथु के नाम पर हुआ है जिन्होंने इस स्थान पर अपने पितरों हेतु उदक (जल) द्वारा तर्पण किया था। वामन पुराण के अनुसार भगवान शंकर ने भी प्राचीन काल में पृथूदक में विधिपूर्वक स्नान किया था:

विक्रमी सवत्ः 2081, 

शक संवत्ः 1946, 

मासः चैत्ऱ 

पक्षः कृष्ण, 

तिथिः चतुर्दशी सांय काल 07.56 तक है, 

वारः शुक्रवार। 

नोटः आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। शुक्रवार को अति आवश्यक होने पर सफेद चंदन, शंख, देशी घी का दान देकर यात्रा करें।

नक्षत्रः पूर्वाभाद्रपद रात्रि काल 10.10 तक है, 

योग शुक्ल रात्रि काल 02.07 तक है, 

करणः विष्टि, 

सूर्य राशिः मीन, चन्द्र राशिः कुम्भ,

राहू कालः प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक,

सूर्योदयः 06.20, सूर्यास्तः 06.33 बजे।