महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक जारी

एनसीपी की बैठक में धनंजय मुंडे भी भाग लेने पहुंचे. मुंडे ने ही अजित पवार के साथ विधायकों को अपने पक्ष में किया और बीजेपी के समर्थन के लिए उन्हें तैयार किया. अब वही मुंडे एनसीपी की बैठक में भाग लेने पहुंचे. मुंडे अजित पवार के खास बताए जाते हैं.

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक जारी है. एनसीपी ने अजित पवार पर बड़ी कार्रवाई की है. अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटाया गया है. दिलीप वलसे पाटिल बने एनसीपी विधायक दल के नए नेता चुने गए हैं. एनसीपी चीफ शरद पवार ने 48 विधायकों के साथ अपने आवास में बैठक की. 6 विधायक मीटिंग से नदारद रहे. सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के साथ तीन विधायक हैं. उधर, अजित पवार ने कहा वह अपने निर्णय से पीछे नही हटेंगे.

अजित पवार ने उन्हें मनाने आए एनसीपी के नेता हसन मुशरिफ, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल को साफ शब्दों में कहा कि वह अपने निर्णय से पीछे नही हटेंगे. पार्टी को बचाना है तो एनसीपी बीजेपी को सपोर्ट करे. वर्ना कुछ विधयक जो मीटिंग में आ रहे हैं, वह लगातार बीजेपी के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर एनसीपी को टूट से बचाना है तो बीजेपी को सपोर्ट करना होगा. 

एनसीपी की बैठक में धनंजय मुंडे भी भाग लेने पहुंचे. मुंडे ने ही अजित पवार के साथ विधायकों को अपने पक्ष में किया और बीजेपी के समर्थन के लिए उन्हें तैयार किया. अब वही मुंडे एनसीपी की बैठक में भाग लेने पहुंचे. मुंडे अजित पवार के खास बताए जाते हैं. इनके पीए फडणवीस की शपथ ग्रहण समरोह में भी दिखाई दिए थे. महाराष्ट्र के बीड इलाके से चुनाव जीतकर आए हैं. बीजेपी की धाकड़ नेता और अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे को चुनाव मे हराया है.

अजित पवार को मनाने की कोशिश जारी है. सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के साथ सिर्फ 5 विधायक रहे गए है जिनके नाम बालासाहेब पाटिल, अनिल पाटिल, नरहरि जिरवाल, धनंजय मुंडे और दौलत दरोडा शामिल हैं. अजित अगर नहीं मानें तो पार्टी उन पर कार्रवाई करेगी. उधर, शिवसेना के सभी नाराज, क्रोधित, उदास और मायूस विधायकों को सांत्वना देने और उनकी हिम्मत बनाए रखने के लिए उद्धव ठाकरे ललित होटल पहुंचे. विधायकों के साथ बैठक की. शिवसेना के 56 विधायक बैठक में पहुंचे. 4 निर्दलीय विधायक भी बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे

कांग्रेसी नेता विजय वडेटटीवार के घर पर आए विधायक में से कुछ विधायक दो कार में बैठकर रवाना हुए. पूछने पर कोई जानकारी नहीं दी. यानी कांग्रेस पार्टी के विधायको को आदेश दिया गया है कि वो अपनी लोकेशन के बारे में कुछ ना बताएं. सूत्रों का कहना है कि इन विधायको को गुप्त तरीके से मुंबई के बाहर ले जाने की तैयारी हो रही है.

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 23.11.2019:

One arrested under NDPS Act

Chandigarh Police arrested Buta Singh @ Vicky R/o #477, Gali No. 3, Ravidass, Mohalla, Burail, Chandigarh 22.11.2019, from Sector 44/45 light point and recovered 7.30 gram heroin from his possession. A case FIR No. 287, U/S 21 NDPS Act has been registered in PS-34, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

13 persons arrested for consuming liquor at public places

        13 different cases U/S 68-1(B) Punjab Police Act 2007 & 510 IPC has been registered in PS-17, PS-19, PS-I/Area, PS-MM, PS-36, PS-34, PS49 & PS-39  Chandigarh against 12 persons who were arrested while consuming liquor at public places on 22.11.2019. Later they were released on bail.

Assault

          Balwinder Singh R/o # 458, Sector 25, Chandigarh reported that Vijay, Rajat, Kala, Rahul all resident not known who beaten complainant infront of his residence on 21.11.2019. A case FIR No. 227, U/S 147, 148, 323, 324, 506 IPC has been registered in PS-11, Chandigarh. Complainant got injured and admitted in GH-16, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Burglary

          Madhu Sudan Sharma R/o # 5711, Sector 38, Chandigarh reported that unknown person stole away articles not estimated from his sister’s residence i.e. #146, Sector-36-A, Chandigarh on 22.11.2019 by breaking the lock. A case FIR No. 240, U/S 380, 457 IPC has been registered in PS-36, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Neeraj Saily R/o # 3390/1, Sector 40-D, Chandigarh reported that unknown person stole away gold ornaments after broken the locks of H. No.1101, Sector-40-B, Chandigarh on 22.11.2019. A case FIR No. 425, U/S 380, 457 IPC has been registered in PS-39, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Accident

A case FIR No. 296, U/S 279, 337 IPC has been registered in PS-I/A, Chandigarh on the statement of Chhote Lal R/o # 267/1, Maloya Part-1, Small Flats, Chandigarh against driver of car No. PB30K-5200, who hit to complainant (pedestrian) near Gate No.2, Elante Mall, Ind. Area, Chandigarh on 12.11.2019.  Complainant and girl got injuries and admitted in GMCH-32, Chandigarh.  Investigation of the case is in progress.

रात 11:45 से सुबह 8:40 तक जब बाज़ी पलट गयी

नयी दिल्ली(ब्यूरो):  महाराष्ट्र में शनिवार सुबह सबको चौंकाते हुए बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी के अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली. करीब साढ़ें आठ घंटे में बाजी शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी से निकल कर बीजेपी के हाथ में आ गई. जाने इन घंटों में कब – क्या-  हुआ..

– शुक्रवार रात लगभग 11.45 बजे अजीत पवार-बीजेपी में सौदा हुआ.
– लगभग 11.55 बजे फडणवीस ने पार्टी से बात की और शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के दावा करने से पहले शपथ ग्रहण करने का आग्रह किया.
– रात 12.30 बजे मुंबई से दिल्ली जाने के लिए तैयार राज्यपाल ने अपनी यात्रा रद्द की.
– रात 2.10 बजे राज्यपाल के सचिव को कहा गया कि तड़के 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दाखिल करे और 6.30 बजे शपथ ग्रहण कराने का प्रबंध कराने का प्रबंध करें.
– रात 2.30 बजे सचिव ने सूचित किया कि वह दो घंटों में फाइल दाखिल कर देंगे और 7.30 बजे शपथ ग्रहण करने की उन्होंने सलाह दी.
– शुक्रवार रात 11.45 बजे से शनिवार सुबह नौ बजे तक अजीत फडणवीस के साथ रुके और शपथ ग्रहण से पहले उन्हें नहीं जाना था.
– सुबह 5.30 बजे अजीत और फडणवीस राजभवन पहुंचे.
– सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाया गया, लेकिन इसकी घोषणा नौ बजे की गई.
– सुबह 7.50 बजे राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने शपथ ग्रहण शुरू कराया.
– सुबह 8.10 बजे प्रतिक्रियाएं आनी शुरू.
– सुबह 8.40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को बधाई दी.

कॉंग्रेस क वजह से कोई देर नहीं हुई: अहमद पटेल

अहमद पटेल ने सफाई दी कि गठबंधन बनने में कांग्रेस की वजह से कोई देरी नहीं हुई. दिन फ़ोन के बाद ही हम यहाँ पहुंच गए हमारी तरफ से देरी नहीं हुई ,प्रक्रिया में जो समय लगना चाहिए था वही लगा. एक दो मुद्दों पर ज्यादा चर्चा की जरूररत थी इसलिए हम 12 बजे मिलने वाले थे.

नयी दिल्ली (ब्यूरो):

बीजेपी सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शनिवार सुबह बिना बैंड बाजे के सीएम पद की शपथ हुई है. कांग्रेस ने कहा कि यह महाराष्ट्र के इतिहास का काला दिन है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार बनने का ठीकरा एनसीपी पर थोपते हुए कहा कि जो हुआ वह एनसीपी की वजह से हुआ.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना गठबंधन की ही सरकार बनेगी. बीजेपी सरकार को विश्वास मत में हराएंगे. उन्होंने कहा कि गठबंधन पर हमारी तरफ से कोई देरी नहीं हुई. अहमद पटेल ने दावा किया कांग्रेस विधायक नहीं टूटने वाले हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक और कानून दोनों लड़ाई लड़ेगी. अहमद पटेल ने कहा कि बीजेपी को हराने के लिए शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी साथ हैं.

अहमद पटेल ने सफाई दी कि गठबंधन बनने में कांग्रेस की वजह से कोई देरी नहीं हुई. दिन फ़ोन के बाद ही हम यहाँ पहुंच गए हमारी तरफ से देरी नहीं हुई ,प्रक्रिया में जो समय लगना चाहिए था वही लगा. एक दो मुद्दों पर ज्यादा चर्चा की जरूररत थी इसलिए हम 12 बजे मिलने वाले थे. इससे पहले आज सुबह जो कांड हुआ उसकी आलोचना करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. एनसीपी से कुछ लोग बाहर निकले, उन्होंने एक लिस्ट दे दी.

बता दें इससे पहले शिवसेना और एनसीपी ने भी एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे और शरद पवार मौजूद थे. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि बीजेपी और अजित पवार सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे, अंतिम बाजी हम ही जीतेंगे. शरद पवार ने कहा कि हम बीजेपी के सख्त खिलाफ है. उन्होंने फिर दोहराया कि अजित पवार ने खुद बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया. शरद पवार ने कहा है कि यह सुबह ही पता चल गया था कि कोई दूसरा सरकार बनाने जा रहा है.

शरद पवार ने कहा कि कुछ विधायकों को सुबह अजित पवार ले गए जबकि इन विधायकों को यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें किस लिए ले जा जाया जा रहा है. इस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ एनसीपी विधायकों ने अपनी बात भी रखी.

वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘आज जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि अब सीधे ही सरकार बनवानी चाहिए. ‘

कभी हाँ कभी न के बाद महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार, अजीत पवार उपमुख्यमंत्री

शिवसेना 5 साल तक अपने मुख्‍यमंत्री के फॉर्मूले पर टिकी थी. लिहाज़ा, उद्धव ठाकरे की ये जिद तीनों दलों की साझा न्‍यूनतम कार्यक्रम के तहत सरकार नहीं बनवा पाई. बताया जा रहा है कि अजीत पवार भी दो उपमुख्यमंत्री पद के खिलाफ थे और इन्‍हीं सारे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई.

नयी दिल्ली(ब्यूरो) : महाराष्‍ट्र में शनिवार सुबह बड़े सियासी उलटफेर के तहत बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार के समर्थन से सरकार बना ली और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ले ली. दोनों दलों ने महज कुछ घंटों में सरकार गठन की वह रणनीति तय ली, जो चुनावी परिणाम के करीब 29 दिन बीतने के बाद भी शिवसेना और कांग्रेस, एनसीपी के साथ मिलकर तय नहीं कर पा रहे थे. अभी तक शिवसेना और कांग्रेस के साथ गहन चर्चा में मुख्‍य केंद्र बिंदु के रूप में शामिल रहे एनसीपी के अजित पवार ने अचानक पासा पलटा और 30वें द‍िन की सुबह-सुबह बीजेपी के साथ मिलकर राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी के समक्ष शनिवार सुबह-सुबह सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. फिर क्‍या था… दोनों दलों के पास बहुमत का आंकड़ा होने और बीजेपी द्वारा अजित के सहयोग से सरकार बनाने का समर्थन पत्र दिए जाने के बाद राज्‍यपाल ने दोनों दलों को सरकार बनाने की अनुमति दे दी और राजभवन में ही फडणवीस और अजित पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवा दी.

दरअसल, शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस द्वारा मिलकर सरकार गठन किए जाने के मसले पर लगातार बैठकों के दौर के बावजूद पेंच फंसे रहे. सबसे ज्‍यादा अडंगे शिवसेना की तरफ से लगे हुए थे. सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने पूरे पांच साल शिवसेना के मुख्यमंत्री पद पर अड़े हुए थे, जबकि शरद के साथ-साथ अजित पवार इससे नाराजी थे. शुक्रवार को शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की दो घंटे लंबी चली महत्वपूर्ण बैठक में भी शिवसेना ने यही शर्त रखी थी. हालांकि शरद पवार भी इस पर पूर्णत: सहमत नहीं थे. वे एनसीपी का ढाई साल का सीएम चाहते थे और बैठक में यही मसला पेंच बन गया, जिसकी वजह से बैठक बेनतीजा रही. 

बताया जा रहा है कि अजीत पवार भी दो उपमुख्यमंत्री पद के खिलाफ थे और इन्‍हीं सारे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई.

शिवसेना 5 साल तक अपने मुख्‍यमंत्री के फॉर्मूले पर टिकी थी. लिहाज़ा, उद्धव ठाकरे की ये जिद तीनों दलों की साझा न्‍यूनतम कार्यक्रम के तहत सरकार नहीं बनवा पाई. 

शुक्रवार को हुई बैठक में भी कांग्रेस और एनसीपी ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत कुल 27 मुद्दों की फेहरिस्त शिवसेना के सामने रखी थी, जिसमें कट्टर हिंदुत्‍व के मुद्दों पर शिवसेना को खामोशी की हिदायत दी गई थी और कहा गया कि सरकार चलाने के दौरान नीतियों के खिलाफ टिप्पणी नहीं करेंगे. 

उधर, शिवसेना के एक सूत्र का भी कहना था कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के प्रस्ताव पर सोचने के लिए समय मांगा था और वह इस पर राकांपा-कांग्रेस को शनिवार सुबह तक सूचित कर सकते थे, लेकिन वह ऐसा न कर पाए. यानि इस मसले पर कोई सहमति न बन पाई.

उद्धव ने कहा था, “विस्तृत चर्चा की गई और सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई मुद्दा छूटे नहीं. चर्चा अभी भी जारी है. जब हर चीज को अंतिम रूप दे दिया जाएगा तो हम आप से साझा करेंगे.”

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि शुक्रवार की चर्चा काफी सकारात्मक रही. चव्हाण ने कहा, “वार्ता अभी पूरी नहीं हुई है..यह कल भी जारी रहेगी.” राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी यही बात कही और कहा कि सभी चीजों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद मीडिया को सूचित किया जाएगा.