मुस्लिम कट्टरपंथियों ने उस्मानाबाद में किया प्रदर्शन, रोकने गए पुलिसकर्मियों को किया घायल

पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह घटना विजय चौक इलाके में मंगलवार को रात करीब साढ़े 10 बजे हुई और हिंसक भीड़ को रोकने की कोशिश के दौरान चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उस्मानाबाद शहर पुलिस थाना के निरीक्षक सुरेश बुधवंत ने बताया, ‘भीड़ ने विजय चौक इलाके में एक पोस्टर, एक पुलिस वाहन और एक ऑटो-रिक्शा को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ को रोकने की कोशिश करते समय एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में 43 नामजद और 150 से 170 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उस्मानाबाद/पुणे/नयी दिल्ली :

कट्टरपंथी मुगल आक्रान्ता औरंगजेब को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की गई थी, जिसमें उसकी आलोचना की गई है। इसके बाद महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में लगभग 150 कट्टरपंथियों की अनियंत्रित भीड़ विरोध-प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर गई। इस हंगामे में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना मंगलवार रात साढ़े 10 बजे विजय चौक इलाके की है। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने एक फेसबुक पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए वाहनों पर पथराव किया और बैनर और होर्डिंग तोड़ डाले।

इस बीच हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में इंस्पेक्टर सुर्वे सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उस्मानाबाद सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुरेश बुधवंत ने पीटीआई को बताया, “भीड़ ने विजय चौक इलाके में एक होर्डिंग, एक पुलिस वाहन और एक ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की। भीड़ को रोकने की कोशिश में एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।”

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 333 (लोक सेवक को गंभीर चोट पहुँचाना), 353 (हमला या लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम के तहत 44 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

उस्मानाबाद के एक स्थानीय न्यूज पोर्टल ‘उस्मानाबाद लाइव‘ के अनुसार, यह सब मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा शुरू किया गया, जब उन लोगों ने नवरात्रि के दौरान चौक पर फहराए गए एक हिंदू धार्मिक ध्वज को हटाकर वहाँ अपने धार्मिक त्योहार के दिन अपना झंडा लगा दिया। इससे दोनों समूहों के बीच तनाव पैदा हो गया, जिसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बहाने कट्टरपंथियों की भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ किया।

हमने पहले भी बताया था कि कट्टरपंथी इस्लामिस्ट किस तरह से हमले, हत्या, आगजनी और बर्बरता को सही साबित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। फिर चाहे फेसबुक पोस्ट को लेकर बेंगलुरू में हुआ दंगा हो या फिर बांग्लादेश में हिंदुओं पर टारगेटेड अटैक। हर बार कट्टरपंथी फेसबुक पोस्ट के बहाने अपनी हिंसा को सही ठहराने की कोशिश करते हैं।

‘अपरम्पार है दान की महिमा पर सीएमके कन्या महाविद्यालय में एन.एस.एस. शिविर आयोजित

सतीश बंसल सिरसा:

सीएमके कन्या महाविद्यालय सिरसा में आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डा. मंजू देवी व डा. कामना कौशिक के द्वारा एक दिन का कैम्प ‘दान दिवसÓ के रुप में मनाया गया। कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या डा. नीना चुघ ने कैम्प का शुभारंभ किया। प्राचार्या डा. नीना चुघ ने स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वैदिक काल से ही दान करने की परम्परा चली आ रही है। महर्षि दधीची, कर्ण और हरीशचन्द्र द्वारा किया गया दान हमें करुणावान, त्यागी और सत्कर्मी बनने के लिए प्रेरित करता है। हरधर्म में दान की महिमा को रेखांकित किया गया है क्योंकि अपने को उत्कृष्ट बनाने के लिए व समाज को सुचारु रुप से चलाने के लिए यह अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय के लिए इसलिए विशेष है क्योंकि आज महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वयंसेवक के रुप में विभिन्न खाद्य पदार्थो यथा रोटी, सब्जी, आचार, दूध, दही, फल आदि का वितरण असहाय व जरुरतमंद लोगों के घर-घर जाकर किया। छात्राओं ने अपने सामथ्र्य अनुसार इन खाद्य पदार्थो का वितरण किया। छात्राओं ने विभिन्न घरों में कचरा पेटी देकर उन्हें कचरा पेटी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। खाद्य पदार्थो व कचरा पेटी के वितरण ने सही अर्थो में आजादी के अमृत महोत्सव को सार्थक रुप प्रदान किया है। छात्राओं ने निस्वार्थ भाव से इसे अपना कर्तव्य समझकर घर-घर जाकर लोगों की यथासंभव सहायता की। ‘दान दिवसÓ कैम्प के आयोजन का सार छात्राओं में यही भाव जागृत करने के उद्ेश्य से किया गया है कि जरुरतमंद को दान देना, सबसे बड़ा कर्म होता है, प्यार-मोहब्बत से जीना ही सबसे बड़ा धर्म होता है।

हम सभी को अपने जीवन में अर्थवेद के श्लोक का अनुसरण करना चाहिए। जिसमें लिखा है सैंकड़ो हाथों से कमाना चाहिए और हजारों हाथों वाला होकर समदृष्टि से दान देना चाहिए।    

विधि विभाग खुलवाने के लिए इनसो ने सौंपा ज्ञापन

सिरसा। चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में विधि विभाग को खुलवाने को लेकर इनसो की जिला इकाई ने कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा। कुलपति को सौंपे ज्ञापन में इनसो नेत्री संजू, छात्राएं खुशबू, पूनम वर्मा, दीपिका, अमृतपाल कौर, सिमरन, हीना ने बताया कि वे एलएलबी तृतीय वर्ष के विद्यार्थी हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कक्षाएं 11 अक्तूबर से शुरू होनी थी, लेकिन ऐलनाबाद उपचुनाव के चलते कक्षाएं शुरू नहीं की गई हैं। कोरोना के चलते विभाग पहले ही बंद था और अब चुनावों के कारण विभाग बन्द कर रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का नुकसान होना तय है। विद्यार्थियों ने बताया कि दिसंबर माह में परीक्षाएं होनी है, ऐसे में कक्षाएं शुरू न करवाकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि अगर कक्षाओं में देरी होती है तो सिलेबस पूर्ण नहीं होगा, जिससे वे परीक्षा की बेहतर तरीके से तैयारी नहीं कर पाएंगे।
इनसो नेत्री संजू ने कहा कि इनसो छात्र संगठन हमेशा से ही छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाता रहा है। आज इसी कड़ी में कुलपति को विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है, ताकि विद्यार्थियों का साल खराब न हो। इसलिए आपसे आग्रह है कि विद्यार्थियों की ऑफलाइन कक्षाएं तुरंत प्रभाव से शुरू की जाएं।

पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित रामलीला में श्री रामचंद्र जी ने खाए शबरी के बेर

handigarh October 13, 2021

चंडीगढ़। 

श्री हरि नाम संकीर्तन प्रचार मंडल, पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा राम लीला का आयोजन 15 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 9: 30 बजे से 11: 30 बजे तक राम लीला ग्राउंड, ब्लॉक डी, पीयू कैंपस में किया गया है। इसमें पीयू के कर्मचारी भाग ले रहे हैं। मंचन के दौरान श्री रामचंद्र जी शबरी की कुटिया में लक्ष्मण सहित पधारते हैं। इस दौरान शबरी श्री राम जी का स्वागत करती है। वह प्रभु राम जी के प्रेम में इतनी लीन हो जाती है कि सभी बेर चखकर श्री राम जी को अर्पित करती है। श्री रामचंद्र जी शबरी के अथाह प्रेम को देखते हुए उनके द्वारा झूठे किए गए बेर बड़े प्यार से खाते हैं। जबकि उनके छोटे भ्राता लक्ष्मण जी इन बेरों को दूर फेंक देते हैं। इस दौरान उपस्थित सभी लोग शबरी और राम चंद्र जी के बीच हुए वार्तालाप को देखकर आत्म विभोर हो जाते हैं।

International Girl Child Day celebrated by PU GH-8

Chandigarh October 13, 2021

            Panjab University Girls Hostel No.8 celebrated International Girl Child day on 12th October 2021 with  the children of construction workers in the Campus, informed Dr. Simran Kaur, Warden.

            Prof Meena Sharma, Dean Student Welfare (Women) and  Prof. Ashok Kumar Associate DSW distributed stationary stuff to these children. The Deans expressed the relevance of girl child. Dr Gaurav Gaur and various Wardens of other hostels were present in the event.

PU VC releases book

Chandigarh October 12, 2021

            A book titled “Dynamics of Labour Demand and Supply in Punjab Agriculture” authored by Dr. Sucha Singh, Assistant Professor, and Coordinator, Department of Geography, USOL was released today by Prof. Raj Kumar, Vice Chancellor, Panjab University, in his office in the presence of Prof. Dhian Kaur; Prof. Gaurav Kalotra, Chairperson, Geography, and Dr. Gaurav Gaur, Chairperson, Centre for Social Work.

            PU VC extended his facilitations to Dr. Sucha Singh for bringing out an excellent piece of research work on the changing labour absorption scenario in Punjab agriculture.

            The author, in his book highlights that agrarian labour is an important theme of study in social sciences which has both theoretical relevance and applied significance. Despite the mechanization of various farm operations, labour remains a crucial factor in agricultural production in the green revolution states like Punjab. The commercial food grain system of the state is under transformation. Therefore, the book analyzes the dynamics of labour absorption under changing scenario in Punjab, where a major share of agricultural workforce has shifted to non-agricultural sectors since 1991. The book gives an extensive preview of the impact of mechanized intensive commercial grain farming on the agricultural labour absorption in Punjab, particularly after the economic liberalization of 1990s. The book has attempted to understand the various facets of change in different types of agricultural labour at the tehsil and district level in the state. It majorly focuses on the analysis and interpretation of primary data pertaining to crop-wise, farm size-wise and agro-climatic region-wise absorption of different types of labour in various operations of crop farming and allied agricultural activities in Punjab. It also provides information for formulating an area-specific policy on absorbing displaced agricultural labour in the state. Geographers, Economists and Sociologists concerned with the studies of agrarian labour will find this book useful and interesting.

UT Advisor Visits PU

Chandigarh October 12, 2021

            The Advisor to the Administrator, UT Chandigarh, Sh. Dharam Pal, visited Panjab University, Chandigarh today. Sh. Praveer Ranjan, the DGP, UT and Sh. Sarpreet Singh Gill, the Education Secretary accompanied him. Professor Raj Kumar, the Vice Chancellor of PU extended warm welcome to the dignitaries who were taken for a visit to Central Instrumentation Laboratory, Gandhi Bhavan, various offices located at Student Centre, Dr. Harvansh Singh Judge Institute of Dental Sciences & Hospital and Human Resource Development Centre located in North and South Campus of the University.

            The dignitaries from Chandigarh Administration were briefed about the teaching, research, technical and infrastructural facilities available in the University. The mutual interaction among members of both sides was highly fructuous in underlining strong relation and exchange of innovative practices between them which may go a long way to strengthen and develop the University.

            The other officials present during the visit included Prof. S.K.Tomar, Dean Research, Prof. Meena Sharma, Dean Student Welfare(Women), Prof. Anju Suri, Dean International Students, Prof. Sukhbir Kaur, Prof. Promila Pathak and other senior officials who interacted with the dignitaries.

Special Lecture by Women Studies, PU

Chandigarh October 12, 2021

            The Department cum Centre for Women’s Studies & Development (DCWSD) and Centre for Social Work (CSW), Panjab University Chandigarh, under the aegis of Azaadi ka Amrit Mahotsava organizex a special lecture  today on “Women in Indian Central Armed Police Forces: Status, Challenges and Prospects” by Dr. Akshat Mehta, University Dean & Associate Professor, Police Administration at Rashtriya Raksha University (An Institution of National Importance), Gujarat.

            Dr. Mehta through his holistic yet nuanced address traced the history and genesis of  women entering the police force during the pre-Independence era. He assessed the empowerment of women in Indian Central Armed Police Forces (CAPF) and analysed the status of police women in terms of their strength and position in the hierarchy. He further articulated that the number of Women personnel in CAPFs is a mere 3.32%, which is almost 1/3rd of the numbers as far as overall data on Women in India Police is concerned (10.30%) as per the Bureau of Police Research & Development, 2020 report. He lauded the comprehensive efforts made by CISF in this regard and welcomed the remedial steps undertaken by BSF, CRPF, ITBP, SSB among others. In particular, he was appreciative of NSG – the elite commando force, which is ushering in the winds of change by being more inclusive for women. 

            The strength of women in CAPFs also need to be seen from the prism of gender lens, as placement of women in the organizational hierarchy. The BPR&D data revealed that almost 82% of women in CAPFs are at the junior ranks of Constables and Head Constables only. He strongly reiterated that the issue of hierarchical distribution of women across ranks needs to be addressed for strengthening women empowerment in the truest sense of the term.

            Dwelling upon the multi-faceted challenges being faced by women in terms of mindset, manifestation of masculinity, societal barriers, institutional practices, behaviour of fellow men and women police personnel, glass ceiling, gender stereotypes,  he deliberated upon several key prospects including those emerging from dedicated efforts being made by the Union Ministry of Home Affairs, the Ministry under which CAPFs function. He concluded by stating that there are clear signs of strengthening of quantitative as well as qualitative indicators regarding empowerment of women in CAPFs, and motivated the students and researchers of both DCWSD and CSW to contribute towards the endeavour of gender sensitization and inclusive society.

            Earlier Dr. Rajesh Kumar Chander, Chairperson, DCWSD, in his welcome address emphasized the need for more Multidisciplinary research and special lectures as new knowledge lies at the intersections of disciplines. He further briefly highlighted the achievements of the Department in the realm of Women’s Studies & Women Empowerment.

            The erudite discourse concluded by a formal vote of thanks from Dr. Gaurav Gaur, Chairperson, Centre for Social work and the rich deliberations comprised of participants from NIPCCD, various faculty members ranging across the disciplines like Women’s Studies, Social Work, Laws, Management, English language, Sociology, and Police Administration, to name a few.

Webinar on Continued Challenges of Corona Pandemic: Learning from Experience by PU

Chandigarh October 11, 2021

            The Department of Microbiology, Panjab University, Chandigarh organized a webinar on the topic “Continued Challenges of Corona Pandemic: Learning from Experience.”

            Prof. V.R. Sinha, Dean University Instructions, Panjab University, Chandigarh in his inaugural address accentuated the fact that though the pandemic created a havoc throughout the country it also had some underlying positive effects. It was only due to the emergence of this pandemic that the world recognized the power of Indian pharmaceuticals.

            Prof. V.M. Katoch, former Director General, Indian Council of Medical Research (ICMR) summarized the experiences of the 20 months of COVID-19 in India. He discussed the major factors which contributed to India’s success in controlling the pandemic. According to him the India’s response to COVID-19 has been stupendous and inspiring across all levels of the country. Further in his talk Prof. Katoch discussed how lethargy, negligence and undue optimism after the first wave of COVID-19 resulted in the emergence of consecutive waves. He also underlined the part which various initiatives such as “Jagrukta abhiyan” played in empowering the population for prevention and timely management of COVID affected persons and discussed the key factors relevant for such awareness programs. He also talked about the importance of Ayurveda and yoga and the role they played in combating the post COVID complications. Prof. Katoch laid an emphasis on the correct use of mask, social distancing, personal hygiene and special care of person in high risk groups since these are the only things which can help in making the entire situation a little less complicated.

            Earlier, Dr. Deepak K. Rahi, Chairman, Department of Microbiology and the organizing secretary of the webinar gave a brief overview of the program and discussed how COVID-19 has deeply affected the society, health system, economy, and government worldwide. He highlighted the fact that a year and a half later there are still so many lessons to be learned from this once-in-a-generation phenomenon.

            Prof. Prince Sharma, summarized the discussions of the webinar in his concluding remarks.

            Dr. Seema Kumari, Assistant Professor, gave vote of thanks.

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में नेहा, सुनीता, मनप्रीत , प्रियंका की टीम ने प्राप्त किया प्रथम स्थान

सिरसा  (सतीश बंसल ) :

सी. एम. के. कन्या महाविद्यालय सिरसा में राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा गाँधी जयंती के अवसर पर विभाग की सहायक प्रवक्ता डा.ॅ सरोज गोयल व सुश्री नीलम रानी के दिशा-निर्देशन में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं से ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गाँधी की भूमिका‘‘ विषय संबंधी प्रश्न पूछे गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. नीना चुघ ने किया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गाँधी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। अत: अपने जीवन में गाँधी जी के आदर्शों व मूल्यों पर चलते हुए सदैव सत्य, अहिंसा, शांति व समानता जैसे विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए।

इस प्रतियोगिता में नेहा, सुनीता, मनप्रीत (एम.ए. हिन्दी द्वितीय वर्ष) व प्रियंका (बी.ए. द्वितीय) की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अनुबाला, बिन्दु, पूजा (एम.ए. हिन्दी द्वितीय वर्ष) की टीम ए तथा नेहा, अनु, हिमांशी (बी.ए. द्वितीय वर्ष) की टीम सी ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया और कांता देवी, रश्मिदेवी व मोनिका (एम.ए. हिन्दी द्वितीय वर्ष)  की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मंच संचालन रमनजीत, बिन्दु, मुस्कान व सुनीता (एम.ए. राजनीति विज्ञान द्वितीय वर्ष) ने किया तथा मोनिका, मुस्कान, खुशबू, पूजा व निशा ने संयोजन में भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. दीपिका शर्मा, डॉ. रति तिवारी, सुश्री जितेन्द्र कौर, डॉ. सीमा रानी व डॉ. सबीना गर्ग आदि सहायक प्रवक्ता भी मौजूद रहीं।