मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं : चन्द्र मोहन
पंचकूला 11 फरवरी
हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चन्द्र मोहन ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में बेरोजगारी से युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं और बिना किसी नीति निर्धारण के सरकार गुमराह करने में पारंगत और निष्णात हो चुकी है।
चन्द्र मोहन ने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि मुख्यमंत्री बार बार युवाओं को रोजगार के नाम पर जुमले बांटने का काम कर रहे हैं और यही कारण है कि युवा आत्महत्या जैसा विभित्स कदम उठाने के लिए विवश और लाचार हैं। उन्होंने कहा कि गृह राज्य मंत्री ने राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि साल 2018-2020 के दौरान 25000 हजार से ज्यादा लोगों बेरोजगारी और कर्ज में डूबने के कारण आत्महत्या की। यह केन्द्र और राज्य सरकार का सबसे बड़ा जीवन्त उदाहरण है कि युवाओं के साथ छलावा किया गया है।
वर्ष 2014 में 2 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष रोजगार देने का वायदा करने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बता सकते हैं कि पिछले 7 साल में कितने युवाओं को रोजगार दिया गया। इसके विपरित कोविड की भयावह परिस्थितियों के कारण देश में लगभग 12 करोड़ लोगों का रोजगार चला गया और लोगों का वेतन कम हो गया जिससे वह मानसिक तनाव न सहने के कारण आत्महत्या जैसा अकल्पनीय कदम उठाने के लिए विवश हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब से हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है और बिना पर्ची और खर्ची नौकरी देने का झूठा आडम्बर किया उस की पोल खुल गई है। खट्टर सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होने कहा कि यह हरियाणा के युवाओं का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा लिए गए अधिकतर पेपर लीक हो रहें हैं, जिसके कारण युवाओं की सरकारी नौकरी प्राप्त करने की चाहत लम्बी होने के साथ साथ उनकी आयु भी निकलती जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के लिए इससे बड़ी विचित्र स्थिति और क्या हो सकती है मुख्यमंत्री को तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी को नौकरी निकालने के लिए स्वयं ब्यान देना पड़ता है कि इन श्रेणियों के लिए विभागों से 11 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसी लिए हरियाणा प्रदेश देश में बेरोजगारी में पहले स्थान पर है और प्रदेश में हर चौथा युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।
चन्द्र मोहन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन को तुरंत अपने पद से हटाया जाए या उसे नैतिकता के आधार पर तुरंत अपना त्यागपत्र सौंप देना चाहिए जिस प्रकार से गुजरात में केवल एक पेपर लीक होने पर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष असित वोरा ने 9 दिसंबर 2021 को हैड क्लर्क की परीक्षा का पेपर के लीक की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने मांग की है कि आज तक जितने भी पेपर लीक हुए हैं उन सभी की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से करवाई जाए ताकि सरकार की पारदर्शिता का लबादा उतार कर उसे वास्तविकता का बोध करवाया जा सके।