नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को नौकरियों की जरूरत के हिसाब से दी जाएगी नाॅलेज : डाॅ अनीता

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, यमुनानगर – 29 मार्च :

डीएवी गल्र्स काॅलेज के फैक्लिटी डवलेपमेंट सेल व एनईपी इंपलीमेंटेशन कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति और लागू करने विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। जिसमें कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के बायो-साइंस विभाग की प्रोफेसर डाॅ अनीता दुआ मुख्य वक्ता रहीं। काॅलेज प्रिंसिपल डाॅ मीनू जैन, एफडीपी सेल इंचार्ज डाॅ सुरिंद्र कौर व एनईपी कमेटी इंचार्ज संगीता गोयल ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

डाॅ अनीता ने कहा कि यूनिवर्सिटी की ओर से दिए गए करिकुलम के हिसाब से विद्यार्थियों को जो पढाया जा रहा है। इससे उन्हें ज्ञान तो मिल रहा है, लेकिन उसे वे वास्तविक जीवन में अप्लाई नही ंकर पा रहे।  पेपर चेकिंग के दौरान भी उसी ज्ञान की जांच की जाती है। वास्तविक जीवन में विद्यार्थी को कितना फायदा हुआ, इसका मूल्यांकन नहीं किया जा रहा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि प्रथम श्रेणी में एमएससी कैमिस्ट्री पास युवक को फसल में लगी बीमारी के समाधान की जानकारी नहीं है, तो साबित होता है कि उसने  पढाई को वास्तविक जीवन में अप्लाई नही किया। विद्यार्थियों को जो पढाया जा रहा है, वह अलग है, जबकि नौकरी के लिए अलग चीजों की जरूरत रहती है। जिसे विद्यार्थी कोेचिंग सेंटर में जाकर सीख रहा हैं। नौकरी की जरूरत के हिसाब से कैरिकुलम यानि पाठ्यक्रम तैयार होने चाहिए।

डाॅ दुआ ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू होने से विद्यार्थियों को नौकरियों की जरूरत के हिसाब से नाॅलेज प्रदान की जाएगी। पढाई का तरीका बदल जाएगा। विद्यार्थी पढी हुई चीजों को दैनिक जीवन में अप्लाई कर सकेंगे। फिलहाल क्लास रूम में जो पढाया जा रहा है, उसे विद्यार्थी गुगल की मदद से भी अर्जित कर लेता है। लेकिन अब टीचर्स को ऐसी चीजें पढानी पडेगी, जिन्हें वह गुगल से नहीं सीख सकता। विद्यार्थियों को ज्यादा प्रैक्टिकल नाॅलेज दी जाएगी। वे खुद-ब-खुद प्रेजेंटेशन दे सकेंगे और बेहतर ढंग से असाइनमेंट तैयार कर सकेंगे।

डाॅ मीनू जैन ने डाॅ अनीता का आभार व्यक्त किया और कहा कि काॅलेज नई शिक्षा नीति को लागू करने में समर्थ है। अगर कोई भी चैलेंज आएगा, तो उसके लिए भी काॅलेज पूरी तरह से तैयार है।