Wednesday, May 13

चंडीगढ़ नगर निगम के नवनिर्वाचित 35 पार्षदों ने शपथ ले ली है। सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में शनिवार को डीसी विनय प्रताप सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी पार्षदों को शपथ दिलाई। 35 में 17 पार्षदों ने हिंदी, 13 पार्षदों ने पंजाबी और पांच ने अंग्रेजी में शपथ ली। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा की तरफ से सभी पार्षदों के लिए लंच की भी व्यवस्था की गई। कांग्रेस में अब गुटबाजी भी हावी हो गई है। निगम कार्यालय में पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दविंदर सिंह बबला और पार्टी अध्यक्ष सुभाष चावला में बहसबाजी शुरू हो गई। बबला ने कांग्रेस की हार के लिए अध्यक्ष सुभाष चावला को जिम्मेदार बताया।

डेमोरेटिकफ्रंट॰कॉम, चंडीगढ़ संवाददाता :

चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय में आज हो हुआ वह शहर के लोगों के लिए चर्चा का विषय बना गया है। दरअसल निगम कार्यालय में आज चुनाव जीते सभी 35 पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षद और अन्य नेता भी पहुंचे थे। दर्शक दीर्घा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला और कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह आपस में ही उलझ पड़े। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी, लेकिन अन्य नेताओं ने दोनों को अलग कराया और निगम कार्यालय से बाहर की तरफ ले गए।

बता दें कि निगम चुनाव में कांग्रेस ने कुल 8 सीटें जीती हैं। ऐसे में कांग्रेस में अब गुटबाजी भी हावी हो गई है। निगम कार्यालय में पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दविंदर सिंह बबला और पार्टी अध्यक्ष सुभाष चावला में बहसबाजी शुरू हो गई। बबला ने कांग्रेस की हार के लिए अध्यक्ष सुभाष चावला को जिम्मेदार बताया। बबला ने हार का ठिकरा अध्यक्ष पर ही फोड़ दिया और कहा कि चावला ने कांग्रेस का विनाश किया है। चावला के कारण पार्टी चुनाव हारी है। कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला और देवेंद्र सिंह बबला के बीच हाथापाई तक की होने की नौबत आ गई थी। इसके बाद माहौल एकदम गरमा गया। सभी लोग दोनों की बहसबाजी को सुनने के लिए खड़े हो गए। दोनों ने एक-दूसरे को बाहर आकर देखने की धमकी दे दी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दर्शक दीर्गा में अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद थे। 

बबला ने यह भी कहा कि जो अध्यक्ष अपने बेटे को चुनाव नहीं जीता पाया वह क्या पार्टी को क्या जीताएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला का बेटा सुमित चावला भी इस चुनाव में धनास सीट से हारा है। दविंदर बबला ने आपा खो दिया और अध्यक्ष को गाली तक निकाल दी। इस दौरान चावला के साथ सीनियर कांग्रेस नेता डीडी जिंदल भी मौजूद थे। माहौल गरमाता देख बबला का बेटा उन्हें बाहर लेकर आया।

बता दें कि दविंदर सिंह बबला की पत्नी हरप्रीत कौर बबला चुनाव जीती है। हरप्रीत कौर कांग्रेस की वह उम्मीदवार थी जो सबसे ज्यादा 3100 वोटों के मार्जिन से चुनाव जीती है। हरप्रीत कौर बबला वार्ड नंबर-10 से पार्षद का चुनाव जीतकर आज शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेने पहुंची थी।

इस पूरे वाक्या के बाद चावला ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया और वह निगम कार्यालय से चले गए। वहीं, बबला ने कहा कि वह कांग्रेसी हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। जबकि यह भी चर्चा थी कि बबला शायद भाजपा में जा सकते हैं। मेयर चुनाव के लिए भाजपा द्वारा निरंतर बबला से संपर्क किया जा रहा है।

वहीं, भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि मेयर का चुनाव भाजपा ही जीतेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने झूठे वायदे करके लोगों को गुमराह किया और यह चुनाव दिल्ली सरकार ने लड़ा है ना कि आम आदमी पार्टी ने।